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दारोगा को बालू लदे ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला था, ढाई साल बाद आया कोर्ट का फैसला

जमुई के चर्चित दारोगा हत्याकांड में कोर्ट का फैसला आ गया है. 5 आरोपियों को सजा सुनाई गई है. पढ़ें पूरी खबर..

Jamui Daroga Murder Case
दारोगा प्रभात रंजन हत्याकांड में फैसला (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : May 27, 2026 at 4:01 PM IST

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जमुई: दारोगा प्रभात रंजन हत्याकांड में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास और तीन को 2 साल की सजा सुनाई गई है. बुधवार को जमुई जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय सुधीर सिन्हा ने ये अहम फैसला सुनाया. हत्याकांड के आरोपी महुलियाटांड़ कौआकोल निवासी कृष्ण दास मिथिलेश ठाकुर और पवन दास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 20000 जुर्माना भी लगाया.

हत्याकांड में 5 आरोपी दोषी करार: अदालत में इसी मामले में आरोपी भुलिया उर्फ झुलिया चिंता देवी और दशरथ दास को धारा 353 (भादवि) में दो-दो साल की सजा सुनाई है. इस तरह प्रभात रंजन हत्याकांड में कुल 5 आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा दी गई है.

Jamui Daroga Murder Case
मृतक दारोगा प्रभात रंजन (फाइल) (ETV Bharat)

ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला: गरही थाने में पुलिस पदाधिकारी के बयान पर एफआईआर दर्ज की गई थी. जिसमें आरोप लगाया गया था कि चननवर नदी के क्यूल घाट पर पुलिस बल के साथ छापा मारने गए दारोगा प्रभात रंजन ने जब अवैध बालू का उठाव कर रहे ट्रैक्टर को रोका तो ट्रैक्टर चला रहे कृष्ण दास ने पुलिस वालों पर गाड़ी चला दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि होमगार्ड जवान राजेश कुमार शाह को इलाज के लिए जमुई लाया गया था.

पांचों आरोपी मामले थे नामजद: पुलिस वालों पर हमला करने में ये सभी आरोपी नामजद थे. इस मामले में सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक मनोज कुमार सिंह ने अपने पैरवी की और न्यायालय में अपनी दलीलें पेश की. दोनों पक्षों के बयान और गवाहों के साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्तों को सजा सुनाई.

क्या था मामला?: असल में 14 नवंबर 2023 को कौआकोल महुलियाटांड स्थित भड़ोइया नदी में अवैध बालू खनन की सूचना मिली थी. जिसके बाद दारोगा प्रभात रंजन दलबल के साथ छापेमारी करने पहुंचे थे. जहां पुलिस की टीम ने एक ट्रैक्टर को रुकने का इशारा किया लेकिन ट्रैक्टर चालक रुकने की बजाय पुलिस वाहन को टक्कर मारते हुए फरार हो गया. वाहन में सवार प्रभात रंजन की इस घटना में मौत हो गई, जबकि एक सिपाही जख्मी हो गया.

2018 बैच के दारोगा थे प्रभात रंजन: मृतक एसआई प्रभात रंजन 2018 बैच के थे. दारोगा बनने से पहले बतौर पंचायत नियोजित शिक्षक और रेलवे में भी नौकरी की थी. वह मूल रूप से वैशाली जिले के भगवानपुर खजूरी गांव के रहने वाले थे. परिवार में माता-पिता के अलावे पत्नी और दो बच्चे हैं. उनके निधन से तीन महीने पहले ही बेटा हुआ था.

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