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CWC मीटिंग में हुआ फैसला, मनरेगा का नाम बदलने पर मोदी सरकार के खिलाफ कांग्रेस चलाएगी अभियान

दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में सीएं सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी लिया हिस्सा.

दिल्ली में हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक
दिल्ली में हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक (FILE)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : December 27, 2025 at 7:37 PM IST

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Updated : December 27, 2025 at 8:04 PM IST

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शिमला: मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी जनकल्याणकारी योजना के नाम में बदलाव को लेकर अब सियासत तेज होते जा रही है. केंद्र की मोदी सरकार के योजना का नाम बदले जाने के फैसले से नाराज कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर अभियान छेड़ने का ऐलान किया है. कांग्रेस का आरोप है कि सरकार योजनाओं के नाम बदलने पर जोर दे रही है, वहीं आम जनता से जुड़े असली मुद्दे हाशिये पर जा रहे हैं.

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा, 'देश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) का नाम बदलने और इसके मूल उद्देश्यों को कमजोर करने के केंद्र सरकार के विरुद्ध प्रदेश व्यापी जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. यह केवल नाम परिवर्तन का मुद्दा नहीं है, बल्कि ग्रामीण भारत की आजीविका, मजदूरों के अधिकार और संविधान में निहित सामाजिक न्याय की भावना पर सीधा प्रहार है'.

विनय कुमार ने कहा कि दिल्ली हुई अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में इस विषय पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई. इस दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भाजपा सरकार के इस जनविरोधी निर्णय के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाने की बात कही है. कांग्रेस नेतृत्व का मत है कि मनरेगा के स्वरूप में छेड़छाड़ कर उसे एक नए नाम और ढांचे में ढालने का प्रयास, ग्रामीण रोजगार सुरक्षा को कमजोर करने और कुछ चुनिंदा पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की नीति का हिस्सा है.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जिस नए कानून, ढांचे को आगे बढ़ाया जा रहा है, वह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ को नुकसान पहुंचाने वाला है. मनरेगा का मूल उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को न्यूनतम रोजगार गारंटी, पलायन पर रोक और स्थानीय विकास को बढ़ावा देना है. कांग्रेस इस नीति को संविधान की आत्मा और महात्मा गांधी के विचारों के विपरीत मानती है और इसका हर स्तर पर विरोध करेगी.

विनय कुमार ने कहा कि हिमाचल में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार के इस निर्णय के खिलाफ संगठनात्मक, जनांदोलनात्मक और वैधानिक तीनों स्तरों पर संघर्ष होगा. उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश की सभी पंचायतों में कांग्रेस कार्यकर्ता नए कानून की खामियों को उजागर करेंगे और जनमत संग्रह के माध्यम से ग्रामीण जनता की वास्तविक राय सामने लाएंगे. इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों, मजदूर संगठनों, महिला समूहों और युवाओं को साथ जोड़कर व्यापक संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

केंद्र पर बनाया जाएगा दबाव

विनय कुमार ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर मनरेगा की उपलब्धियों, मजदूरी भुगतान, कार्य-दिवसों और स्थानीय विकास पर इसके सकारात्मक प्रभावों की जानकारी देंगे, ताकि जनता को भ्रमित करने वाले प्रचार का सच उजागर हो सके. प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व इस मुद्दे पर राज्यव्यापी कार्यक्रमों, धरना-प्रदर्शनों और ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार पर दबाव बनाएगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ग्रामीण भारत के श्रमिकों, किसानों और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और मनरेगा के मूल स्वरूप से किसी भी तरह की छेड़छाड़ को कभी स्वीकार नहीं करेगी.

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Last Updated : December 27, 2025 at 8:04 PM IST