दिल्ली: अंबेडकर हॉस्पिटल में 3 महीने से समय पर नहीं मिल रहा वेतन, सफाई कर्मियों ने दी हड़ताल की चेतावनी
दिल्ली के अंबेडकर हॉस्पिटल प्रबंधन की लापरवाही, तीन महीनें से समय पर वेतन नहीं मिलने के बाद सफाई कर्मचारियों ने अस्पताल प्रबंधन को दिया अल्टीमेटम

Published : December 24, 2025 at 1:20 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली के अंबेडकर हॉस्पिटल से प्रबंधन की लापरवाही सामने आ रही है. यहां के सफाई कर्मचारियों को तीन महीनें से समय पर वेतन नहीं मिल रहा है. जिसको लेकर ये सफाई कर्मचारी कई बार धरना भी दे चुके हैं, प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई होती नहीं दिख रही. ऐसे में कर्मचारी अब अपने हक की सैलरी के लिए सड़कों पर बैठने को मजबूर है.
सफाई कर्मचारियों को समय पर नहीं मिल रहा वेतन: अंबेडकर नगर स्थित सरकारी अस्पताल में काम करने वाली सफाई कर्मचारी पिछले कई महीनों से अपनी सैलरी का इंतजार कर रहे हैं. कर्मचारियों का कहना है कि ना तो ठेकेदार सुनता है ना ही अस्पताल प्रशासन कोई साफ जवाब दे रहा है. सफाई कर्मचारियों ने बताया कि घर का किराया बच्चों की फीस और रोजमर्रा का काम चलना मुश्किल हो गया है. महीने बदल गए हैं लेकिन इन मेहनतकश कर्मचारियों की सैलरी आज तक उनके खातों में नहीं पहुंची.
सफाई कर्मचारियों ने दी हड़ताल पर जाने की धमकी : सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने की धमकी दी और कहा कि अगर सफाई कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं तो इसका सीधा असर मरीज और अस्पताल की व्यवस्था पर भी पड़ेगा. सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सफाई कर्मचारी इंसान नहीं है क्या? सरकारी अस्पतालों में काम करने वालों को समय पर मेहनताना देना सरकार की जिम्मेदारी नहीं है.
पूरे मामले पर अस्पताल प्रशासन ने साध रखी चुप्पी: कर्मचारियों के लिए अब तक इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रशासन की चुप्पी और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई ठोस बयान सामने नहीं आना उनकी चिंता और परेशानी और बढ़ा रहा है. ऐसे में राज्य सरकार और प्रशासन को चाहिए कि तुरंत इनका बकाया सैलरी जारी करें और आगे ऐसी स्थिति दोबारा ना बने इसके लिए पुख्ता व्यवस्था करें.
सफाई कर्मचारियों की परेशानी से सिस्टम पर सवाल: कोरोना काल से लेकर आज तक अपनी जान जोखिम में डालकर इन सफाई कर्मचारियों ने अस्पताल को साफ रखने में अपनी जिम्मेदारी पूरे संजीदगी से निभाई है अगर वही कर्मचारी भूखे रहने और अपने हाल पर रोने को मजबूर हो जाए तो यह सिस्टम पर बड़ा सवाल है.
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