मोहरा एनिकट का छलावा, अब तक कई नाबालिगों की डूबकर मौत, मौके पर ना चेतावनी ना सुरक्षा
सूरजपुर का मोहरा एनिकट इन दिनों लोगों के बीच सुर्खियों में है.क्योंकि इस एनिकट का पानी लोगों के लिए काल बनता जा रहा है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 13, 2026 at 5:43 PM IST
अख्तर अली,संवाददाता
सूरजपुर : प्रकृति लोगों को अपनी ओर खींचती है.लोग प्रकृति के बीच में समय बीताना चाहते हैं.कभी-कभी यही प्रकृति लोगों को ऐसा दर्द दे जाती है,जिसकी यादें कभी नहीं मिटती.आज हम आपको सूरजपुर के ऐसे ही जगह के बारे में बताने जा रहे हैं,जिसने कई परिवारों को दर्द के समंदर में डुबा दिया है.इस दर्द के समंदर से निकलने के लिए लोगों को ना जाने कितने साल लगेंगे,फिर भी हर साल इस दर्द से नए लोगों का सामना हो जाता है.आईए जानते हैं आखिर कौन लोगों को दर्द दे रहा है और इसके लिए जिम्मेदार कौन है.
सुकून वाली खतरनाक जगह
अक्सर हम और आप वैकेशन या छुट्टियों में ऐसी जगह ढूंढते हैं जहां सुकून के दो पल बिताए जा सके.सूरजपुर में भी ऐसी कई जगह हैं जहां पर लोग छुट्टियों में अपने परिवार के साथ आते हैं. नदी,झरने और बांध के किनारे परिवार पिकनिक मनाकर अपना दिन काटते हैं.लेकिन इसी सूरजपुर में एक जगह ऐसी भी है जो जितनी खूबसूरत है,उतनी ही खतरनाक भी.इस जगह पर आने वाले लोग ये नहीं जानते कि उनकी एक गलती किसी के जीवन पर भारी पड़ सकती है.आईए जानते हैं इस खूबसूरत और खतरनाक जगह के बारे में.
एनिकट बना मौत की वजह
सूरजपुर जिले के रामनगर और नयनपुर गांव के बीच बहने वाली रेणुका नदी पर एक एनिकट का निर्माण किया गया है. इस एनिकट का नाम मोहरा है. मौजूदा समय में मोहरा एनिकट लोगों के बीच सुर्खियां बटोर रहा है,क्योंकि इस एनिकट में साल छह महीने में किसी ना किसी की जान डूबने से हो रही है. हैरानी की बात ये है कि इस एनिकट में डूबने वाले लोगों में ज्यादातर नाबालिग हैं.कभी कभी तो जोड़े में नाबालिग एनिकट के पानी में समा जाते हैं.दूर से खूबसूरत दिखने वाला ये एनिकट लोगों के लिए अनजान खतरे के समान है.एनिकट की हालत भी जर्जर हो चुकी है.अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की जान बचाने वाले एसडीआरएफ के आंकड़ों के अनुसार पांच बच्चों समेत छः लोगों की मौत बीते चार वर्षों में हो चुकी है.
एनिकट में डूबने के मामले
- 12-04-2023 : 1 पुरुष की मौत
- 19-09-2023 : 1 बच्चे की मौत
- 28-09-2025 : 2 बच्चों की मौत
- 09-02-2026 : 2 बच्चों की मौत
(सोर्स- SDRF)
ये वही आंकड़े हैं जिसकी सूचना हमें प्राप्त होती है.स्थानीय स्तर पर हुई घटनाएं या ऐसे मामलों की जानकारी नहीं है जिसकी हमें सूचना ना मिली हो- संजय गुप्ता, जिला सेनानी अधिकारी
स्थानीय आंकड़े सरकारी से ज्यादा
सरकारी आंकड़ों में डूबकर मरने वालों की संख्या कुछ भी हो,लेकिन स्थानीय गोताखोरों की माने तो एनिकट में अब तक 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. आधा दर्जन लोगों को समय रहते बाहर निकाला गया है.लेकिन कई लोगों की किस्मत इतनी अच्छी नहीं थी.
मोहरा एनिकेट (स्टाप डेम) में हुई मौत को लेकर स्थानीय गोताखोर बताते हैं कि तीन से चार शव यहां से निकाल चुके हैं. समय पर पहुंच जाने के कारण सात आठ लोगों को बचाया गया है- राजेश राजवाड़े, स्थानीय गोताखोर
मौत का गाल बने मोहरा एनिकेट को लेकर मृतक के परिजन अपनी दर्द भरी जुबां से इसे प्रशासनिक चूक मानते हैं.
इस स्टाप डेम में अब तक 15-20 लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन प्रशासनिक पहल नजर नहीं आती. शासकीय मौत के आंकड़े से कहीं ज्यादा मौतें हुई हैं और लापरवाही प्रशासन की है.इसके बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता - सद्दाम हुसैन, मृतक बच्चे के परिजन
बहरहाल एक ओर जहां यह मोहरा एनिकेट मौत का पर्याय बनता जा रहा है,तो वहीं दूसरी ओर प्रशासन अब चेतावनी बोर्ड लगाने की बात कहकर अपने जिम्मेदार होने का सबूत दे रहा है.
मोहरा एनिकट में बीते दिन मामला सामने आया था. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जिम्मेदार अधिकारी को निर्देशित किया गया है चेतावनी बोर्ड लगाया जाए. साथ ही स्टाप डेम की सुरक्षा और मरम्मत को लेकर भी विभागीय अधिकारी को प्रस्ताव बना शासन को भेजा गया है- शिवानी जायसवाल , एसडीएम
शांत पानी का छलावा
खूबसूरती कितनी खतरनाक हो सकती है,इसका नजारा पिछले कई साल से मोहरा एनिकट में देखने को मिल रहा है. मोहरा एनिकट के शांत पानी को देखकर अक्सर पिकनिक मनाने आए परिवार के बच्चे खेल-खेल में गहरे पानी में चले जाते हैं,जहां यदि वक्त पर मदद नहीं पहुंची तो मौत निश्चित है.स्थानीय आंकड़ों की माने तो अब तक कई नाबालिग बच्चों की मौत इस एनिकट में हो चुकी है.लेकिन ना तो प्रशासन जाग रहा है और ना ही किसी तरह के सुरक्षा के उपाय किए जा रहे हैं.
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