सायबर एक्सपर्ट की इन बातों का रखें ध्यान, ठगी के नहीं बनेंगे शिकार, बच्चे भी दे रहे सुरक्षा अपनाने के टिप्स
नारायणपुर पुलिस का सायबर जागृति अभियान भी लोगों को खूब रास आ रहा है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 25, 2026 at 8:08 PM IST
नारायणपुर/कांकेर: अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए बस्तर संभाग के जिलों में सायबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है. अभियान के तहत बैंक, पर्यटन स्थल और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर एक्सपर्ट टीम के द्वारा लोगों को सायबर अपराध से निपटने के टिप्स दिए जा रहे हैं. लोगों को ये बताया जा रहा है कि कैसे वो सायबर अपराधियों से सावधान रहें. सायबर जागृति अभियान के साथ-साथ पुलिस ट्रैफिक की पाठशाला भी चला रही है. इसके तहत स्कूली बच्चों और लोगों को ट्रैफिक सिस्टम और उससे जुड़ी सुरक्षा के टिप्स दिए जा रहे हैं.
सायबर जागृति अभियान
अभियान के तहत सायबर एक्सपर्ट की टीम लोगों को बता रही है कि कैसे अपना ओटीपी दूसरे से बचाकर रखना है. डिजिटल अरेस्ट करने वाले बदमाशों की कैसे पहचान करें, इसके साथ ही फर्जी फोन कॉल के जरिए ठगी करने वालों से कैसे बचें. इन तमाम बातों की जानकारी पुलिस के द्वारा लोगों को दी जा रही है. सायबर सेफ्टी अभियान में खुद पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल जुड़कर लोगों को जागरुक करने का काम कर रहे हैं. नारायणपुर की भरंडा पुलिस इसी कड़ी में मंगलवार को बिंजली पर्यटन स्थल पहुंची और लोगों को सायबर अपराध, UPI सुरक्षा और कानूनी विषयों के संबंध में जानकारी दी.
इन तीन बातों का जरुर रखें ध्यान
- OTP, PIN, CVV, पासवर्ड किसी से शेयर न करें
- अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें
- फर्जी कॉल होने पर रिसीव नहीं करें
- पुलिस अफसर बनकर फोन करने वाले को पहचान
- पुलिस किसी को घर पर फोन कर नहीं डराती
- ठगी होने पर 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत करें
- स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड नहीं करें
- रिफंड या पैसे का लालच देने वालों से सावधान रहें
- लाटरी के पैसे मिलने और इनाम जीतने की सूचना देने वाले बचें
कांकेर में लगी ट्रैफिक की पाठशाला
शहर में ट्रैफिक सिस्टम को स्मूथ बनाने और हादसों को रोकने के लिए मंगलवार को ट्रैफिक की पाठशाला का आयोजन किया गया. इस पाठशाला में स्कूली बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए. बच्चों को बताया गया कि कैसे ट्रैफिक सिस्टम को दुरुस्त रखा जाता है और गाड़ी चलाने वाले कैसे उस सिस्टम को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. बच्चों को ये भी बताया गया कि कैसे पुलिस थाने काम करते हैं और जरुरत पड़ने पर अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाते हैं.




स्कूली बच्चों को ट्रैफिक सिग्नल, बैरिकेड्स, रिफ्लेक्टिव जैकेट, कोन, साइन बोर्ड सहित सभी सड़क सुरक्षा उपकरणों के बारे में विस्तार से बताया गया. बच्चों को सड़क पार करते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बताया गया.



गाड़ी चलाने वालों को इन बातों का रखना चाहिए ध्यान
- तय सीमा से अधिक रफ्तार में गाड़ी नहीं चलाना चाहिए
- गाड़ी चलाते वक्त सीट बेल्ट या हेलमेट न पहनना अनिवार्य
- गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करना हादसे को दावत देना
- ट्रैफिक सिग्नल (लाल बत्ती) का उल्लंघन यानी सिग्नल जंप नहीं करना चाहिए
- रॉन्ग साइड में गाड़ी चलाना या पार्क करना जुर्म
- बिना वैध दस्तावेजों (बीमा या प्रदूषण प्रमाण पत्र) के सड़क पर नहीं निकलना चाहिए

