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सिविल स्कोर बढ़ाने का झांसा देने वाला 'कॉल सेंटर', पिलर नंबर 12 के पास चल रहा था ठगी का खेल

पटना में साइबर ठगी का भंडाफोड़ हुआ है. कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है. राजीव रंजन पाठक की रिपोर्ट

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साइबर ठगी पर बड़ा खुलासा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : August 25, 2026 at 7:46 PM IST

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पटना : साइबर अपराध के खिलाफ पटना साइबर थाने की पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का खुलासा किया है. पुलिस ने गिरोह से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें चार बालिग और एक विधि विरुद्ध बालक शामिल है. गिरफ्तार आरोपियों में एक युवती भी शामिल है.

साइबर ठगी पर बड़ा खुलासा : पुलिस के अनुसार यह गिरोह फाइनेंस कंपनी के नाम पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन देकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था. साइबर ठग सोशल मीडिया पर लोन और फाइनेंस से जुड़े आकर्षक विज्ञापन डालते थे. इसके बाद लोगों को प्रोसेसिंग फीस, जीएसटी और सिविल स्कोर बढ़ाने के नाम पर रकम जमा कराने का झांसा दिया जाता था.

कई राज्यों में फैला है नेटवर्क : पीड़ितों से अलग-अलग मदों में पैसे लिए जाते थे और बाद में उनसे संपर्क तोड़ दिया जाता था. पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क बिहार के अलावा महाराष्ट्र समेत कई राज्यों तक फैला हुआ था.

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कई राज्यों में फैला है नेटवर्क (ETV Bharat)

अलग-अलग राज्यों की भाषा में करते थे बात : गिरोह की खास बात यह थी कि इसके सदस्यों को अलग-अलग राज्यों के लोगों से उनकी स्थानीय भाषा में बातचीत करने की ट्रेनिंग दी जाती थी. पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें साइबर ठगी के लिए बाकायदा प्रशिक्षण दिया जाता था. अलग-अलग राज्यों के संभावित पीड़ितों से बातचीत करने के लिए उन्हें संबंधित राज्यों की भाषा और बोलचाल के तरीके सिखाए जाते थे. इसके बाद उसी भाषा में लोगों से बातचीत कर उन्हें विश्वास में लिया जाता था.

"आरोपी पिछले कई दिनों से राजा बाजार स्थित पिलर नंबर 12 के पास किराए के मकान में रहकर साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे. पुलिस को इस गतिविधि की जानकारी मिलने के बाद टीम ने कार्रवाई की और पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया."- देव आशीष हंस, साइबर डीएसपी, पटना

12 मोबाइल समेत कई सामान बरामद : पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 12 मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड, एक लैपटॉप, छह पासबुक, दो राउटर और करीब 55 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं. पुलिस के अनुसार बरामद मोबाइल फोन की जांच में देश के अलग-अलग राज्यों से साइबर अपराध की शिकायतें और एनसीआरपी पर दर्ज शिकायतों से जुड़े सुराग मिले हैं. इससे पुलिस को गिरोह के नेटवर्क और उसके द्वारा की गई ठगी की घटनाओं की जांच में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है.

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देव आशीष हंस, साइबर डीएसपी, पटना (ETV Bharat)

नालंदा और शेखपुरा के सभी आरोपी: गिरफ्तार सभी आरोपी नालंदा और शेखपुरा जिले के रहने वाले बताए गए हैं. पुलिस ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क में कई अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आई है. उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की जांच जारी है.

कमीशन पर करते थे साइबर ठगी : पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे ठगी की रकम पर कमीशन के आधार पर काम करते थे. गिरोह के अन्य सदस्य उन्हें लोगों से बातचीत करने, फर्जी फाइनेंस ऑफर समझाने और रकम अलग-अलग खातों में मंगाने की ट्रेनिंग देते थे. इसके बदले उन्हें ठगी की रकम में हिस्सा या तय कमीशन दिया जाता था.

पुलिस का कहना है कि यह गिरोह संगठित तरीके से साइबर अपराध को अंजाम दे रहा था. जांच में सामने आए मोबाइल नंबर, बैंक खातों, एटीएम कार्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है.

सब इंस्पेक्टर शबनम कुमारी की अहम भूमिका : पुलिस के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी में सब इंस्पेक्टर शबनम कुमारी की अहम भूमिका रही. साइबर थाने की टीम ने तकनीकी जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई. इसके बाद किराए के मकान में कार्रवाई करते हुए पांचों को पकड़ा गया.

पटना साइबर थाने में मामला दर्ज : गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ पटना साइबर थाना में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी गिरफ्तार बालिग आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. वहीं विधि विरुद्ध बालक के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की गई है. पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और देश के विभिन्न राज्यों में की गई साइबर ठगी की घटनाओं की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.