डकैत जगन गुर्जर के परिजनों का आरोप - छोटे भाई पप्पू गुर्जर की जान को भी खतरा, अजमेर जेल से शिफ्ट करें
परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती वह मोर्चरी से जगन गुर्जर का शव नहीं उठाएंगे.

Published : June 30, 2026 at 11:28 AM IST
|Updated : June 30, 2026 at 11:46 AM IST
अजमेर/धौलपुर : चंबल के बीहड़ में आतंक का पर्याय रहे कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. जगन गुर्जर की हत्या को परिजनों ने साजिश करार दिया है और हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. परिजनों का कहना है कि जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर की जान को भी खतरा है, उसे तत्काल भरतपुर या धौलपुर जेल में शिफ्ट किया जाए. परिजन सोमवार रात को ही अजमेर पहुंच गए और मंगलवार सुबह जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए. परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, वह मोर्चरी से जगन गुर्जर का शव नहीं उठाएंगे. उधर, जगन के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण धौलपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें डकैत की हत्या की जांच सीबीआई से कराने की मांग की.
कुख्यात डकैत जगन गुर्जर के बेटे आसाराम ने अजमेर में कहा कि धौलपुर जिले के बाड़ी थाना क्षेत्र में जगन गुर्जर के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था. इस मुकदमे में दोनों पक्षों के बीच राजीनामा भी हो गया था. प्रकरण में तीन दिन जगन गुर्जर जेल में रहा था. आसाराम का आरोप है कि इस प्रकरण के बाद हाईवे पर ले जाकर जगन गुर्जर के पास देसी कट्टा रख दिया और पुलिस ने उसे बरामद करके उसे फिर गिरफ्तार कर लिया. इस प्रकरण में उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था, जहां धौलपुर जेल से उन्हें अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट कर दिया.
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मामले की सीबीआई जांच हो : आसाराम ने आरोप लगाया कि यहां जगन गुर्जर की हत्या हो गई है, अब चाचा पप्पू गुर्जर की जान को भी खतरा है. पप्पू गुर्जर भी अजमेर जेल में है, उसे धौलपुर या भरतपुर जेल में शिफ्ट किया जाए. बेटे ने मांग की है कि जगन गुर्जर की हत्या के मामले की सीबीआई जांच हो. चार माह से पिता जगन गुर्जर जेल में थे. 2008 में जब उसके ऊपर 11 लाख रुपए का इनाम था, उस वक्त वह हार्डकोर था, तब उसे हाई सिक्योरिटी जेल में क्यों नहीं रखा? परिजन चाहते हैं कि सरकार हमारी मांग पूरी करें.
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जगन गुर्जर की हत्या के कारण क्या हैं ?: जगन गुर्जर परिवार के परिचित कैलाश सिंह खटाना ने बताया कि देश की सबसे सुरक्षित जेल में शुमार हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या हो गई. शासन और प्रशासन से सवाल है कि जगन गुर्जर की हत्या के कारण क्या हैं? जगन गुर्जर का छोटा भाई पप्पू गुर्जर भी जेल में कैद है, उसके बयान लेकर पुलिस मुकदमा दर्ज करें. जेल प्रशासन जो कह रहा है, उस पर परिजन और साथ में आए रिश्तेदारों और परिचितों को विश्वास नहीं है. जगन गुर्जर ने परिजन को बताया था कि जेल में उसकी हत्या हो सकती है, इसलिए उसके यहां से शिफ्ट करने के प्रयास किए जाएं.
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खटाना ने कहा कि जिस मुकदमे में जगन गुर्जर को धौलपुर के बाड़ी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था, उसमें राजीनामा होने के बावजूद सात दिन उसे थाने में रखा गया. इसके बाद भरतपुर और धौलपुर जेल ना भेजकर सीधा उसे अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल भेज दिया गया. खटाना का आरोप है कि जगन गुर्जर की हत्या साजिश के तहत की गई है. उन्होंने कहा कि परिवार के लोग मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग कर रहे हैं कि जगन गुर्जर की हत्या के मामले में सीबीआई जांच हो और उसके भाई पप्पू गुर्जर को अजमेर जेल से धौलपुर या भरतपुर जेल में शिफ्ट किया जाए.
धौलपुर में परिजन बोले-पप्पू को भी जान का खतरा: उधर, जगन गुर्जर की हत्या के मामले को लेकर मंगलवार को उसके परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण धौलपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे. उन्होंने जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी को ज्ञापन सौंपा. उन्होंने जगन की हत्या को सुनियोजित साजिश बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की. ज्ञापन में परिजनों ने कहा कि जगन की हत्या सामान्य घटना नहीं, बल्कि इसके पीछे गहरी साजिश की आशंका है. उन्होंने आरोप लगाया कि जेल प्रशासन की लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक के कारण यह घटना हुई है.जगन के डकैत भाई पप्पू गुर्जर की पत्नी कृष्णा देवी एवं जगन की बहन गुड्डी देवी ने आशंका जताई कि अजमेर जेल में बंद जगन के भाई पप्पू गुर्जर की जान को भी खतरा है. उन्होंने प्रशासन से पप्पू गुर्जर को तत्काल सुरक्षा देने और अजमेर से धौलपुर जिला कारागार में स्थानांतरित करने की मांग की.ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते सुरक्षा संबंधी कदम नहीं उठाए गए तो कोई और अप्रिय घटना हो सकती है. इस बीच जगन गुर्जर की पत्नी एवं पूर्व दस्यु कोमेश गुर्जर ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि प्रशासन को जल्द उचित कार्रवाई करनी चाहिए और परिवार एवं ग्रामीणों की मांगों पर स्पष्ट रूप से अपना पक्ष लिखित में देना चाहिए. उन्होंने चेताया कि प्रशासन ने लिखित में आश्वासन नहीं दिया तो वे आंदोलन और धरने में शामिल होंगी.

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