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रांची में रथयात्रा और श्रावणी मेले की तैयारियां तेज, डीसी ने की समीक्षा बैठक

रांची में रथयात्रा और श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर डीसी ने समीक्षा बैठक की.

DC holds meeting regarding preparations for Rath Yatra and Shravani Mela in Ranchi
डीसी की अध्यक्षता में बैठक (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : June 9, 2026 at 10:25 PM IST

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रांचीः जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को रांची समाहरणालय में एक के बाद एक महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन किया गया.

एक ओर जहां 16 से 25 जुलाई तक आयोजित होने वाले 365वें जगन्नाथपुर रथयात्रा महोत्सव और 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों की समीक्षा की गई. वहीं दूसरी ओर जिला के विभिन्न अंचलों और प्रखंडों में आयोजित जनता दरबार के माध्यम से सैकड़ों आवेदनों का त्वरित निष्पादन कर लोगों को राहत प्रदान की गई.

उपायुक्त ने जगन्नाथपुर रथयात्रा महोत्सव को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपीं. बैठक में निर्णय लिया गया कि मेले की परिधि से 500 मीटर के दायरे में शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. रथयात्रा मार्ग पर विशेष बैरिकेडिंग की जाएगी तथा बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी.

DC holds meeting regarding preparations for Rath Yatra and Shravani Mela in Ranchi
डीसी की अध्यक्षता में बैठक में मौजूद पदाधिकारी (ETV Bharat)

इसके साथ ही भीड़ नियंत्रण के लिए वॉच टावर, खोया-पाया केंद्र और सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी. पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और अग्निशमन वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. रथयात्रा मार्ग से अतिक्रमण हटाने, मंदिर मार्ग और रथ पथ की सड़कों की मरम्मत, पर्याप्त शौचालय निर्माण तथा प्लास्टिक और सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का भी निर्देश दिया गया. पार्किंग शुल्क निर्धारित कर उसका सार्वजनिक प्रदर्शन अनिवार्य करने तथा पर्यटन की दृष्टि से रथयात्रा को और आकर्षक बनाने पर भी जोर दिया गया.

इसी क्रम में उपायुक्त ने रांची पहाड़ी मंदिर विकास समिति की बैठक में श्रावण माह 2026 की तैयारियों की समीक्षा की. इस वर्ष 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले श्रावणी मेले में 3, 10, 17 और 24 अगस्त को सोमवार पड़ने के कारण भारी भीड़ की संभावना जताई गई. श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए पेयजल, चलंत शौचालय, स्ट्रीट लाइट, अग्निशमन व्यवस्था और साफ-सफाई के व्यापक इंतजाम करने के निर्देश दिए गए.

स्वास्थ्य विभाग को प्रत्येक सोमवार, नाग पंचमी और पूर्णिमा के अवसर पर मेडिकल टीम, दवाओं और स्ट्रेचर के साथ तैनात रहने को कहा गया है. विद्युत विभाग को आयोजन से एक सप्ताह पूर्व सुरक्षा प्रमाण-पत्र देने तथा पूरे मेले के दौरान 24 घंटे कर्मियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. साथ ही भीड़ प्रबंधन, बैरिकेडिंग, ड्रेनेज व्यवस्था, अतिक्रमण हटाने और प्लास्टिक उपयोग रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया. विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर बनाने के लिए वॉकी-टॉकी खरीदने का भी फैसला लिया गया.

दूसरी ओर, उपायुक्त के निर्देश पर जिला के विभिन्न अंचलों और प्रखंडों में आयोजित जनता दरबार में लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया. रातू, नगड़ी, अनगड़ा, खलारी, सिल्ली, बुंडू, नामकुम, राहे और चान्हो सहित कई अंचलों में सैकड़ों आवेदनों का निष्पादन किया गया. इनमें जाति, आय, आवासीय प्रमाण-पत्र, दाखिल-खारिज, पेंशन, लगान भुगतान, पंजी सुधार और ऑनलाइन सुधार से जुड़े मामलों का निपटारा शामिल है.

सिल्ली में एक महिला को आय प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया गया, जबकि कैंसर से पीड़ित एक आवेदक को आवश्यक कार्य के लिए तत्काल प्रमाण-पत्र जारी किया गया. मांडर अंचल में भूमि संबंधी मामले में शुद्धि पत्र प्रदान कर आवेदक को राहत दी गई. उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि जगन्नाथपुर रथयात्रा और श्रावणी मेला रांची की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान हैं. इन आयोजनों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा. साथ ही जनता दरबार के माध्यम से आम लोगों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी जिला प्रशासन की विशेष प्राथमिकता रहेगी.

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