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हल्द्वानी में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लाखों की साइबर ठगी, जानिये कैसे हुआ बड़ा 'खेल'

साइबर पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

CYBER ​​FRAUD IN HALDWANI
ट्रेडिंग के नाम पर लाखों की साइबर ठगी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 21, 2026 at 3:25 PM IST

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हल्द्वानी: शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 37 लाख 85 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है. पीड़ित ने मामले की तहरीर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं परिक्षेत्र में देकर कार्रवाई की मांग की है. साइबर पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है.

हल्द्वानी निवासी नृपेन्द्र कुमार सिंह मूल रूप से अमरोहा (उत्तर प्रदेश) ने बताया कि पुलिस को सौंपी गई तहरीर में बताया कि 2 नवंबर 2025 को उनकी फेसबुक आईडी पर आईआरएफसी की डायग्नोस्टिक रिपोर्ट से जुड़ा एक लिंक आया. लिंक पर क्लिक करने के बाद उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक नंबर से संदेश प्राप्त हुआ. डीपी में महिला की तस्वीर लगी थी. नाम ‘सिया वर्मा’ दर्शाया गया था. आरोप है कि उक्त महिला ने उन्हें शेयर ट्रेडिंग और मुनाफे का लालच देते हुए मोतीलाल ओस्वाल स्टॉक ट्रेडिंग ग्रुप से जुड़ने को कहा.

बाद में उन्हें (L002Threshold) नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां कथित रूप से प्रोफेसर रामदेव अग्रवाल के नाम से शेयर टिप्स दी जाती थीं. ग्रुप में अन्य सदस्य भी लाभ के स्क्रीनशॉट साझा कर भरोसा दिलाते थे. पीड़ित ने बताया 9 जनवरी 2026 को उनसे एक फॉर्म भरवाया गया. फिर “L857-DMA Customer Service” नामक अन्य ग्रुप में जोड़ा गया.

वहां से MOPIP नामक एप डाउनलोड कराया गया. एप पर आईडी बनाने के बाद उन्हें विभिन्न खातों में आरटीजीएस के माध्यम से रकम जमा करने को कहा गया. 22 जनवरी से 6 फरवरी 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 37,85,000 रुपये ट्रांसफर किए गए. एप में मुनाफा दिखाया जाता रहा, लेकिन जब पीड़ित ने रकम निकालने की कोशिश की तो उनसे और धनराशि जमा करने की मांग की गई.

शक होने पर उन्होंने 18 फरवरी 2026 को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई. जिसकी शिकायत संख्या 23502260002552 बताई गई है. पीड़ित ने आरोप लगाया है कि अज्ञात व्यक्तियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत कंप्यूटर संसाधनों का दुरुपयोग कर उन्हें ठगी का शिकार बनाया है. साइबर पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

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