FB पर दिखा शेयर बाजार का विज्ञापन, क्लिक किया और अकाउंट से खाली हो गए ₹35 लाख
विज्ञापन को क्लिक किया तो उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया, इसके बाद शुरू हुआ साइबर ठगी का सिलसिला

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 19, 2026 at 10:26 AM IST
देहरादून: उत्तराखंड में साइबर ठगी के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. पुलिस द्वारा जागरूक करने के बावजूद लोग साइबर ठगों के जाल में फंसकर अपनी जिंदगी भर की जमा पूंजी गंवा दे रहे हैं. इस बार दून निवासी व्यक्ति को साइबर ठगों ने निवेश का झांसा देकर स्टैंडर्ड चार्टर्ड सिक्योरिटीज इंडिया लिमिटेड फर्म के नाम का इस्तेमाल कर लाखों रुपए साइबर ठगी कर डाली. पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम कंट्रोल पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज किया गया है.
शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी: अजबपुर खुर्द निवासी राजाराम भट्ट ने साइबर क्राइम पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है कि 7 दिसंबर 2025 को उन्हें फेसबुक पर ट्रेडिंग से संबंधित एक विज्ञापन दिखा. उन्होंने जब विज्ञापन को क्लिक किया तो उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया. ग्रुप की एडमिन यालिनी गुहा ने खुद को स्टैंडर्ड चार्टर्ड सिक्योरिटीज की टीम का हिस्सा बताया और सेबी का फर्जी पंजीकरण नंबर दिखाकर विश्वास जीता. साइबर ठगों ने पीड़ित को एक एडवांस्ड ग्रुप में शामिल किया, जहां गौरव दुआ नाम के व्यक्ति ने खुद को प्रोफेसर बताकर स्टॉक्स और आईपीओ में निवेश करने के टिप्स देता था.
अलग-अलग फर्मों में ट्रांसफर करवाई रकम: ग्रुप के अन्य सदस्य लगातार अपने मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा करते थे, जो आशंका है कि वह साइबर ठगों के साथी थे. साइबर ठगों ने निवेश की सीमा और सेबी नियमों का हवाला देकर पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 34 लाख 75 हजार रुपए जमा ट्रांसफर करवा दिए. पीड़ित से धनराशि गाजियाबाद, पुणे, सिकंदराबाद और विजयवाड़ा स्थित अलग-अलग फार्मों के खातों में ट्रांसफर करवाई गई.
पैसे निकालने चाहे तो उड़े होश: उसके बाद जब पीड़ित ने 6 फरवरी 2026 को अपने एप से 40 लाख रुपए रुपए की निकासी का अनुरोध किया, तो वह रिजेक्ट हो गई. पीड़ित ने जब ग्रुप एडमिन से संपर्क किया तो साइबर ठगों ने सर्विस फीस के नाम पर 10 लाख 93 हजार रुपए की और मांग की है. लेकिन पीड़ित ने पैसा देने से इन्कार कर दिया तो पीड़ित को ग्रुप से ब्लॉक कर दिया गया. तब जाकर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ.
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा: साइबर क्राइम कंट्रोल एएसपी कुश मिश्रा ने बताया है कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. साथ ही पीड़ित द्वारा जिन खातों में धनराशि ट्रांसफर की गई है, उन खातों की जांच की जा रही है.
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने जनता से अपील की है कि-
साइबर ठगी से ऐसे बचें
- किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरों, फर्जी साइट, धनराशि दोगुना करने और टिकट बुक करने वाले अंजान अवसरों के प्रलोभन में न आएं
- फर्जी निवेश ऑफर जैसे YouTube like सब्सक्राइब, टेलीग्राम आधारित निवेश, वेबसाइट ऑफर में निवेश न करें
- किसी भी अंजान व्यक्ति से सोशल मीडिया पर दोस्ती न करें
- अंजान कॉल आने पर लालच में न आएं
- कॉलर की सत्यता की जांच करे बिना किसी भी प्रकार की सूचना और दस्तावेज न दें
- ऑनलाइन जॉब के लिए एप्लाई कराने से पहले साइट का पूरी तरह वेरिफिकेशन सम्बन्धित कम्पनी आदि से करा लें
- गूगल से किसी भी कस्टमर केयर नम्बर को सर्च न करें
साइबर ठगी होने पर 1930 नम्बर पर सम्पर्क करें: तेजी से बढ़ रहे इन्वेस्टमेंट स्कैम्स ने लाखों लोगों को अपना शिकार बनाया है. स्कैमर्स वेबसाइट्स और नकली रिव्यू प्रोग्राम्स के माध्यम से लोगों को पहले छोटे-छोटे इनाम देकर भरोसा जीतते हैं. फिर धीरे-धीरे उन्हें भारी रकम निवेश करने पर मजबूर कर देते हैं. कम समय में अधिक लाभ के चक्कर में इन्वेस्ट ना करें. साथ ही शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें. वित्तीय साइबर अपराध घटित होने पर तुरन्त 1930 नम्बर पर सम्पर्क करें.
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