देहरादून कोरोनेशन अस्पताल में दर्द से कराहती रही युवती, अब खंगाले जा रहे रिकॉर्ड
देहरादून कोरोनेशन जिला अस्पताल में दर्द से कराहती युवती का वीडियो सामने आने से मचा हड़कंप, अस्पताल प्रशासन ने शुरू की जांच

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 24, 2026 at 5:44 PM IST
देहरादून: पंडित दीन दयाल उपाध्याय जिला अस्पताल (कोरोनेशन अस्पताल) देहरादून में एक घायल युवती को इलाज के दौरान बेहतर सुविधाएं न मिल पाने के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ा. हादसे में पैर में चोट लगने के बाद अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंची युवती ने रोते हुए एक वीडियो बनाया, जिसमें युवती ने अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं का जिक्र किया. वीडियो में युवती ने अस्पताल पर बदइंतजामी के गंभीर आरोप लगाए. जिसके बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया. अब रिकॉर्ड खंगालना जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक, यह युवती देहरादून के सर्वे चौक क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है. जो घर जाते वक्त एक कार की चपेट में आने से चोटिल हो गई थी. जिसमें उसके पैर पर कार का टायर चढ़ गया था. जिससे उसके पैर पर चोट लग गई. जिसके बाद वो इलाज के लिए कोरोनेशन अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंची, लेकिन आरोप है कि युवती को तत्काल प्राथमिक उपचार नहीं मिल पाया. जिसके चलते युवती ने रोते हुए वीडियो बनाया और अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं का जिक्र किया. यह वीडियो 23 फरवरी को सामने आया. जिसके बाद कोरोनेशन जिला अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया.
वीडियो में युवती कहती नजर आ रही है कि-
"स्टाफ ने पहले ओपीडी में पर्ची कटवाने को कहा, फिर एक्स रे के लिए नई बिल्डिंग से पुरानी बिल्डिंग तक दौड़ाया. इस दौरान अस्पताल में उपलब्ध एकमात्र व्हीलचेयर मिली. वो भी जंग लगी हुई थी और ठीक से आगे नहीं चल रही थी. बल्कि, पीछे की दिशा में ही सरक रही थी. जिससे मुझे काफी परेशानी हुई."- घायल युवती
क्या बोले प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक? वहीं, कोरोनेशन जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनु जैन ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति भी गठित कर दी गई है. प्राथमिक जांच में पता चला कि ये युवती 23 फरवरी को जिला अस्पताल में आई थी. उस वक्त इमरजेंसी में पांच कैदियों का इलाज चल रहा था, जिनके साथ पुलिसकर्मी भी वहां मौजूद थे. मौके पर भी उनको व्हीलचेयर उपलब्ध करा दी गई थी. हालांकि, उस दौरान वहां पर बहुत भीड़ थी.

"इमरजेंसी में एक्स रे नहीं होता है. बल्कि, ओपीडी बिल्डिंग में जाना पड़ता है. व्हीलचेयर में मामूली खराबी थी, जो मदद से ठीक हो गई. जबकि, वो व्हीलचेयर को उल्टा चला रही थी. जिसकी वजह से उसके पहिए जाम हो गए थे."- डॉ. मनु जैन, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, कोरोनेशन जिला अस्पताल, देहरादून
डॉ. मनु जैन ने आगे कहा कि 'अस्पताल में पीआरडी के 6 जवान तैनात हैं, जो अकेले आए मरीजों की सहायता करते हैं. उन्होंने युवती से अपील किया कि वो खुद सामने आकर इसकी शिकायत करें. मेडिकल रिकॉर्ड और एक्स रे चेक कर दोषी डॉक्टर या स्टाफ पर कार्रवाई की जाएगी.'

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