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दमोह में गायब हो गए 12 तालाब, नाले को बता दिया अमृत सरोवर, पैसों का जमकर बंदरबांट

दमोह में कागजों पर हुआ तालाबों को निर्माण, धरातल पर हकीकत कुछ और, पुराने तालाबों को नया बताकर पैसों का बंदरबांट.

DAMOH POND CONSTRUCTION SCAM
दमोह में गायब हो गए 12 तालाब (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : July 8, 2026 at 6:40 PM IST

3 Min Read
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दमोह: भ्रष्टाचार को लेकर एक से बढ़कर एक मामले सुनने मिलते हैं. इस बार मामला दमोह से सामने आया है. जहां पैसों और कागजों की हेराफेरी तो दूर सीधे तालाब ही गायब कर दिए गए. दमोह में विभिन्न विभागों द्वारा बनाए गए 125 तालाब में से 12 तालाब गायब हो गए. हैरानी की बात है इन्हें पोर्टल पर भी दर्ज नहीं किया गया. प्रदेश भर में इस घोटाले की गूंज के बाद कांग्रेस और भाजपा भी आमने-सामने आ गए हैं.

125 तालाबों का हुआ निर्माण, 125 दस्तावेज पर मौजूद, 12 गायब

दमोह में कई विभागों द्वारा अमृत सरोवर तालाब का निर्माण कराया गया. वर्ष 2022-23 में यहां पर वन विभाग, मनरेगा ग्रामीण यांत्रिकी विभाग और वाटर शेड द्वारा 125 तालाबों का निर्माण किया गया था. जिनमें से कुछ तो ऐसे निकले जो नालों को ही तालाब बताकर कर राशि निकाल ली गई और उसका बंदरबांट हो गया. ईडब्ल्यू ने मामले की जांच शुरू की और जब इन विभागों से दस्तावेज मांगे गए तो केवल 113 तालाब के दस्तावेज उपलब्ध कराए गए, जबकि 12 तालाब गोल हो गए.

DAMOH PONDS MONEY corruption
दमोह में तालाब निर्माण में भ्रष्टाचार (ETV Bharat)

तालाब निर्माण के नाम पर निकाल लिए पैसे

जिले की बटियागढ़ जनपद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम रोसरा के बड़गांव में एक नाले को ही तालाब बता दिया गया और करीब 27 लाख 8 हजार की राशि का आहरण कर लिया गया. ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने मामले की शिकायत जिला प्रशासन, पंचायत मंत्री और पशुपालन मंत्री से भी की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसी तरह ग्राम पंचायत कुटरी के खुर्राघाट क्षेत्र में 47 लाख 71 हजार नवीन तालाब निर्माण के नाम पर निकाल लिए गए, लेकिन धरातल पर तालाब बना ही नहीं.

DAMOH 12 PONDS MISSING
कागजों में तालाब जमीन पर गायब (ETV Bharat)

धरातल पर पुराना, कागजों में नया तालाब

पुराना तालाब 19 लाख रुपए की लागत से बना था. उसी को नया बता दिया गया और कागजों में नया तालाब बन गया. इसी तरह पटेरा जनपद के ग्राम लुहारी में 27 लाख 7 हजार रुपए का अमृत सरोवर तालाब का निर्माण दर्शाया गया है. जिसमें से 19 लाख रुपए की राशि भी आहरित कर ली गई, लेकिन मौके पर तालाब भी नहीं है. एक पुराना तालाब जरूर है, जो वर्ष 2019 में 23 लाख 68 हजार से बनाया गया था.

कैबिनेट मंत्री ने कही जांच की बात, जीतू पटवारी का निशाना

मामला उछलने के बाद प्रदेश के पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने कहा कि "यदि उन्हें सूची उपलब्ध होती है, तो वह मामले की जांच कराएंगे और नियम अनुसार कार्रवाई भी करेंगे." इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी मामले को लेकर एक पोस्ट सोशल मीडिया X पर डाली है, "जिसमें लिखा है डबल इंजन, डबल भ्रष्टाचार. अब बस भी करो मोहन सरकार."