कार के ई-चालान का डर दिखाकर रिटायर्ड डॉक्टर से 10 लाख रुपए की ठगी, OTP देते ही अकाउंट खाली
डॉक्टर के मोबाइल नंबर पर मैसेज के जरिए एक लिंक आया. इस पर क्लिक करने के बाद प्रक्रिया पूरी करने के बहाने ओटीपी मांगा गया.

Published : August 30, 2026 at 10:32 AM IST
जयपुर : यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के अब ई-चालान काटे जा रहे हैं. साइबर अपराधियों ने अब ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देना शुरू कर दिया है. ऐसे ही एक मामले में साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड डॉक्टर को निशाना बनाकर दस लाख रुपए की चपत लगा दी. डॉक्टर ने साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दी. इसके बाद श्याम नगर थाने में साइबर ठगी को लेकर मुकदमा दर्ज हुआ है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है. श्याम नगर थानाधिकारी हरिसिंह दूधवाल ने बताया कि सवाई मानसिंह अस्पताल के रिटायर्ड डॉक्टर की रिपोर्ट पर साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज किया है, जिसमें जांच जारी है.
कोर्ट में पेनल्टी बढ़ने का कहकर डराया : पुलिस को दी रिपोर्ट में डॉक्टर ने बताया कि साइबर ठगों ने उन्हें मैसेज किया और कार की एक हजार रुपए की ई चालान होने की जानकारी दी गई. इस मैसेज में चालान की रकम तत्काल जमा करवाने का दबाव बनाया गया और बताया कि समय पर रकम जमा नहीं करवाने पर मामला कोर्ट में जाएगा और पेनल्टी बढ़कर दस हजार रुपए हो जाएगी. डॉक्टर के मोबाइल नंबर पर मैसेज के जरिए एक लिंक आया. इस पर क्लिक करने के बाद प्रक्रिया पूरी करने के बहाने ओटीपी मांगा गया.
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ओटीपी बताते ही खाता हो गया खाली : जैसे हो डॉक्टर ने ओटीपी बताया, उनके बैंक खाते से दस लाख रुपए निकाल लिए गए. अगले दिन उन्होंने बैंक जाकर खाते की जांच की तो केवल 35 हजार रुपए बचे थे. उन्होंने साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई और श्याम नगर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया. पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ठगी की राशि को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया है. ऐसे संदिग्ध खातों का तकनीकी आधार पर विश्लेषण कर लेन-देन की जांच की जा रही है.
यह है साइबर ठगों का नया पैंतरा
- कॉल या मैसेज के जरिए वाहन का चालान होने की जानकारी देते हैं.
- तत्काल चालान की रकम जमा करवाने का दबाव बनाते हैं. कोर्ट जाने पर जुर्माना बढ़ने की धमकी देते हैं.
- ऑनलाइन भुगतान के लिए लिंक, क्यूआर कोड या बैंक खाता नंबर देते हैं.
- जानकारी दर्ज करने के बाद ओटीपी पूछा जाता है. ओटीपी मिलने पर खाते से रकम निकालते हैं.
- ठगी की रकम को एक के बाद एक कई खातों में ट्रांसफर किया जाता है.
- कुल रकम को कई हिस्सों में बांटकर भी अलग-अलग खातों में भेजते हैं.
ठगी होने पर तत्काल करें रिपोर्ट : पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी होने पर या कोई संदिग्ध मैसेज मिलने पर तुरंत कार्रवाई करें. साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की सूचना देने के लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर हेल्प डेस्क नम्बर 9256001930 और 9257510100 पर संपर्क करना चाहिए. इसके साथ ही पीड़ित साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in या अपने निकटतम पुलिस स्टेशन और साइबर पुलिस स्टेशन में भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

