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दिल्ली विधानसभा: 'गुरुओं के अपमान' वाले वीडियो को FSL ने बताया सही, अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आतिशी को घेरा

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि FSL रिपोर्ट में सदन की रिकॉर्डिंग को सही पाया गया है और इसमें कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है.

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : January 17, 2026 at 10:56 AM IST

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Updated : January 17, 2026 at 1:09 PM IST

7 Min Read
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नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा में 'गुरुओं की बेअदबी' से जुड़े एक विवादित वीडियो की जांच रिपोर्ट अब सार्वजनिक हो गई है. दिल्ली फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया और विधानसभा के रिकॉर्ड में दर्ज किया गया वीडियो पूरी तरह वास्तविक है और इसके साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है. इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद दिल्ली विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तीखा हमला बोला है.

FSL रिपोर्ट में 'वीडियो और वर्बेटिम' में कोई अंतर नहीं

शनिवार सुबह अपने निवास पर दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी की रिपोर्ट ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया है. गुप्ता ने बताया, "FSL की रिपोर्ट पुष्टि करती है कि वीडियो और विधानसभा का लिखित रिकॉर्ड (वर्बेटिम) बिल्कुल एक समान हैं. वीडियो के विजुअल्स और ऑडियो के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ या 'डॉक्टरिंग' नहीं की गई है." उन्होंने आगे कहा कि यह रिपोर्ट उन दावों को खारिज करती है जिनमें कहा गया था कि वीडियो को एडिट करके नेता विपक्ष आतिशी की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है. रिपोर्ट के अनुसार, सदन के भीतर जो शब्द कहे गए, वीडियो ठीक उसी का प्रतिनिधित्व करता है.

आतिशी ने किया गुरुओं का अपमान: विजेंद्र गुप्ता

विजेंद्र गुप्ता ने सीधे तौर पर नेता विपक्ष आतिशी को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाई है. गुप्ता ने कहा, "दिल्ली विधानसभा के भीतर जिस तरह से आतिशी मारलेना ने गुरुओं के संदर्भ में अपमानजनक टिप्पणी की, वह अक्षम्य है. यह केवल एक राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था पर प्रहार है." गुप्ता ने प्रेस वार्ता में तर्क दिया कि जब सदन का आधिकारिक रिकॉर्ड और फोरेंसिक रिपोर्ट एक ही बात कह रहे हैं, तो अब आतिशी के पास बचने का कोई रास्ता नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार लगातार संवैधानिक और धार्मिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रही है.

जानिए क्या ही विवाद की पृष्ठभूमि

यह पूरा विवाद दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान शुरू हुआ था, जहां आतिशी के एक भाषण का हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. भाजपा के विधायक और मंत्रियों ने दावा किया कि उस वक्तव्य में सिख गुरुओं या धार्मिक प्रतीकों के प्रति 'अमर्यादित' भाषा का उपयोग किया गया था. सत्ता पक्ष ने तब इन आरोपों को निराधार बताते हुए वीडियो को फर्जी करार दिया था, जिसके बाद इसकी वैज्ञानिक जांच कराई गई थी. विजेंद्र गुप्ता ने कहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर नेता विपक्ष को तुरंत सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने संकेत दिए कि इस मुद्दे को आगामी सत्र में फिर से उठाएंगे और सदन की विशेषाधिकार समिति के पास भी ले जा सकते हैं.

आम आदमी पार्टी का पक्ष

विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता पर पलटवार करते हुए आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कपिल मिश्रा की फर्जी वीडियो पर एक शब्द नहीं बोले विधानसभा अध्यक्ष. इनकी फॉरेंसिक रिपोर्ट में भी नहीं गुरु शब्द कर प्रयोग नहीं आया. इनकी फॉरेंसिक रिपोर्ट से साफ हुआ आतिशी ने गुरु शब्द नहीं बोला है.

वीडियो पर हो सकती है सीबीआई जांच: विजेंद्र गुप्ता

विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ताने कहा कि 8 जनवरी 2026 को दिल्ली विधानसभा के सदन में विपक्ष की मांग पर सदन की रेकॉर्डिंग को फॉरेंसिक साइंस लैब को भेजा गया. इसकी रिपोर्ट आ गई है. लैब ने ऑडियो और विडियो की जांच की है. इसकी गहन जांच हुई है. सारे फैक्ट्स को ध्यान में रखकर नियम और कानून का खयाल रखा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रांसक्रिप्शन और वर्बिटम और ऑडियो-विडियो सेम है. इसमें कोई छेड़छाड़ नहीं है. दोनों पक्षों को कमरे में बुलाया था. वहां विपक्ष की ओर से मांग आई कि फॉरेंसिक जांच होनी चाहिए. हैरानी की बात है कि विपक्ष की मांग पर फॉरेंसिक जांच का फैसला हुआ. जब जांच के लिए विडियो गई, तो अचानक 9 जनवरी को खबर आती है कि पंजाब सरकार ने जांच करा ली. रिपोर्ट आ गई और एफआईआर भी आ गई. ये नाटकीय घटनाक्रम हुई.

उन्होंने कहा कि गंभीर सवाल है कि पंजाब में फॉरेंसिक जांच किसने की? क्या ये पंजाब सरकार के अधीन है या नहीं. नेता प्रतिपक्ष के पास जब राजनीतिक जवाब नहीं बना, तब पंजाब सरकार ने सियासी दबाव का इस्तेमाल कर राज्य एजेंसियों को आगे किया. फिर कोर्ट से अंतरिक आदेश हासिल किया. नेता प्रतिपक्ष सदन से गायब हो गईं. उन्हें तुरंत जवाब देना चाहिए था. ये बड़ा सवाल है कि कौन सी विडियो का संज्ञान लिया.? किस डिवाइस से निकला? कहां से लिया गया? उसकी सच्चाई के लिए दिल्ली विधानसभा से संपर्क क्यों नहीं किया? जब दिल्ली विधानसभा से जांच भेज दी गई, तो सामानांतर जांच क्यों की? पंजाब में हो रहे घटनाक्रम पर सीबीआई की जांच करवाएंगे.

वीरेंद्र सचदेवा ने भारद्वाज पर साधा निशाना

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि सौरभ भारद्वाज की यह टिपण्णी बेहद खतरनाक है और कहीं ना कहीं यह दर्शाती है कि "आप" नेतृत्व पंजाब में खोती राजनीतिक भूमी को देखते हुए दंगा करवा कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ सकता है. उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता द्वारा रखी गई जांच रिपोर्ट वैधानिक है. क्योंकि यह विधानसभा की मूल रिकोर्डिंग की जांच पर आधारित है अतः इस रिपोर्ट पर किसी भी संदेह की गुंजाइश नही है.

स्पीकर ने विधानसभा की मर्यादा तोड़ी: अनुराग ढांडा

आप पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्ता में कहा कि दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने खुद विधानसभा की मर्यादा को भंग किया है. उन्होंने कहा कि प्रिविलेज कमेटी स्पीकर के अधीन आती है, लेकिन स्पीकर ने फॉरेंसिक रिपोर्ट पर अपना राजनीतिक निष्कर्ष पहले ही मीडिया के सामने रख दिया. यह ठीक वैसा ही है जैसे कोई जज सुनवाई से पहले ही फैसला सुना दे. स्पीकर ने फॉरेंसिक रिपोर्ट को तोड़-मरोड़कर पेश किया और यह नहीं बताया कि रिपोर्ट में ‘गुरु’ शब्द को लेकर क्या जांच हुई. उन्होंने कहा कि जालंधर कोर्ट में जमा फॉरेंसिक रिपोर्ट साफ कहती है कि संबंधित ऑडियो में ‘गुरु’ शब्द का इस्तेमाल नहीं हुआ है, जबकि दिल्ली की फॉरेंसिक रिपोर्ट इस शब्द को लेकर पूरी तरह साइलेंट है. इससे साफ है कि आम आदमी पार्टी शुरू से जो कह रही थी, वही सच है.

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Last Updated : January 17, 2026 at 1:09 PM IST