'साहब! हमें हमारे बच्चे ढूंढकर दे दो,' 27 दिन से लापता दोनों भाई, परिवार को किडनैपिंग का शक
बगरोट गांव से 27 दिनों से लापता दो 17 वर्षीय छात्रों का सुराग नहीं मिला. पुलिस के साथ NDRF की टीमें सर्च ऑपरेशन में जुटीं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 22, 2026 at 5:11 PM IST
|Updated : August 22, 2026 at 5:34 PM IST
देहरा (कांगड़ा): जिला कांगड़ा के देहरा क्षेत्र के बगरोट (सीरा दा भरो) गांव से गायब हुए 17 वर्षीय दो किशोरों कृष शर्मा और साक्षिव शर्मा का 27 दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है. दोनों आपस में चचेरे भाई हैं. दो परिवारों के कलेजे के टुकड़े 27 दिनों से लापता हैं और घर में सिर्फ सन्नाटा पसरा है. अपनों की तलाश में दर-दर भटक रहे परिजन हर पल अनहोनी की चिंता और डर के साये में जीने को मजबूर हैं.
शुक्रवार को दोनों लापता छात्रों के परिजन और ग्रामीण एसपी कार्यालय देहरा पहुंचे और पुलिस कप्तान से गुहार लगाई कि उनके बेटों को जल्द से जल्द तलाश किया जाए. परिवार बेटों के सुरक्षित लौटने की राह देख रहा है, लेकिन दिन बीतने के साथ उनकी आंखें पथरा गई हैं.
कॉलेज जाने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में लापता
दोनों किशोर राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, बलाहर के छात्र हैं. 27 जुलाई को वे रोज की तरह घर से कॉलेज के लिए निकले थे, लेकिन शाम को वापस नहीं लौटे. परिजन जब तलाश में जुटे तो कॉलेज से करीब दो किलोमीटर दूर ब्यास नदी के किनारे 'फेरा' नामक स्थान पर दोनों के बैग लावारिस हालत में मिले थे. इसके बाद से ही परिजनों को किसी अप्रिय घटना या अपहरण की आशंका सता रही है.
एसपी देहरा ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि दोनों की तलाश अभियान के दौरान पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने ब्यास नदी के तटों और आसपास के जंगलों में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं. हमारा अभियान जारी है. हम परिवार से लगातार संपर्क में हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है. परिवार को अपहरण की आशंका है हम उस एंगल से भी जांच कर रहे हैं.
पुलिस की कार्रवाई पर परिजनों ने जताया भरोसा
लंबे समय से बच्चों का कोई सुराग न मिलने से दोनों परिवारों के घर का चूल्हा तक ठीक से नहीं जल पा रहा है. दर-दर की ठोकरें खा रहे परिजनों ने एसपी देहरा से मुलाकात के बाद पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया. परिजनों का कहना है कि पुलिस टीम पूरी ईमानदारी और मुस्तैदी से काम कर रही है. उन्हें उम्मीद है कि खाकी के प्रयास रंग लाएंगे और उनके जिगर के टुकड़े सकुशल घर लौट आएंगे.
लापता बच्चों के पिता राजेश कुमार और रमन कुमार ने कहा कि एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमों ने नदी में सर्च किया है, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली है. बच्चों के बैग क्या किसी ने पुलिस और परिवार को धोखा देने के लिए नदी किनारे रख दिए थे, ताकि पुलिस गलत दिशा में जांच करती रहे. इस बात पर गौर करना चाहिए. हालांकि पुलिस अपनी तरफ से पूरा प्रयास कर रही है.
अलर्ट पर रखी गई सर्च टीमें
एसपी देहरा ने परिजनों को आश्वस्त किया है कि मामले की हर पहलू और संभावित एंगल से बारीकी से जांच की जा रही है. सर्च टीमों को अलर्ट पर रखा गया है और बच्चों की सुरक्षित बरामदगी के लिए हर संभव प्रयास जारी हैं.
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