मानसून से पहले एमसीबी में आकाशीय बिजली का कहर, एक मजदूर की मौत, 5 घायल
एमसीबी के भरतपुर में आकाशीय बिजली मजदूरों पर कहर बनकर टूटी है. पढ़िए पूरी रिपोर्ट

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : June 2, 2026 at 9:52 PM IST
एमसीबी: छत्तीसगढ़ में अभी मानसून नहीं आया है. उससे पहले यहां बारिश का दौर जारी है. मंगलवार को मनेंद्रगढ़ के भरतपुर विकासखंड में आकाशीय बिजली ने कहर मचा दिया. यहां मनरेगा में काम कर रहे मजदूर आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए. मनरेगा के तहत चल रहे बोल्डर चेक डैम निर्माण कार्य के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गईं. घायलों का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर में जारी है, इन मजदूरों में दो महिला मजदूरों की हालत चिंताजनक है.
मजदूरों की सुरक्षा से खिलवाड़
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मौसम लगातार खराब हो रहा था, तेज आंधी चल रही थी और बारिश शुरू हो चुकी थी, तब भी मजदूरों को कार्यस्थल पर क्यों रोका गया? क्या पंचायत और मनरेगा से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों ने मौसम को लेकर कोई सतर्कता बरती थी? क्या मजदूरों की सुरक्षा के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था मौजूद थी?. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार्यस्थल पर लगभग 58 मजदूर मौजूद थे. अचानक मौसम बिगड़ा, आसमान में तेज गर्जना होने लगी और हल्की बारिश शुरू हो गई. मजदूर सुरक्षित स्थान की ओर जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि तभी तेज चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरी और छह महिलाएं उसकी चपेट में आ गईं. हादसे के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है.
पंचायत के माध्यम से मनरेगा का कार्य चल रहा था और बड़ी संख्या में महिलाएं बोल्डर चेक डैम निर्माण में लगी हुई थीं. अचानक बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गईं-सुभान सिंह, ग्रामवासी
हादसे की सूचना पूरे क्षेत्र में फैल चुकी थी, लेकिन काफी देर तक जनपद या प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा. इससे लोगों में भारी नाराजगी है.यदि समय रहते सुरक्षा संबंधी निर्देश दिए गए होते तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था- अमित केवट, स्थानीय निवासी
बारिश की बूंदाबांदी हो रही थी और मजदूर कार्यस्थल पर मौजूद थे. किसी को अंदाजा नहीं था कि अचानक इतनी बड़ी घटना हो जाएगी. एक तेज चमक हुई और कई महिलाएं जमीन पर गिर पड़ीं-रामकली, घायल मजदूर
ग्राम चरखर के मेट विवेक कुमार सिंह ने भी पुष्टि की कि मौसम खराब था, आंधी चल रही थी और मजदूर कार्यस्थल पर बैठे हुए थे. इसी दौरान अचानक बिजली गिरने से छह महिलाएं इसकी चपेट में आ गईं.
छह महिलाओं को अस्पताल लाया गया था, जिनमें से एक महिला को मृत घोषित कर दिया गया. पांच महिलाओं का उपचार जारी है और दो की हालत गंभीर बनी हुई है-डॉ पवन गुप्ता, डॉक्टर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
एक गरीब महिला की मौत हो चुकी है, पांच अन्य महिलाएं अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों की जवाबदेही अब भी तय नहीं हो सकी है. ग्रामीणों की मांग है कि मृतक परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए, घायलों का बेहतर उपचार कराया जाए. लोगों ने पूरे मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों एवं जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने की मांग की है.

