भिक्षावृत्ति छोड़ मुख्यधारा से जुड़े 154 बच्चे, कईयों का स्कूल में एडमिशन, पढ़िये पूरी खबर
जिला प्रशासन ने आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर बनाकर भिक्षावृति, बालश्रम से जुड़े करीब 154 बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ा है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : December 27, 2025 at 6:01 PM IST
देहरादून: भिक्षावृत्ति से रेस्क्यू किए गए 27 बच्चों को शनिवार को इंटेंसिव केयर सेंटर से विभिन्न स्कूलों में एडमिशन दिलाया गया है. अभी तक भिक्षावृत्ति, बाल श्रम और कूड़ा बिनने में शामिल रहे 276 बच्चों को रेस्क्यू किया गया है. इनमें से 154 बच्चों को पढ़ाई जैसी जरूरी मुख्य धारा से जोड़ा गया है.
आज आढ़त बाजार स्थित साधुराम इंटर कॉलेज में जिलाधिकारी ने 27 और बच्चों को स्टेशनरी और स्कूल यूनिफॉर्म प्रदान करके अलग-अलग स्कूलों में प्रवेश दिलाया है. इनमें से 10 बच्चों का एडमिशन प्राथमिक विद्यालय परेड ग्राउंड और 17 बच्चों का एडमिशन साधु राम इंटर कॉलेज में कराया गया है. इस मौके पर डीएम सविन बंसल ने कहा समाज में ऐसे कई परिवार हैं जो किसी कारणवश मुख्य धारा से वंचित रह जा रहे हैं. ऐसे वंचित परिवारों से जुड़े बच्चों को मुख्य धारा में लाने के लगातार प्रयास किया जा रहे हैं.
डीएम सविन बंसल ने कहा परिस्थितियां भले ही कैसी भी हो लेकिन बच्चों की पढ़ाई को पूरा करना ही लक्ष्य है. उन्होंने कहा भिक्षावृत्ति व बाल श्रम से जुड़े बच्चों को अगर सीधे स्कूल में डालने से पहले व्यवहार परिवर्तन किया जाना जरूरी है. जिससे ऐसे बच्चे दोबारा अपनी पुरानी एक्टिविटी में ना जा पायें. बच्चों के अभिभावकों को समझाने से लेकर बच्चों में व्यवहार परिवर्तन किये जाने प्रक्रिया में तीन से चार माह लग जाते हैं.
उन्होंने कहा बच्चों को मानसिक रूप से सशक्त बनाकर विभिन्न सरकारी स्कूलों में दाखिल कर दिया जाता है. इस प्रोजेक्ट को तीन चरणों में बांटा गया है. पहला चरण रेस्क्यू एंड रिकवरी है. जिसमें तीन डेडिकेटेड वाहन देहरादून के मुख्य चौक चौराहों में पेट्रोलिंग करते हैं. अगर कोई बच्चा भिक्षा मांगते हुए पाया जाता है तो उसे आईसीसी केंद्र लाया जाता है. जिसे दूसरा चरण कहा जाता है. जहां पर उसे तीन से चार महीने खेल कूद से संबंधित एक्टिविटी कराकर बच्चों को मानसिक रूप से सशक्त किया जाता है. उसके बाद तीसरे चरण में इंटेंसिव केयर से हटाकर उन्हें शिक्षक की निगरानी में पढ़ाई के लिए स्कूल में शिफ्ट कर दिया जाता है.
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