दीपेंद्र हुड्डा का बड़ा आरोप, कहा- "BJP ने हरियाणा के हक मारे, पानी, राजधानी और नौकरियों पर प्रदेश के अधिकारों की हुई अनदेखी"
दीपेंद्र हुड्डा ने प्रेसवार्ता कर भाजपा पर हरियाणा के हक़ों, नौकरियों, खेल और बजट में अनदेखी का आरोप लगाया.

Published : January 6, 2026 at 3:34 PM IST
|Updated : January 6, 2026 at 6:38 PM IST
चंडीगढ़: कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने आज एक प्रेस वार्ता कर केंद्र और राज्य सरकार पर हरियाणा के हकों की अनदेखी का आरोप लगाया. इस दौरान सांसद वरुण मुलाना, जय प्रकाश (जेपी), सतपाल ब्रह्मचारी सहित कई कांग्रेस विधायक मौजूद थे.
हरियाणा के हकों को नजरअंदाज का आरोप: दीपेंद्र हुड्डा ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि, "भाजपा सरकार के आने के बाद हरियाणा के हक़ों को लगातार मारा जा रहा है. प्रदेश सरकार, शायद अपने आकाओं को खुश करने के लिए या उनसे डर कर, हरियाणा के हकों की बात सुनने में असफल रही है." हुड्डा ने मुख्यमंत्री पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि, "वे कभी बिहार की बात करते हैं तो कभी पंजाब की."
पानी और राजधानी पर हरियाणा के हकों की अनदेखी: सांसद ने बताया कि, "एसवाईएल पानी को लेकर सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया. भाखड़ा का पानी कम होने पर भी केंद्र से कोई मांग नहीं की गई, जबकि सांसद खुद ही केंद्र गए थे. इसके अलावा, चंडीगढ़ में हरियाणा की विधानसभा नहीं बन पाई और अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, रेल कोच कारखाना, डिफेंस यूनिवर्सिटी सभी हरियाणा से बाहर चले गए."
हरियाणा में सरकारी नौकरियों में भेदभाव: हुड्डा ने आरोप लगाया कि, "ग्रुप ए और बी की नौकरियों में बाहर के लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है. एचपीएससी का चेयरमैन भी हरियाणा का नहीं है. प्रदेश में योग्य लोग मौजूद हैं, लेकिन बाहर के लोगों को ही नौकरी दी जा रही है."
टैक्स और बजट में असमानता: सांसद ने आगे कहा कि, "हरियाणा देश में सबसे ज्यादा टैक्स और टोल कलेक्शन करता है, लेकिन उसे सबसे कम बजट दिया जा रहा है. उदाहरण के तौर पर, टोल रूट में दूरी कम होने के बावजूद केंद्र ने नियमों का हवाला दिया और गुजरात को अधिक वित्तीय सहायता दी गई."
खेलों और खेल सुविधाओं में अन्याय: हुड्डा ने कहा कि, "कॉमनवेल्थ खेल हरियाणा में नहीं कराए गए जबकि गुजरात को भारी राशि आवंटित की गई. हरियाणा के खिलाड़ियों ने पिछले वर्षों में देश के लिए कई पदक जीते हैं, लेकिन खेल ढांचे की कमी के कारण उनकी तैयारी प्रभावित हो रही है."
मुआवजा राशि न देने का आरोप: सांसद ने आरोप लगाया कि जब उत्तर भारत के कई राज्यों में बाढ़ आई, तब प्रधानमंत्री ने पंजाब और उत्तराखंड का दौरा किया, लेकिन हरियाणा के लिए कोई मदद नहीं की. 5 लाख किसानों ने मुआवजे के लिए आवेदन किया, लेकिन केवल 55 हजार को ही राशि मिली.
मनरेगा और मजदूरों के अधिकारों की अनदेखी: हुड्डा ने कहा कि, "हरियाणा में मनरेगा के तहत 8 लाख मजदूरों ने 100 दिन का रोजगार मांगा, लेकिन केवल 2100 मजदूरों को काम मिला. केंद्र और राज्य सरकार बजट नहीं बढ़ा रही हैं. उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकारों के लिए सड़क पर आवाज उठाई जाएगी."
भाजपा द्वारा लगाए गए आरोपों का पलटवार: मुख्यमंत्री द्वारा मनरेगा में घोटाले का आरोप लगाने पर हुड्डा ने कहा कि, "कांग्रेस सरकार के समय हरियाणा में सबसे ज्यादा मजदूरी दी जाती थी और सबसे अधिक लोगों को काम मिला. भाजपा नेताओं पर स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों के नामों का अपमान करने का आरोप भी लगाया."
कांग्रेस एकजुट, भाजपा में मतभेद: हुड्डा ने कहा कि, "कांग्रेस पार्टी में सभी एकजुट हैं, जबकि भाजपा के नेताओं के बीच कार्यक्रमों में सामंजस्य नहीं है. हाल ही में विपुल गोयल और कृष्णपाल गुर्जर का मामला सामने आया था."
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