डीएवी राष्ट्रीय खेल कूद प्रतियोगिता: रायपुर में लगा खिलाड़ियों का महाकुंभ, देशभर से पहुंचे 2200 बच्चे
DAV (दयानंद एंग्लो वैदिक) स्कूल का मकसद है, खेलों के जरिए खेल प्रतिभाओं को निखारना है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 7, 2026 at 5:38 PM IST
रायपुर: DAV राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का 3 दिवसीय आयोजन रायपुर में चल रहा है. यह आयोजन 6 जनवरी से शुरू हुआ है और 8 जनवरी तक चलेगा. राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन करने के पीछे DAV का मकसद है, खेल प्रतिभाओं को निखारना और उनको उचित मंच देना. जिसके बाद यहां से निकले खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपने राज्य का नाम रोशन करें, खेलों में भारत की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाएं.
डीएवी राष्ट्रीय खेल कूद प्रतियोगिता
इस तरह की प्रतियोगिता आयोजित कर बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास करना भी है. DAV की ओर से आयोजित ब्वॉयज राष्ट्रीय खेल कूद प्रतियोगिता में देश के अलग अलग राज्यों के बच्चे 6 खेलों की कैटेगरी में भाग ले रहे हैं. इसके पहले DAV के द्वारा साल 2007 में गर्ल्स प्रतिभागियों के लिए राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया था. 18 साल के बाद DAV के द्वारा राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता आयोजित कर रहा है. DAV पब्लिक स्कूल के बच्चे आर्चरी, कराते, ताइक्वांडो, वूशू, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती जैसे गेम्स में अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं.
देश के कोने कोने से पहुंचे खिलाड़ी
खेल कूद प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए देश के कोने कोने से डीएवी स्कूल के छात्र पहुंचे हैं. खिलाड़ियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में आना उनके लिए खुशी की बात है. यहां के लोग काफी अच्छे और मिलनसार हैं. खेलों के आयोजन के लिए भी यहां का मौसम अच्छा है. कुछ खिलाड़ियों ने बताया कि उनके यहां तो इस वक्त भारी सर्दी पड़ रही है, लेकिन यहां गर्मी जैसा माहौल हो रहा है, जो खेल के लिए बढ़िया है. हम अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन यहां सही से कर पा रहे हैं.
छत्तीसगढ़ में पहली बार आना हुआ है. छत्तीसगढ़ आकर अच्छा लगा. यहां का क्लाइमेट हमें खेल के नजरिए से पंसद आया है: खिलाड़ी, हिमाचल प्रदेश


कोई भी गेम हो उसमें मानसिक और शारीरिक रूप से फिट होना जरूरी है. तभी हम उस खेल के प्रति अपनी खेल प्रतिभा को निखार सकते हैं: खिलाड़ी
रायपुर और छत्तीसगढ़ के लोग काफी अच्छे लगे. यहां घूमने फिरने की जगह भी काफी अच्छी है. जिस जगह पर कंपटीशन हो रहा है वहां की व्यवस्था बहुत बढ़िया है: खिलाड़ी


आर्चरी में बच्चों को बहुत ज्यादा मेहनत लगती है. आर्चरी के गेम में बच्चा टारगेट को हिट करता है. इसमें बच्चा एक बो से टारगेट को निशाना लगाता है. आर्चरी में 3 तरह के गेम होते हैं, जिसमें रिकब कंपाउंड, इंडियन तीन तरह के गेम होते हैं, जिसमें बच्चे हिस्सा लेते हैं. प्रैक्टिस में भी कम से कम दिन में 3 से 4 घंटे का समय देना होता है. छत्तीसगढ़ आकर अच्छा लगा. यहां के लोग भी काफी अच्छे हैं: DAV पब्लिक स्कूल के लेक्चरर, हरियाणा
खेल प्रतिभाओं को निखारना और पहचान दिलाना मकसद
डीएवी ग्रुप की असिस्टेंट रीजनल ऑफिसर डॉक्टर राज रेखा शुक्ला ने कहा, DAV का नेशनल स्पोर्ट्स मीट भारत के सभी राज्य, जिसमें नॉर्थ ईस्ट, वेस्ट और साउथ शामिल हैं. 2200 बॉयज तीन कैटेगरी में अंडर 14, अंडर 17 और अंडर 19 के बॉयज पार्टिसिपेट कर रहे हैं. इस तरह के आयोजन के पीछे हमारा मकसद रहता है, बच्चों की खेल संस्कृति को बढ़ावा देना. प्रतिभाशाली बच्चों को मानसिक और शारीरिक रूप से उनको आगे लाना, उनका विकास करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी उपलब्धि को आगे ले जाना.


यहां हो रहा है खेल महाकुंभ का आयोजन
रायपुर बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आर्चरी, कराते, ताइक्वांडो और वूशू गेम्स का आयोजन किया जा रहा है. इसके साथ ही रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी कैंपस में वेटलिफ्टिंग और कुश्ती खेल प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है. इस खेल प्रतियोगिता में बच्चों में काफी उत्साह है और बच्चे बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं."

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