प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मारपीट मामले में एक्शन, हिस्ट्रीशीटर समेत चार आरोपी गिरफ्तार
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक पर हुए कथित हमले के मामले में पुलिस ने अहम गिरफ्तारियां की है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 23, 2026 at 11:52 AM IST
देहरादून: प्रारंभिक शिक्षा निदेशक कार्यालय में सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट और तोड़फोड़ के आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. घटना में शामिल हिस्ट्रीशीटर समेत 4 आरोपियों को थाना रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस द्वारा चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज गया है.
थाना रायपुर प्रभारी गिरीश नेगी ने बताया है कि घटना में पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों, प्राप्त साक्ष्यों और वीडियो फुटेजों के आधार पर घटना में शामिल आरोपियों की पहचान करते हुए हिस्ट्रीशीटर अरविंद पुंडीर उर्फ कल्ली समेत लक्ष्मण नवानी, राकेश थपलियाल और अक्षय राणा को गिरफ्तार किया है. साथ ही पुलिस द्वारा चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है.
बता दें कि, विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थकों द्वारा प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में निदेशक अजय कुमार नौडियाल से कथित मारपीट व तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज किए हैं. पहला मुकदमा पीड़ित निदेशक अजय कुमार नौडियाल की शिकायत पर विधायक और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ है. जबकि दूसरा मुकदमा विधायक के गनर की शिकायत पर निदेशालय के कुछ अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज किया गया है.
शनिवार 21 फरवरी को रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत ननूरखेडा स्थित प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक कार्यालय में विधायक रायपुर उमेश शर्मा काऊ और अन्य साथियों के साथ रायपुर क्षेत्र में बने एक विद्यालय का नाम निशुल्क भूमि दान करने वाले दाताओं के नाम पर रखे जाने के मामले में पहुंचे थे.
अन्य व्यक्तियों द्वारा निदेशक प्रारंभिक शिक्षा से वार्ता की जा रही थी. इस दौरान हुए विवाद में कुछ व्यक्तियों ने निदेशक कार्यालय में अराजकता फैलाते हुए कार्यालय में रखी कुर्सियां और अन्य सामान को इधर-उधर फेंकते हुए तोड़फोड़ की गई. घटना में कार्यालय में मौजूद कुछ लोगों को चोटें आई. जिसके बाद घटना के संबंध में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल द्वारा थाना रायपुर में दी तहरीर गई और उसमें संलग्न मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लोक सेवक के कार्यों में बाधा डालकर चोट पहुंचाना, बलवा, सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाना, जान से मारने की धमकी देना और गाली गलौज कर अपमानित करना, बीएनएस की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया था.
साथ ही संबंधित प्रकरण में ही विधायक उमेश शर्मा काऊ की सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल सुशील रमोला द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर चोट पहुंचाना, परिरोध करना, हमला करना और गाली गलौज कर अपमानित करना, बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था.
पढ़ें-

