ग्रामीण सड़क निर्माण में देरी नहीं की जाएगी बर्दाश्त, दीपिका पांडेय सिंह ने कहा- कोताही पर डिबार होंगे ठेकेदार
ग्रामीण सड़क निर्माण में कोताही बरतने वाली एजेंसियों पर गाज गिर सकती है. विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री सख्त निर्देश दिए हैं.


Published : May 20, 2026 at 8:52 PM IST
रांची: झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने विभाग की योजनाओं की गहन समीक्षा बैठक की. बैठक में मंत्री ने लंबित कार्यों, ठेकेदारों की लापरवाही और महिलाओं के उद्यमिता विकास पर सख्त रुख अपनाते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए.
सड़क निर्माण में देरी बर्दाश्त नहीं, डिबार होंगे संवेदक
बैठक के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने साफ कहा कि लंबे समय से ग्रामीण सड़क निर्माण का काम पूरा न करने वाली एजेंसियों और संवेदकों को भविष्य में नया काम मिलना मुश्किल होगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य स्तर पर ऐसे सभी एजेंसियों और संवेदकों की सूची तैयार की जाए और उन्हें डिबार करने की प्रक्रिया तेज की जाए. मंत्री ने रेट रिवीजन का लाभ लेने के लिए जानबूझकर काम लंबित रखने की चालाकी पर भी नाराजगी जताई और कहा कि विभाग ऐसे मामलों की जांच करेगा.
गुणवत्ता और अनियमितताओं पर शून्य सहनशीलता
दीपिका पांडेय सिंह ने स्पष्ट किया कि सड़क और पुल निर्माण में लापरवाही या गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने विधायकों द्वारा भेजी गई लिखित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अविलंब कार्रवाई का निर्देश दिया. मंत्री ने कहा कि नई सड़क निर्माण की मांग हो या अनियमितता की शिकायत, विधायकों के आवेदनों पर समयबद्ध तरीके से कार्यवाही होनी चाहिए. पत्राचार की खानापूर्ति के बजाय वास्तविक जांच जरूरी है.
बारिश से पहले क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत तेज
समीक्षा बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के क्षतिग्रस्त पुलों की सूची तैयार कर बारिश से पहले उनकी मरम्मत का काम तेज किया जाए. उन्होंने विभागीय अधिकारियों को इन पुलों का स्थलीय निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया.

छह जिलों में पलाश मार्ट के लिए जमीन चिन्हित करने का निर्देश
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने राज्य के छह जिलों में पलाश मार्ट निर्माण की प्रक्रिया तेज करने के लिए जिलों में जमीन चिन्हित करने का निर्देश दिया. जिला प्रशासन की मदद से यह काम जल्द पूरा किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पलाश ब्रांड के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है और बाजार में इसकी मांग भी बढ़ रही है.
महिलाओं को किराना दुकान से आगे उद्यमी बनाने पर जोर
ग्रामीण विकास मंत्री ने जेएसएलपीएस (JSLPS) को अधिक क्रियाशील बनाने पर बल देते हुए कहा कि महिलाओं को गांव-टोलों के स्तर पर उद्यमी बनाकर रोजगार प्रदाता बनाने की रणनीति तैयार की जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि दीदियों को रोजगार से जोड़ने का मतलब सिर्फ किराना दुकान तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि उन्हें उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है. इसके लिए जिला प्रशासन के साथ संयुक्त पहल करने का निर्देश दिया गया.
अबुआ आवास के अंतिम किस्त पर फोकस
बैठक में अबुआ आवास योजना के तहत लाभुकों को अंतिम किस्त शीघ्र देने पर जोर दिया गया ताकि उनका मकान बनाने का सपना साकार हो सके. इस बजट में योजना के लिए 41 सौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की इस समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जिलावार योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसके आधार पर ऊपर बताए गए सख्त निर्देश जारी किए गए.
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