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सोनीपत में बीमा पॉलिसी के नाम पर लाखों की ठगी, यूपी से अंतरराज्यीय गिरोह के दो ठग गिरफ्तार

सोनीपत में बीमा रिफंड के नाम पर किसान से 35 लाख ठगी मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

Sonipat cyber fraud
बीमा पॉलिसी के नाम पर लाखों की ठगी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : May 5, 2026 at 11:50 AM IST

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सोनीपत: सोनीपत में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां बीमा रिफंड के नाम पर एक किसान से 35.28 लाख रुपये की ठगी कर ली गई. इस मामले में साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से लोगों को फर्जी कॉल और दस्तावेजों के जरिए निशाना बना रहा था.

पॉलिसी की जमा राशि निकलवाने का दिया लालच: इस पूरे मामले में मीडिया से बातचीत के दौरान साइबर थाना प्रभारी बसंत ने बताया कि, "30 जनवरी को सैनीपुरा निवासी किसान राजेश कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी. उनके पास एक बीमा पॉलिसी थी, जिसे लेकर उन्हें अलग-अलग नंबरों से कॉल आई. कॉल करने वालों ने खुद को बीमा कंपनी का अधिकारी बताकर पॉलिसी की जमा राशि निकलवाने का लालच दिया और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे जमा करवाने शुरू कर दिए."

यूपी से अंतरराज्यीय गिरोह के दो ठग गिरफ्तार (ETV Bharat)

89 बार में ठगे लाखों रुपये: थाना प्रभारी बसंत ने आगे बताया कि, "ठगों ने पीड़ित को धीरे-धीरे विश्वास में लेते हुए कुल 89 बार में पैसे ट्रांसफर करवाए. हर बार 10 हजार से लेकर 75 हजार रुपये तक की रकम जमा करवाई गई. इस तरह कुल 35.28 लाख रुपये ठग लिए गए. ठगों ने गूगल-पे और फोन-पे के जरिए अलग-अलग खातों में पैसे मंगवाए, जो बाद में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खुले पाए गए."

दो आरोपी यूपी से गिरफ्तार: थाना प्रभारी बसंत ने कहा कि, "मामले की जांच के बाद पुलिस ने यूपी के चंदौली जिले के गांव गुरे से ओमप्रकाश उर्फ गुड्डू और सोनहुल से नागेंद्र को गिरफ्तार किया. पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं और ठगी की रकम में से 71 हजार रुपये बैंक खातों में होल्ड करवाए हैं. पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है."

पुलिस की लोगों से अपील: साइबर थाना प्रभारी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें. बीमा या निवेश से जुड़ी जानकारी हमेशा आधिकारिक स्रोत से ही सत्यापित करें. अधिक मुनाफे के लालच में आने से बचें और किसी भी तरह की ठगी की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें.

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