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वैकेंसी; गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रोफेसर बनने का मौका, जानिए कब से आवेदन- इंटरव्यू

विश्वविद्यालय के मीडिया एवं PR सेल से मिली जानकारी के अनुसार इसमें सब्जेक्ट वाइज़ मेजर वैकेंसियां होंगी.

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DDU में प्रोफेसर के लिए निकली भर्ती, जानिए कब कैसे करें अप्लाई. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : July 8, 2026 at 5:01 PM IST

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गोरखपुर: दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्ववित्तपोषित (Self Finance) पाठ्यक्रमों में Subject Expert के रूप में प्रति लेक्चर (Per Lecture Basis) के आधार पर नियुक्ति के लिए अधिसूचना जारी कर दी है. विश्वविद्यालय विभिन्न संस्थानों और विभागों में कुल 84 विषय विशेषज्ञों का चयन करेगा. इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थियों के लिए 13 जुलाई से 17 जुलाई, 2026 तक वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे.

इन विषयों के लिए होनी है Hiring: विश्वविद्यालय के मीडिया एवं PR सेल से मिली जानकारी के अनुसार इसमें विषयवार प्रमुख रिक्तियां होंगी. इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (12), कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (10), मैकेनिकल इंजीनियरिंग (5), इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (3) सहित विभिन्न विषयों में नियुक्तियां होंगी.

इसके अतिरिक्त इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर एंड नेचुरल साइंसेज में 10, बीए एलएलबी में 5, जनसंचार एवं पत्रकारिता में 4, इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में 2 और ललित कला और संगीत विभाग में 2 रिक्तियां निर्धारित की गई हैं.

इसके अलावा कंप्यूटर साइंस (बीसीए), फूड टेक्नोलॉजी, योग, ज्योतिष, वास्तु और कर्मकांड में 1-1 विषय विशेषज्ञ की नियुक्ति की जाएगी. इसके साथ ही होटल मैनेजमेंट, एमबीए/बीबीए, इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री, इंडस्ट्रियल माइक्रोबायोलॉजी, एनवायरनमेंटल साइंस, एक्वाकल्चर साइंस और संगीत के विभिन्न विषयों में भी विषय विशेषज्ञों का चयन किया जाएगा.

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13 से 17 जुलाई तक इंटरव्यू:
मीडिया प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न विभागों के लिए इंटरव्यू 13, 14, 15, 16 और 17 जुलाई 2026 को सुबह 9:30 बजे आयोजित किए जाएंगे. अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि पर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना होगा.

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि चयनित विषय विशेषज्ञों को विश्वविद्यालय के नियमानुसार सैलरी दी जाएगी. यह नियुक्ति प्रति व्याख्यान (Per Lecture Basis) होगी. लगभग 40,000 प्रति माह उनका मानदेय बन सकता है. विस्तृत जानकारी और आवेदन पत्र विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है.

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कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा, विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और समकालीन शिक्षा उपलब्ध कराना है. विषय विशेषज्ञों की नियुक्ति से स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में शिक्षण की गुणवत्ता और उद्योगोन्मुखी शिक्षा (Industry-Oriented Education) को नई मजबूती मिलेगी. योग्य और प्रतिभाशाली शिक्षकों को विश्वविद्यालय से जुड़ने का ये एक अच्छा अवसर है.

कॉलेज ने साइन किया ये खास MoU: वहीं दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर एवं फ्रीडम फ्रॉम पॉवर्टी ट्रस्ट (Freedom From Poverty Trust-FFPT) भारत के मध्य, एक महत्वपूर्ण एमओयू कुलपति प्रो. पूनम टंडन एवं ट्रस्ट के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. हेमंत कुमार दीक्षित की उपस्थिति में किया गया है. इस समझौते का उद्देश्य विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र एवं विश्वविख्यात सांख्यिकीविद् दिवंगत प्रो. टी. डी. द्विवेदी की स्मृति में डॉ. टी. डी. द्विवेदी स्वर्ण पदक (सांख्यिकी) और डॉ. टी. डी. द्विवेदी स्मृति व्याख्यान की स्थापना करना है.

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टॉपरों को मिलेगा 10 हजार रुपए: एमओयू के अनुसार विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर स्तर पर सांख्यिकी विषय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को हर साल "डॉ. टी. डी. द्विवेदी स्वर्ण पदक" प्रदान किया जाएगा. इसके साथ ही टॉपर को 10,000 की नगद पुरस्कार राशि भी दी जाएगी.

इस एमओयू के अंतर्गत डॉ. टी. डी. द्विवेदी स्मृति व्याख्यान के आयोजन हेतु फ्रीडम फ्रॉम पॉवर्टी ट्रस्ट हर साल 40,000 तक का वित्तीय सहयोग भी प्रदान करेगा. स्वर्ण पदक की स्थापना एवं संचालन के लिए फ्रीडम फ्रॉम पॉवर्टी ट्रस्ट द्वारा विश्वविद्यालय को 3 लाख की कोष निधि उपलब्ध कराई गई है.

कौन हैं डॉ. टी. डी. द्विवेदी: प्रो. टी. डी. द्विवेदी विश्वविद्यालय के 1961 बैच के पूर्व छात्र रहे हैं. दिवंगत प्रो. त्र्यम्बकेश्वर धर द्विवेदी (15 अक्टूबर 1937 – 23 दिसंबर 2008) इंटरनेशनल ख्याति प्राप्त सांख्यिकीविद् थे. उन्होंने साल 1961 में दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से गणित में एम.एससी. की उपाधि प्राप्त करने के बाद कनाडा और अमेरिका में उच्च शिक्षा ग्रहण कर सांख्यिकी में Ph.D. की.

कनाडा के कॉनकॉर्डिया विश्वविद्यालय, मॉन्ट्रियल में उन्होंने Statistics Group की स्थापना की और रिज रिग्रेशन, अर्थमिति, प्रायिकता वितरण और सांख्यिकीय मॉडलिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया. उनकी इसी उत्कृष्ट शैक्षणिक और शोध विरासत को सम्मानित करने तथा विद्यार्थियों को उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से "डॉ. टी. डी. द्विवेदी स्वर्ण पदक" एवं "डॉ. टी. डी. द्विवेदी स्मृति व्याख्यान" की स्थापना की जा रही है.

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