मुजफ्फरनगर डीएवी कॉलेज के छात्र की मौत; सब इंस्पेक्टर और दो सिपाही निलंबित
डीएवी कॉलेज में शनिवार को क्लास में आत्मदाह की कोशिश करने वाले छात्र उज्जवल राणा का दिल्ली अस्पताल में इलाज चल रहा था.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : November 8, 2025 at 3:38 PM IST
|Updated : November 8, 2025 at 9:12 PM IST
मुजफ्फरनगर : डीएवी कॉलेज में शनिवार को क्लास में आत्मदाह की कोशिश करने वाले छात्र की रविवार को मौत हो गई. वहीं एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने लापरवाही के आरोप पर तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है. शनिवार को चीखने-चिल्लाने की आवाज सुन प्रिंसिपल और छात्र मौके पर पहुंचे थे. दरवाजा तोड़कर छात्र को बाहर निकाला गया था. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी कॉलेज पहुंच गई थी.
एंबुलेंस से छात्र को सीएचसी बुढ़ाना ले गई थी. छात्र की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था. वहां से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया था. छात्र 70% से ज्यादा झुलस गया था. मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था. वहीं, इस मामले को लेकर कॉलेज गेट पर छात्र और ग्रामीण धरने पर बैठ गए थे. मंत्री कपिल अग्रवाल और जयंत चौधरी ने ग्रामीणों को मामले की जांच का भरोसा दिया था.

डीएवी पीजी कॉलेज में दिनभर धरना-प्रदर्शन और हंगामा
छात्र की मौत की खबर के बाद रविवार को जाट महासभा, राष्ट्रीय लोकदल और भारतीय किसान यूनियन के सात सैकड़ों ग्रामीणों ने कॉलेज गेट पर धरना प्रदर्शन और नारेबाजी की. इसके बाद भीड़ नारेबाजी करते हुए बुढ़ाना कोतवाली पहुंची, जहां धरना दिया. दिनभर धरना-प्रदर्शन और हंगामा चलता रहा. अंत में रविवार शाम छात्र की बहन की नई शिकायत पर कॉलेज प्रबंधक, प्राचार्य, पीटीआई और 3 पुलिसकर्मियों समेत 6 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई.
एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि घटना में प्रथमदृष्ट्या दोषी एक सब इंस्पेक्टर और दो सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. प्रशासन ने तीन दिन में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है. अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु 5 टीमों का गठन किया गया है. शीघ्र ही अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी.
पिछला घटनाक्रम : मामले में डीएम उमेश मिश्रा व एसएसपी संजय कुमार वर्मा शाम को कॉलेज पहुंचे थे और घटनास्थल का बारिकी से निरीक्षण किया था. डीएम ने संबंधित अधिकारियों को सभी बिन्दुओं पर गहनता से जांच कर कठोर एक्शन लेने के लिए कहा था.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा ने बताया कि थाना क्षेत्र बुढ़ाना के डीएवी कॉलेज में एक छात्र द्वारा फीस को लेकर खुद के ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्महत्या का प्रयास किया गया था. रविवार को युवक की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई है. इस सम्बन्ध में परिजनों से प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना बुढ़ाना पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है. उच्चाधिकारी के निर्देशन में अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिये पुलिस टीमों का गठन किया गया है. साथ ही प्रथम दृष्टया लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है. जांच उपरांत कार्रवाई अमल में लायी जाएगी.

परीक्षा देने से रोका गया था; खाकरोबान गांव का रहने वाला उज्ज्वल राणा DAV पीजी कॉलेज बुढ़ाना में बीए सेकेंड ईयर का छात्र था. बताया जा रहा है कि प्रिंसिपल ने फीस जमा नहीं होने से उसे परीक्षा देने से रोक दिया था. इससे नाराज होकर छात्र ने आत्मदाह की कोशिश की थी. छात्र का एक वीडियो भी सामने आया था. वह कह रहा कि मुझे अकेला छोड़ दो. मेरे साथ प्रिंसिपल ने गलत व्यवहार किया. मेरी बेइज्जती की.
प्रिंसिपल पर लगाए गंभीर आरोप : आत्मदाह से पहले छात्र उज्ज्वल राणा ने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें कह रहा है, मैं अपनी स्थिति बताने प्रिंसिपल प्रदीप कुमार के पास गया, तो उन्होंने मेरे साथ अनुचित व्यवहार किया. उन्होंने सबके सामने गालियां दीं, बाल नोचे और पिटाई की. उन्होंने कहा, फीस नहीं देनी तो कर लो आत्महत्या, हमने कोई धर्मशाला नहीं खोल रखा है. छात्र ने कहा, मैंने सिर्फ गरीब और फीस न भर पाने वाले छात्रों के लिए आवाज उठाई थी, लेकिन उसकी सजा मुझे इस तरह दी गई.
सच्चाई के लिए आवाज उठाना गुनाह है : छात्र ने कहा था, 'मेरी इज्जत सबके सामने मिट्टी में मिला दी गई. जब मैंने न्याय की मांग की, तो कॉलेज प्रशासन ने पुलिस बुला ली. आज मैं इतना टूट चुका हूं कि मेरी ईमानदारी और कानून पर विश्वास डगमगा गया है. मैं खुद से सवाल कर रहा हूं, सच्चाई के लिए आवाज उठाना गुनाह है. मैं अब भी उस दर्द से गुजर रहा हूं. मैं झुका नहीं हूं, मैं टूटा नहीं हूं. मैं चाहता हूं कि मुझे न्याय मिले, ताकि कोई और छात्र मेरे जैसी यातना न सहे.'
प्रिंसिपल, ASI और कॉन्स्टेबल को बताया जिम्मेदार : छात्र ने कहा था, 'अगर मेरे साथ कुछ भी होता है या मैं आत्महत्या करता हूं, तो इसके जिम्मेदार प्रिंसिपल प्रदीप कुमार, ASI नंद किशोर, कॉन्स्टेबल हरवीर और विनीत होंगे.' उज्ज्वल के पिता हरेंद्र राणा ने बताया कि उनकी पारिवारिक आर्थिक स्थिति कमजोर है. कॉलेज प्रशासन से फीस जमा करने के लिए कुछ समय की मोहलत मांगी थी. हालांकि, प्रिंसिपल ने उनकी बात नहीं सुनी और परीक्षा फॉर्म स्वीकार करने से इनकार कर दिया.
छात्र की बहन ने पुलिस को दिया शिकायती पत्र : वहीं प्रिंसिपल के मुताबिक, छात्र ने आत्मदाह का प्रयास किया था, जिसके बाद बुढ़ाना पुलिस को तत्काल बुलाया गया. सीओ बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह ने बताया, शनिवार दोपहर 1:00 बजे बुढ़ाना थाने पर एक महिला ने प्रार्थना पत्र दिया. उसने अपने छोटे भाई, जो डीएवी डिग्री कॉलेज में थर्ड ईयर का छात्र है. उसका कॉलेज के प्रिंसिपल से फीस का कुछ इश्यू था. छात्र ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया. पीड़ित छात्र को तुरंत पुलिस सीएचसी बुढ़ाना ले गई. जहां डॉक्टरों ने हायर सेंटर मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. छात्र के साथ दो सब इंस्पेक्टर को भी तैनात किया गया है. मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने छात्र को खतरे से बाहर बताया है. मामले में जो भी पीड़ित छात्र को उकसाने में शामिल है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. मामले की जांच की जा रही है.
कॉलेज गेट पर धरना प्रदर्शन, नारेबाजी: वहीं, डीएवी डिग्री कॉलेज के गेट पर छात्रों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया. यहां छात्रों ने धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की और हंगामा किया. मौके पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई. उज्ज्वल के गांव से भी ग्रामीण आकर धरने पर बैठ गए. छात्र नेता विशाल सिंह समेत कई छात्र धरने पर बैठ गए. इस बारे में कौशल विकास राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी. कोई भी दोषी हो सजा दिलाई जाएगी. वहीं, इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी के सहायक सचिव से भी बात की. जयंत चौधरी ने भी ग्रामीणों को न्याय दिलवाने का आश्वासन दिया है. वहीं. उज्ज्वल को दिल्ली रेफर कर दिया गया है.
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