191 देशों की साइकिल यात्रा, 2 लाख KM का सफर, तालिबान की कैद से कोरोना तक... ऐसी है सोमेन देबनाथ की कहानी
191 देशों की यात्रा के दौरान सोमेन देबनाथ 2 लाख किलोमीटर की दूरी साइकिल पर पूरी कर चुके हैं और अब भारत भ्रमण पर हैं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 21, 2026 at 6:21 PM IST
|Updated : August 21, 2026 at 7:45 PM IST
हमीरपुर: 191 देशों की साइकिल यात्रा पूरी करने के बाद सोमेन देबनाथ अब भारत भ्रमण पर हैं. साइकिल यात्री सोमेन देबनाथ पश्चिम बंगाल के सुंदरबन के रहने वाले हैं. बुधवार को उनका सफर हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर पहुंचा. यहां उन्होंने एडीसी हमीरपुर अभिषेक गर्ग और एसपी बलबीर सिंह ठाकुर से मुलाकात कर अपनी रोमांचक विश्व यात्रा के अनुभव साझा किए.
साइकिल से तय की 2 लाख KM की दूरी
साइकिल यात्री सोमेन देबनाथ ने बताया कि 23 साल की उम्र में 27 मई 2004 को उन्होंने विश्व यात्रा शुरू की थी. करीब 20 साल तक चले इस सफर में उन्होंने सातों महाद्वीपों के 191 देशों की यात्रा करते हुए करीब 2 लाख किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय की. सोमेन देबनाथ ने कहा कि यात्रा सिर्फ दुनिया घूमने का अभियान नहीं थी, बल्कि सामाजिक जागरूकता, मानव सेवा, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय संस्कृति व सद्भाव का संदेश देने का प्रयास भी थी.
यात्रा में खतरनाक परिस्थितियों का किया सामना
सोमेन देबनाथ ने बताया कि कई खतरनाक परिस्थितियों का सामना किया.
- साल 2006 में असम में उल्फा उग्रवादियों ने सोमेन देबनाथ ने 5 दिन तक बंधक बनाए रखा.
- साल 2007 में अफगानिस्तान के काबुल से हेरात जाते समय तालिबान ने सोमेन देबनाथ को जासूस समझकर 24 दिनों तक कैद रखा.
- साल 2004 में श्रीलंका की सुनामी की तबाही को सोमेन देबनाथ ने करीब से देखा.
- सोमेन देबनाथ ने अंटार्कटिका की बर्फीली सतह पर भी साइकिल चलाई.
- साल 2020 में चीन में यात्रा के दौरान सोमेन देबनाथ कोविड-19 से संक्रमित हुए.
ऐसे बनी साइकिल जीवन का हिस्सा
"आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद बचपन में मेरे पिता ने मुझे साइकिल दिलाई थी. यहीं से साइकिल मेरे जीवन का हिस्सा बन गई. मैंने जूलॉजी और फाइन आर्ट्स में स्नातक की पढ़ाई की. बाद में एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए स्कूलों में व्याख्यान (Lecture) भी दिए. इसी दौरान दुनिया देखने और भारतीय संस्कृति का संदेश फैलाने का सपना मेरे मन में मजबूत हुआ." - सोमेन देबनाथ, साइकिल यात्री

अपने अनुभवों पर लिख रहे किताब
वहीं, सोमेन देबनाथ ने बताया कि साल 2004 में दिल्ली पहुंचने पर उनकी तत्कालीन विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी से मुलाकात हुई. उन्होंने सोमेन का उत्साह बढ़ाया और पासपोर्ट, वीजा सहित अन्य औपचारिकताओं में मदद की. इसके बाद सोमेन ने साइकिल पर दुनिया नापने का सफर जारी रखा. सोमेन अब अपने अनुभवों पर ‘द वर्ल्ड बाइकिंग ओडिसी: 191 कंट्रीज’ नामक पुस्तक लिख रहे हैं. उनका कहना है कि इस यात्रा ने उन्हें अलग-अलग देशों की संस्कृति और लोगों को करीब से समझने का अवसर दिया.
सोमेन ने शुरू किया ये अभियान
अब सोमेन ने ‘रीयूनियन भारत : वन ट्री, वन लाइफ, इंडियन यूथ एंड स्पोर्ट्स’ अभियान शुरू किया है. 27 मई 2026 से 27 मई 2027 तक चलने वाले इस अभियान के तहत वह साइकिल से पूरे भारत का भ्रमण कर रहे हैं. इसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, पर्यावरण संरक्षण, युवाओं को सशक्त बनाने और खेलों के प्रति जागरूकता फैलाना है. सोमेन कहते हैं कि वह यह जानना चाहते हैं कि 22 सालों में भारत कितना बदला है और आज का भारत उनकी नजरों में कैसा दिखाई देता है.
SP हमीरपुर ने किया सम्मानित
वहीं, एसपी हमीरपुर बलबीर सिंह ठाकुर ने भी सोमेन देवनाथ को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. एसपी बलबीर सिंह ने कहा कि इस युवा ने भारत की संस्कृति को विदेश में भी पहुंचने का कार्य किया है, ये बहुत बड़ी बात है कि भारतीय संस्कृति का प्रचार और प्रचार विदेश में किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सुमन देवनाथ विभिन्न देशों की प्रमुख हस्तियों से मिल चुके हैं, यह बहुत बड़ी बात है.

