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पंचकूला में फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए 49.31 लाख का साइबर फ्रॉड मामला, लखनऊ से दो आरोपी और गिरफ्तार

पंचकूला साइबर पुलिस ने बुजुर्ग से 49.31 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में लखनऊ से और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

Cyber ​​Fraud in Panchkula
Cyber ​​Fraud in Panchkula (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : August 26, 2026 at 8:29 AM IST

4 Min Read
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पंचकूला: साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 की टीम ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 73 वर्षीय व्यक्ति से 49.31 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में लखनऊ से और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 29 वर्षीय शशि प्रकाश राय के रूप में हुई है जो बलिया का निवासी है. हाल ही में शशि लखनऊ में किराये पर रह रहा था. दूसरे की पहचान तीस वर्षीय संदीप कुमार मिश्रा के रूप में हुई है. संदीप भी बलिया का निवासी है. हाल ही में संदीप भी लखनऊ में किराये पर रह रहा था. दोनों आरोपियों को नौ दिन के पुलिस रिमांड के बाद अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया. इस मामले में अब तक कुल आठ आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं.

नुकसान की भरपाई और मुनाफे का झांसा: साइबर थाना प्रभारी के अनुसार "शिकायतकर्ता ने बताया था कि वो सोशल मीडिया पर शेयर मार्केट से संबंधित वीडियो देख रहे थे. उसी दौरान उन्हें शेयर मार्केट में नुकसान की भरपाई और मुनाफा कमाने का झांसा देने वाला वीडियो दिखाई दिया. वीडियो के माध्यम से उन्हें व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां आरोपियों ने खुद को शेयर मार्केट विशेषज्ञ बताकर निवेश के लिए प्रेरित किया. बाद में उन्हें अलग-अलग व्हाट्स ऐप ग्रुपों में जोड़कर फर्जी प्राइमरी ट्रेडिंग अकाउंट खोलने का झांसा दिया गया."

विभिन्न बैंक खातों में जमा करवाए 49.31 लाख: आरोपियों ने शिकायतकर्ता को कोटक सिक्योरिटीज से संबंधित बताकर एक फर्जी ऐप डाउनलोड करवाई, जिसमें उनका ट्रेडिंग अकाउंट बना दिया. ऐप पर निवेश की रकम और मुनाफा लगातार बढ़ता दिखाया गया. आरोपियों ने विश्वास में लेकर शिकायतकर्ता से अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करवाई. शिकायतकर्ता ने 25 फरवरी से 13 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 49.31 लाख रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में जमा करवा दिए.

सात हजार का कथित मुनाफा भेजा: आरोपियों द्वारा शुरुआत में विश्वास कायम करने के लिए शिकायतकर्ता के खाते में करीब सात हजार रुपये का कथित मुनाफा भेजा गया. जब शिकायतकर्ता ने ऐप में दिखाई जा रही राशि निकालने का प्रयास किया तो पैसे नहीं निकले. इसके बाद आरोपियों ने सर्विस चार्ज और ब्रोकरेज चार्ज के नाम पर और रुपये जमा करने की मांग की. इस पर शिकायतकर्ता को ठगी का संदेह हुआ और उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस को शिकायत दी, जिस पर थाना साइबर क्राइम सेक्टर-20 पंचकूला में 30 अप्रैल 2026 को मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई.

गुजरात, एमपी और यूपी से आरोपी गिरफ्तार: डीसीपी क्राइम आईपीएस अमरिंदर सिंह ने बताया कि "मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई गई. फिर विभिन्न बैंक खातों में शिकायतकर्ता द्वारा जमा करवाई गई रकम का रिकॉर्ड प्राप्त होने के बाद पुलिस टीम ने संबंधित खाता धारकों और आरोपियों की तलाश शुरू की. जांच में पुलिस ने गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया. उक्त दोनों आरोपियों को 16 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर अदालत से उनका नौ दिन का रिमांड हासिल किया था. इस दौरान आरोपियों से साइबर ठगी के गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों के संबंध में गहन पूछताछ की गई. पुलिस आरोपियों से हासिल जानकारी के आधार पर आगामी जांच और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है."

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