उम्मेद अस्पताल में गर्भवती की मौत पर हंगामा, लगाए लापरवाही के आरोप, जांच के आदेश
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि महिला को एमएनसी सेंटर में भर्ती होने की सलाह दी गई थी, लेकिन उस समय भर्ती नहीं हो सकी.

Published : January 9, 2026 at 7:15 PM IST
जोधपुर: शहर के उम्मेद अस्पताल में शुक्रवार को एक गर्भवती की मौत पर हंगामा हो गया. अस्पताल परिसर में परिजनों ने डॉक्टरों पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया. इसे लेकर देर तक अस्पताल में हंगामा चलता रहा. बाद में अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया, जांच कमेटी का गठन किया. इसके बाद कहीं जाकर परिजन शांत हुए और शव लिया.
मृतका की बहन ने बताया कि जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में पांचबत्ती क्षेत्र निवासी महिमा पंवार पत्नी पवन सिंह को सुबह अस्पताल लाया गया था. उस समय उसका ब्लड प्रेशर काफी अधिक था, लेकिन डॉक्टरों ने स्थिति सामान्य बताई. परिजनों का आरोप है कि उचित समय पर सही उपचार नहीं मिलने से प्रसूता की मौत हो गई. वहीं अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों को नकारते हुए बताया कि नवंबर और दिसंबर में ही महिला को एमएनसी सेंटर में भर्ती होने की सलाह दी गई थी, लेकिन उस समय भर्ती नहीं हो सकी.
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जांच के आदेश: अस्पताल अधीक्षक डॉ मोहन मकवाना ने बताया कि महिला गंभीर हालत में यहां भर्ती हुई थी. हमारे डॉक्टर ने उपचार के लिए पूरी मेहनत की थी. मरीज को पहले भी दो बार भर्ती होने कहा गया था, लेकिन नहीं आए. आज सिजेरियन करने की प्रक्रिया के दौरान मौत हो गई. परिजनों को लगा कि कोई चूक रही है, लेकिन ऐसा नहीं है. फिर भी इसकी जांच के आदेश कर दिए हैं. मरीज को हाई बीपी, ताणे सहित अन्य परेशानी थी. इस बीमारी को एप्लिसिया कहा जाता है. वार्ता के बाद परिजनों को समझाया गया.
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भर्ती को लेकर अलग-अलग बयान: मृतका की बहन ने बताया कि उसे आज सुबह 7 बजे यहां लाया गया था. उस समय बीपी अधिक था. लेकिन डॉक्टर हमें यह बताते रहे कि सब ठीक है. अचानक दोपहर में उसे ऑपरेशन थियेटर में लेकर गए. कुछ देर बाद कहा कि उसकी मौत हो गई. अब डॉक्टर कह रहे हैं कि लंबी परेशानी थी, जबकि हमने पहले भी डॉक्टर को दिखाया. लेकिन उन्होंने कहा कि भर्ती होने की जरूरत नहीं है. परिजन ने बताया कि हमें सिजेरियन से पहले कोई परेशानी के बारे में भी नहीं बताया था. उन्होंने बताया कि उनकी बहन की शादी को आठ साल हुए थे. उनकी पहली डिलीवरी होनी थी.

