ETV Bharat / state

हिमाचल में कैदियों से जुड़े मामले में राज्य सरकार का नया आदेश, ये अपराधी शारीरिक रूप से कोर्ट में नहीं होंगे पेश

हिमाचल प्रदेश में खतरनाक कैदियों को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं किया जाएगा. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से इनकी पेशी होगी.

ये अपराधी शारीरिक रूप से कोर्ट में नहीं होंगे पेश
ये अपराधी शारीरिक रूप से कोर्ट में नहीं होंगे पेश (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : May 17, 2026 at 9:30 AM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

शिमला: हिमाचल प्रदेश में कैदियों से जुड़े मामले में राज्य सरकार की ओर से अहम आदेश जारी हुए हैं. नए आदेशों के मुताबिक कुछ विशेष श्रेणियों के कैदियों को शारीरिक रूप से अदालत में पेश नहीं किया जाएगा. इन विशेष श्रेणियां के अधीन आने वाले कैदियों की पेशी अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करवाई जाएगी. इस बाबत राज्य सरकार के गृह विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है. राज्य सरकार की ओर से ये फैसला खतरनाक और गंभीर अपराधों में शामिल कैदियों की अदालत में पेशी के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से बचने और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.

अधिसूचना के आधीन रखी गई विशेष श्रेणी के कैदियों को अदालत के सामने शारीरिक रूप से पेश नहीं किया जाएगा. ऐसे गंभीर अपराध में सम्मिलित कैदियों की पेशी अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही करवाई जाएगी. सरकार ने कहा है कि इससे पुलिस बल पर खतरा कम होगा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलेगी. राज्य सरकार का कहना है कि फैसला कई ऐसी घटनाओं को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया जिसमें पुलिस कर्मी और सार्वजनिक सुरक्षा पर खतरा पैदा हो गया हो.

सरकार की ओर से जारी अधिसूचना
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना (ETV Bharat)

सरकार ने जिन अपराधियों को इस श्रेणी में रखा है, उनमें यूएपीए और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के आरोपी, संगठित अपराधों में शामिल लोग, आतंकवादी गतिविधियों के आरोपी, सीरियल किलर, हत्या और हत्या के प्रयास के कई मामलों में शामिल अपराधी, एनडीपीएस एक्ट के बड़े मामलों के आरोपी, गैंगस्टर, हथियारबंद लुटेरे, डकैती और जबरन वसूली करने वाले अपराधी शामिल हैं. इसके अलावा राज्य विरोधी अपराधों और पॉक्सो एक्ट के कुछ गंभीर मामलों के आरोपी भी इस व्यवस्था के दायरे में आएंगे.

सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन
सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन (ETV Bharat)

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे कैदियों की अदालत में उपस्थिति अब जेल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनिश्चित की जाएगी. इस आदेश को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 303 के तहत लागू किया गया है. सरकार का मानना है कि यह कदम सार्वजनिक सुरक्षा, पुलिस कर्मियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी है.

ये भी पढ़ें: अपने साथ नाबालिग बेटे को भी बनाया चोर, अब 9 साल बाद इस कांड के कारण पुलिस ने किया गिरफ्तार