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डेफ अकाउंट: अकेले सरगुजा संभाग में 3 लाख से ज्यादा खाते, 123 करोड़ जमा, जानिए कैसे वापस पाएं ये राशि

लंबे समय तक खाते का उपयोग न करने पर देशभर में डेफ खाते में जमा राशि करीब 80 हजार करोड़ रुपए है.

DEAF ACCOUNTS
डेफ अकाउंट (ETV Bharat Chhattisgarh)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : January 6, 2026 at 2:16 PM IST

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Updated : January 6, 2026 at 2:34 PM IST

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सरगुजा: बहुत से ऐसे लोग हैं, जिन्होंने कभी ना कभी बैंकों में अपना खाता खुलवाया लेकिन आज वे उस खाता नम्बर का उपयोग नहीं कर रहे हैं. ऐसा नहीं है कि ये खाते खाली पड़े हुए हैं. इन डेफ खातों में अच्छी खासी रकम जमा है. सिर्फ सरगुजा संभाग के बैंकों में मौजूद लगभग 3 लाख खातों में 123 करोड़ रुपए से अधिक की राशि पड़ी हुई है.

निजी खातों के साथ विभागीय अकाउंट भी शामिल

बड़ी बात यह है कि इनमें लोगों के निजी खातों के साथ ही विभागीय अकाउंट भी हैं. जो विभाग कभी फंड नहीं होने का रोना रोते रहते हैं, उन्हें पता ही नहीं है कि उनके इन ऑपरेटिव और डेफ अकाउंट में 12 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जमा है.

डेफ अकाउंट (ETV Bharat Chhattisgarh)

डेफ अकाउंट में हजारों करोड़ रुपए

देश में इस तरह के डेफ अकाउंट में करीब 80 हजार करोड़ रुपए हैं. ये वो पैसा है, जिसका कोई उपयोग नहीं कर रहा है. इस बात का खुलासा तब हुआ, जब रिजर्व बैंक के अधिकारी सरगुजा पहुंचे और 29 दिसंबर को एक बैठक जिला प्रशासन के साथ हुई.

डेफ अकाउंट बढ़ता जाता है तो यह अच्छा नहीं होता है. एक स्टेबिलिटी काउंसिल होती है, जिसे FSDC यानि फाइनेंसियल स्टेबिलिटी एंड डेवलपमेंट काउंसिल. इसकी अध्यक्ष वित्त मंत्री होती है. सिर्फ डेफ खाते में तकरीबन 80 हजार करोड़ रुपए के आसपास है. इसमें गवर्मेंट फंड भी शामिल हैं-मनीष पाराशर, महाप्रबंधक, आरबीआई रायपुर

बैंक खाता यूज नहीं करने पर क्या होता है

दरअसल लोग अपनी अलग अलग जरुरतों के मुताबिक बैंकों में खाते खुलवाते हैं. एक समय ऐसा आता है, जब उन्हें इस बैंक खाता की आवश्यकता नहीं पड़ती है या फिर किसी ना किसी कारण से वे इन खाता नम्बरों का उपयोग करना बंद कर देते हैं

हालांकि ज्यादातर लोग अपने खातों को बंद करने से पहले, उसमें जमा राशि निकाल लेते हैं, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने कभी ना कभी अपने खाता नम्बर को ऐसे ही छोड़ दिया और आज वे खाते डेफ के रूप में तब्दील हो चुके हैं और उन खातों में जमा राशि आरबीआई के पास जमा हो गई है.

DEAF ACCOUNTS
सरगुजा संभाग में 3 लाख से ज्यादा डेफ खाते (ETV Bharat Chhattisgarh)

अकेले सरगुजा संभाग में 3 लाख से ज्यादा खाते

सिर्फ सरगुजा संभाग की बात की जाए तो यहां कुल छह जिलों में लगभग 3 लाख से अधिक खातों में 123 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जमा पड़ी हुई है. इनमें डेफ के साथ ही इन ऑपरेटिव अकाउंट भी शामिल है. सभी खातों की राशि आरबीआई के पास जमा है. ये राशि पिछले दस वर्षों या उससे भी अधिक समय से खातों में पड़ी हुई है, जिसे आरबीआई ने अपने पास रख लिया है.

⦁ जशपुर जिले में 28.80 करोड़

⦁ बलरामपुर जिले में 17.78 करोड़

⦁ मनेन्द्रगढ़ जिले में 14.88 करोड़

⦁ कोरिया जिले में 11.83 करोड़

⦁ सूरजपुर जिले में 13.72 करोड़

⦁ सरगुजा जिले में सर्वाधिक लगभग एक 1 लाख खातों में 36 करोड़ रुपए

आरबीआई के मुताबिक किसी भी खाते में दो साल तक लेन देन न हो तो वो इन ऑपरेटिव हो जाता है और उसी कंडिशन में खाता दस साल तक रहा तो वो फिर डेफ यानी डिपाजिटरी एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड में चली जाती है. सरगुजा जिले का 36 करोड़ जमा है. इसमें 4 करोड़ 25 लाख सरकारी विभागों के हैं. यह 1593 खाते हैं- दीपेंद्र यादव, एलडीएम

क्या है डेफ अकाउंट

ऐसे बैंक खाते जिनमें दो वर्ष या उससे अधिक समय तक कोई वित्तीय अथवा गैर-वित्तीय लेन-देन नहीं हुआ है, उन्हें निष्क्रिय माना जाता है. वहीं दस वर्ष की अवधि पूर्ण होने के बाद खाते में शेष राशि जमाकर्ता शिक्षा एवं जागरूकता निधि (DEAF) में ट्रांसफर कर दी जाती है. संबंधित जमाकर्ता इस राशि के लिए दावा कर सकता है. डेफ (डिपाजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड) यानी जमाकर्ता शिक्षा एवं जागरूकता कोष ऐसी व्यवस्था है, जिसमें खाता धारक के खाते की राशि आरबीआई अपने पास सुरक्षित रख लेता है.

विभाग के भी 12 करोड़ रुपए डेफ में

सबसे बड़ी बात यह है कि शासकीय विभाग छोटे मोटे कार्यों के लिए फंड का रोना रोते रहते हैं. वहीं विभागीय लापरवाही से बैंकों में मौजूद लगभग 12 करोड़ रुपए डेफ खाते में चले गए. विभागों में समय समय पर विभिन्न कार्यों के लिए खुलवाए गए खातों में शेष पड़ी राशि की ओर अधिकारियों ने वर्षों से कोई ध्यान नहीं दिया और ना ही उन खातों की सुध ली.

⦁ सरगुजा जिले में 1593 ऐसे अकाउंट हैं, जो डेफ अकाउंट में शामिल हो गए हैं और इनमें 4 करोड़ 25 लाख रुपए जाम हैं. जशपुर जिले में 1761 अकाउंट में 2 करोड़ 22 लाख रुपए

⦁ बलरामपुर जिले में 1936 खातों में 1 करोड़ 92 लाख रुपए हैं.

⦁ कोरिया जिले में 331 अकाउंट में 1 करोड़ 71 लाख रुपए

⦁ सूरजपुर जिले में 781 खातों में 1 करोड़ 58 लाख रुपए

⦁ एमसीबी जिले में 300 खातों में 26 लाख रुपए डेफ अकाउंट में जाम

यहां से चल सकेगा पता

यदि किसी व्यक्ति का कोई खाता है, जो गुम हो गया है या उसे अपने खाते के बारे में जानकारी नहीं है तो वह आरबीआई के उद्गम पोर्टल के माध्यम से जानकारी हासिल कर सकता है. उद्गम पोर्टल में केवाईसी डिटेल या फिर बैंक खाता खोलने के दौरान लगाए गए दस्तावेज के माध्यम से पता लगा सकते हैं कि उनके डेफ खाते में कितनी राशि जमा है.

एलडीएम दीपेंद्र यादव ने बताया कि जनता का पैसा सुरक्षित होता है. जो भी खाता धारक है या ऑथोराइज्ड सिग्नेटरी है, वो बैंक का विशेष पत्र (प्रोफार्मा) को भरकर अपने लेटेस्ट केवाईसी (आधार कार्ड, पैन कार्ड और लेटेस्ट साइन) के साथ आवेदन जमा करते हैं. बैंक अपने रिकार्ड में इस जानकारी को अपडेट करती है और आरबीआई से राशि क्लेम की जाती है. फिर बैंक उस राशि को खाते में जमा करता है.जितने समय तक आरबीआई के पास राशि जमा है, उसका एक निश्चित इंट्रेस्ट रेट होता है, वह भी दिया जाता है.

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Last Updated : January 6, 2026 at 2:34 PM IST