बलौदाबाजार जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल से ब्लास्ट का जिक्र, जांच में जुटी पुलिस
बलौदाबाजार जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. पुलिस ने कोर्ट परिसर की सुरक्षा सख्त कर दी है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 25, 2026 at 5:09 PM IST
बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ में अब अदालतों को धमकियां मिल रही है. जिला एवं सत्र न्यायालय बलौदाबाजार को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. मेल में साइनाइड पॉयजन गैस और RDX के इस्तेमाल की बात लिखी गई है. बुधवार करीब 11 बजे न्यायालय के आधिकारिक ईमेल अकाउंट पर यह संदेश प्राप्त हुआ. ईमेल में दावा किया गया कि सुबह 11:50 बजे कोर्ट परिसर में ब्लास्ट होगा और 11 बजे तक जजों और अन्य लोगों को बाहर निकाल लेने की चेतावनी दी गई. धमकी की सूचना मिलते ही न्यायालय प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. कुछ ही मिनटों में पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंच गए. पूरे परिसर को घेरकर सघन तलाशी अभियान चलाया गया.
कोर्ट परिसर में शुरू की गई जांच
धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद पुलिस ने कोर्ट परिसर के मुख्य भवन, रिकॉर्ड रूम, चेंबर, पार्किंग क्षेत्र और आसपास के खुले हिस्सों की गहन जांच की. डॉग स्क्वॉड की मदद से संदिग्ध वस्तुओं की तलाश की गई. करीब दो घंटे तक चली जांच के बाद किसी भी प्रकार की विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली. राहत की बात यह रही कि धमकी झूठी साबित हुई, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है.
धमकी भरे ईमेल की गहन जांच की जा रही है. साइबर सेल की टीम ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है. ईमेल एक विदेशी मेल सर्वर से भेजा गया प्रतीत होता है, लेकिन वास्तविक आईपी एड्रेस और लोकेशन का पता लगाने के लिए तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है. फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और न्यायालय का कामकाज सामान्य रूप से संचालित हो रहा है. आम जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील करते हैं- हेमसागर सिदार, एएसपी, बलौदाबाजार
मेल की भाषा ने बढ़ाई चिंता
धमकी भरे ईमेल में 26/11 मुंबई हमले के आरोपी अजमल कसाब का उल्लेख किया गया है. साथ ही तमिलनाडु के एक युवक अजीत कुमार का जिक्र करते हुए हिरासत में मौत से जुड़ा संदर्भ दिया गया. मेल की भाषा में न्यायिक प्रक्रिया और मानवाधिकारों की तुलना करते हुए भड़काऊ टिप्पणियां की गईं. इसमें यह भी लिखा गया कि भारत ने एक आतंकी को न्यायिक प्रक्रिया दी, लेकिन एक आम नागरिक को अदालत तक पहुंचने का अवसर नहीं मिला. हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की वैचारिक भाषा का इस्तेमाल अक्सर भ्रम फैलाने और सुरक्षा एजेंसियों को भटकाने के उद्देश्य से किया जाता है.
पुलिस ने तेज की जांच
पिछले कुछ समय से राज्य के विभिन्न न्यायालयों को ईमेल के माध्यम से धमकी मिलने की घटनाएं सामने आई हैं. अधिकतर मामलों में जांच के बाद धमकियां फर्जी पाई गईं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां ने इसे गंभीरता से लिया है. घटना के बाद बलौदाबाजार कोर्ट परिसर की सुरक्षा सख्त कर दी गई है. अदालत के मेन गेट पर चेकिंग कड़ी कर दी गई है. आने-जाने वाले लोगों की सघन चेकिंग की जा रही है. पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है.
साइबर एंगल से हो रही है जांच
साइबर सेल की टीम ईमेल हेडर, सर्वर रूटिंग और डिजिटल फिंगरप्रिंट का विश्लेषण कर रही है. यदि मेल किसी प्रॉक्सी सर्वर या वीपीएन के माध्यम से भेजा गया है, तो उसकी पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, फिर भी अधिकारियों का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास जारी है.
अदालत का कामकाज नहीं हुआ प्रभावित
धमकी के बावजूद कुछ समय की जांच प्रक्रिया के बाद न्यायालय का नियमित कामकाज फिर से शुरू कर दिया गया. वकीलों और कर्मचारियों में शुरुआती घबराहट जरूर दिखी, लेकिन स्थिति सामान्य होते ही कार्यवाही जारी रही. अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा है.
साइबर जांच पर टिकी निगाहें
अब सबकी नजर साइबर जांच के नतीजों पर है. यदि आरोपी की पहचान हो जाती है, तो उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है. पुलिस ने लोगों से संयम और जागरूकता बनाए रखने की अपील की है. न्यायालय परिसर में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके.

