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व्यायाम शिक्षकों के पद समाप्त किए जाने का विरोध तेज, प्रशिक्षित बेरोजगार 2 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास तक निकालेंगे महारैली

शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षित बेरोजगार लंबे समय से मांगों को लेकर लामबंद हैं. व्यायाम शिक्षकों का पद समाप्त किए जाने को लेकर वे मुखर हैं.

unemployed physical education
शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षित बेरोजगार मुखर (Photo-ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : August 27, 2026 at 8:12 AM IST

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Updated : August 27, 2026 at 2:49 PM IST

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देहरादून: उत्तराखंड में उच्चकृत विद्यालयों में व्यायाम शिक्षकों का पद समाप्त किए जाने का विरोध तेज हो गया है. शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन ने इसके खिलाफ 2 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास कूच किए जाने का ऐलान किया है. साथ ही प्रशिक्षित बेरोजगार ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा.

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चंद्र पांडेय का कहना है कि जहां एक तरफ उत्तराखंड सरकार नई शिक्षा नीति NEP -2020 लागू करने का दावा कर रही है. जिसमें शारीरिक शिक्षा को प्राथमिक से इंटरमीडिएट तक अनिवार्य विषय बताया गया है, वहीं दूसरी तरफ सरकार का दोहरा चरित्र सामने आ रहा है. उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रदेश में जो विद्यालय उच्चकृत किए गए, उनमें शारीरिक शिक्षा के पद को ही समाप्त कर दिया गया है. यह उत्तराखंड के नौनिहालों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है.

व्यायाम शिक्षकों के पद समाप्त किए जाने का विरोध तेज (Video-ETV Bharat)

जगदीश चंद्र ने कहा कि जिस आयु में बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने की सबसे ज्यादा जरूरत है, सरकार इस विषय के शिक्षक का पद खत्म कर रही है. जिसकी वजह से एक तरफ बच्चों में खेल, अनुशासन और स्वास्थ्य की भावना समाप्त होगी, तो वहीं दूसरी तरफ हजारों प्रशिक्षित शारीरिक शिक्षक बेरोजगारों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ होता. उन्होंने कहा कि इस फैसले का पूरी प्रदेश कार्यकारिणी जोरदार विरोध करती है.

उन्होंने मांग उठाई कि उच्चकृत विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा के पद को तुरंत बहाल किया जाए अन्यथा संगठन उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएगा. उन्होंने तर्क दिया कि अगर विद्यालयों में शारीरिक शिक्षक नहीं होगा तो बच्चों के स्वास्थ्य में इसका असर पड़ेगा. संगठन ने उच्चीकृत विद्यालयों में शारीरिक शिक्षक के पद तुरंत बहाल करने, प्रत्येक स्कूल में व्यायाम शिक्षक नियुक्त करने की मांग उठाई है. अगर ऐसा नहीं होता है तो 2 सितंबर को परेड़ ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास तक महारैली निकाली जाएगी.

गौरे हो कि देहरादून में शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षित बेरोजगार मांगों को लेकर लंबे समय से शिक्षा निदेशालय में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे रहे, लेकिन उनकी मांगों पर कोई गौर नहीं हुआ. प्रशिक्षित बेरोजगारों ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच भी किया था. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सुभाष रोड पर पुलिस हेडक्वार्टर से पहले बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया था.

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Last Updated : August 27, 2026 at 2:49 PM IST