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चंडीगढ़ दिव्य कला मेले में दिल्ली फाउंडेशन ऑफ डेफ वुमन बनी मिसाल, दिखी हुनर और प्रोफेशनल फिनिशिंग की झलक

दिव्य कला मेले में डेफ महिलाओं ने हस्तनिर्मित उत्पादों से आत्मनिर्भरता और हुनर की मिसाल पेश की है.

Deaf Women Empowerment at Divya Kala Mela Chandigarh
दिल्ली फाउंडेशन ऑफ डेफ वुमन (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : February 19, 2026 at 9:59 AM IST

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Updated : February 19, 2026 at 10:38 AM IST

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चंडीगढ़: चंडीगढ़ में आयोजित दिव्य कला मेला इस बार खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. मेले में दिल्ली फाउंडेशन ऑफ डेफ वुमन की प्रदर्शनी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है. संस्था से जुड़ी विशेष रूप से सक्षम महिलाएं अपने हाथों से ऐसे उत्पाद तैयार कर रही हैं, जो न केवल उपयोगी हैं बल्कि बेहद आकर्षक भी हैं. यह मंच उनके लिए अपनी प्रतिभा दिखाने और आत्मनिर्भर बनने का महत्वपूर्ण अवसर बन गया है.

हुनर और प्रोफेशनल फिनिशिंग की झलक: इन महिलाओं के स्टॉल पर खूबसूरत बैग, स्टाइलिश पाउच, आकर्षक पेंटिंग्स और रसोई में काम आने वाली कई उपयोगी वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं. इन सभी उत्पादों को बेहद साफ-सुथरे और प्रोफेशनल तरीके से तैयार किया गया है. डिजाइन, रंगों का संतुलन और बेहतरीन फिनिशिंग देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि इन्हें विशेष रूप से सक्षम महिलाओं ने बनाया है. मेले में पहुंच रहीं चंडीगढ़ की महिलाएं इन उत्पादों को काफी पसंद कर रही हैं और खरीदारी भी कर रही हैं.

Deaf Women Empowerment at Divya Kala Mela Chandigarh
चंडीगढ़ दिव्य कला मेला (ETV Bharat)

74 वर्षीय वीना की कहानी प्रेरणादायक: 74 साल की वीना, जो बोल नहीं सकतीं है, वो पिछले 30 वर्षों से इस संस्था से जुड़ी हुई हैं.उन्होंने इशारे से ईटीवी भारत को बताया कि वे और उनके जैसी कई महिलाएं मिलकर इन सभी उत्पादों को तैयार करती हैं. एक-एक प्रोडक्ट बनाने में करीब 10 से 15 दिन का समय लगता है. यह काम उन्हें आत्मसम्मान और पहचान देता है. उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका उत्साह और समर्पण सभी के लिए प्रेरणा है.

Deaf Women Empowerment at Divya Kala Mela Chandigarh
चंडीगढ़ दिव्य कला मेले में दिल्ली फाउंडेशन ऑफ डेफ वुमन (ETV Bharat)

सना का समन्वय और साइन लैंग्वेज की भूमिका: वहीं, 25 साल की सना यहां कोऑर्डिनेशन का काम संभालती हैं. जो भी ग्राहक सामान खरीदने आता है, सना उन्हें उत्पाद की कीमत और उसकी विशेषताओं के बारे में जानकारी देती हैं. चूंकि वीना को सुनाई नहीं देता, इसलिए सना साइन लैंग्वेज के जरिए ग्राहकों और वीना के बीच संवाद स्थापित करती हैं. सना का कहना है कि यह जिम्मेदारी उन्हें गर्व और संतोष देती है.

डेफ महिलाओं ने हस्तनिर्मित उत्पादों से आत्मनिर्भरता और हुनर की मिसाल पेश की (ETV Bharat)

आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम: संस्था से जुड़ी महिलाओं का मानना है कि दिव्य कला मेला उनके लिए सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि अपने हुनर के जरिए पहचान बनाने का जरिया है. वे चाहती हैं कि समाज उन्हें बराबरी का अवसर दे और उनके काम को समझे. यह पहल साबित करती है कि अगर अवसर मिले तो विशेष रूप से सक्षम महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनकर समाज में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं.

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Last Updated : February 19, 2026 at 10:38 AM IST