इंदौर में डीप फेक से ठगी का पहला मामला, गुम हुए बच्चे को चाकू मारते दिखाया, परिजनों से 10 लाख ठगे
डीप फेक एआई जनरेटेड वीडियो से बच्चे की किडनैपिंग दिखाई, जबकि बच्चा गया था घूमने, डर के मारे परिजनों ने ट्रांसफर कर दिए लाखों

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 25, 2026 at 4:48 PM IST
इंदौर : डीप फेक AI वीडियो कितना खतरनाक हो सकता है, उसका ताजा उदाहरण इंदौर में घटी ये घटना है. यहां एक 16 साल के बच्चे की फर्जी किडनैपिंग और उसे चाकू मारते हुए दिखाकर परिजनों से 10 लाख रु की ठगी कर ली गई. इसका खुलासा तब हुआ जब गुस्से में घर से नाराज होकर गया बेटा उन्हें वापस मिला और बेटे ने बताया कि उसे किसी ने किडनैप नहीं किया था.
एक वीडियो कॉल ने उड़ाए होश
इस एआई फ्रॉड की शुरुआत हुई एमआईजी थाना क्षेत्र में रहने वाले 16 साल के लड़के गायब होने से. लड़का अपने घर ने निकला और जब काफी देर तक नहीं पहुंचा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी. इसी के चलते उसकी गुमशुदगी की शिकायत भी इंदौर क्राइम ब्रांच सहित अन्य जगहों पर दर्ज करवाई, इसी बीच परिजनों को एक वीडियो कॉल आया, जिसने उनके होश उड़ा दए.
डीप फेक वीडियो देखकर कर दिए 10 लाख ट्रांसफर
परिजनों को आए वीडियो कॉल में डीप फेक एआई का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें दिखाया गया कि उनके बच्चे को किडनैप किया गया और उसे चाकू मारी जा रही है. ये देख परिजन काफी घबरा गए. तभी डीप फेक करने वाले ठगों ने बच्चा छोड़ने के लिए परिजनों से 10 लाख रु की मांग की. घबराए परिजनों ने ठग द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड पर ये रकम भेज भी दी और फिर कॉल डिसकनेक्ट हो गया. तभी परिजनों को इस बात की जानकारी लगी कि बच्चा देवास स्थित रेलवे स्टेशन पर मौजूद है, लेकिन आगे और भी चौकाने वाली सच्चाई सामने आई.

बच्चा किडनैप ही नहीं हुआ था, सब डीप फेक का खेल
जब परिजन बच्चे को रेलवे स्टेशन लेने पहुंचे तो वह सही सलामत था. बच्चे ने बताया कि वह सांवरिया सेठ चला गया था और उसे किसी ने भी किडनैप नहीं किया. ये सुनती उसके परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई. परजिनों ने इसके बाद इंदौर क्राइम ब्रांच को सूचना दी और अपने साथ हुए फ्रॉड के बारे में बताया. क्राइम ब्रांच ने बताया कि उनके साथ डीप फेक एआई तकनीक के जरिए फ्रॉड हुआ है.
इंदौर के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने कहा, '' परिजनों के माध्यम से एक 16 साल के बच्चे का मामला सामने आया था, जो घर पर डांट पड़ने से घर से चला गया था. इस दौरान परिजनों ने उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर कॉन्टेक्ट के साथ डाली थी. इसी के बाद एक डीप फेक वीडियो कॉल आया, जिसमें बच्चे को दिखाया गया और उसके परिजनों से लाखों की ठगी की गई. हालांकि, बच्चा किडनैप नहीं हुआ था और वह सांवरिया सेठ गया हुआ था तो रेलवे स्टेशन पर मिल गया.
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इंदौर डीसीपी ने कहा, '' इंदौर में एआई और डीप फेक तकनीक के माध्यम से संभवत: इस तरह से पहली बार वारदात को अंजाम दिया गया है, जिसके चलते पुलिस काफी बारीकी से जांच पड़ताल करने में जुटी हुई है.''

