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दमोह में हेलीकॉप्टर से चला अनोखा ऑपरेशन, अफ्रीकी टीम ने नौरादेही में छोड़े काले हिरण

दमोह के रानी दुर्गावती अभ्यारण में काले हिरणों को छोड़ा गया.अफ्रीका की स्पेशल टीम ने हेलीकॉप्टर की मदद से बोमा तकनीक से हिरणों को पकड़ा.

DAMOH NAURADEHI BLACK DEER RELEASED
दमोह में हेलीकॉप्टर से चला अनोखा ऑपरेशन (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : November 1, 2025 at 5:03 PM IST

3 Min Read
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दमोह: मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व एक बार फिर काले हिरणों से गुलजार हो गया है. इन काले हिरणों को शुक्रवार की देर रात शाजापुर के जंगलों से लाकर रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में सुरक्षित छोड़ा गया. जैसे ही हिरणों को मुक्त किया गया वे कुलांचे मारते हुए जंगल की ओर निकल गए. शाजापुर से पहले खेप में 153 काले हिरण लाए गए हैं. इनको यहां लाने के लिए अफ्रीका से एक विशेषज्ञ टीम आई है.

नौरादेही में छोड़े गए काले हिरण

नौरादेही का विस्तृत ग्रासलैंड क्षेत्र नदियों, सरोवरों, पहाड़ों और घने जंगलों से युक्त है. यहां बाघों के अलावा काले और लाल हिरण, नीलगाय, तेंदुआ, भालू, चिंकारा सहित कई अन्य वन्य जीव हैं. वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के उपवन मंडल अधिकारी बीपी तिवारी ने बताया कि "शाजापुर के जंगलों से अभी वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में 153 काले हिरण लाए गए हैं. शाजापुर में पहले से ही काफी संख्या में काले हिरण मौजूद हैं, जो किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे थे. कई किसान भी उन्हें भगाने के दौरान चोटिल हुए हैं. जिसके कारण वहां पर यह समस्या बढ़ती जा रही थी."

अफ्रीकी टीम ने नौरादेही में छोड़े काले हिरण (ETV Bharat)

किसानों की समस्या को देखते हुए लिया फैसला

उपवन मंडल अधिकारी बीपी तिवारी ने बताया कि "किसानों की समस्या को देखते हुए वन विभाग ने इन हिरणों का हस्तांतरित करने का फैसला किया. शुक्रवार को काले हिरणों की पहली खेप नौरादेही सुरक्षित पहुंचाई गई है. यहां का माहौल और जलवायु इन काले हिरणों के लिए काफी मुफीद है. इन्हें काबू करने के लिए शाजापुर के स्थानीय प्रशासन और किसानों ने काफी प्रयास किए, लेकिन जब वह इसमें सफल नहीं हो सके, तो यह निर्णय लिया गया की इन्हें घने जंगलों जहां पर मैदानी इलाके भी हो वहां पर छोड़ा जाए, ताकि यह निर्भय होकर विचरण कर सके."

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हिरण को पकड़ने के लिए बनाया बाड़ा (ETV Bharat)

बोमा तकनीक से पकड़े हिरण

इन हिरणों को पकड़कर स्थानांतरित करने के लिए अफ्रीका से विशेषज्ञों की एक टीम को बुलाया गया है. इस टीम ने हिरणों को पकड़ने के लिए बोमा तकनीक और हेलीकॉप्टर की मदद ली. वहीं दूसरी ओर मजबूत कपड़े का एक बाड़ा तैयार किया. इसके बाद हेलीकॉप्टर की मदद से हिरणों को खदेड़कर एक जगह पर इकठ्ठा किया गया, फिर हिरणों के झुंड को उस बाड़े में भेज दिया गया. इसके बाद में उन्हें पिंजरों में डाला और फिर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व लाकर खुले जंगल में छोड़ दिया गया.