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कुरुक्षेत्र में तीन बच्चों की मां ने रचा इतिहास: डॉ. चेतना ने सी.एस.आई.आर. नेट में हासिल किया ऑल इंडिया 6वां रैंक

कुरुक्षेत्र की डॉ. चेतना ने तीन बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच सीएसआईआर नेट में ऑल इंडिया 6वां रैंक हासिल किया.

Kurukshetra Dr Chetna got All India Rank 6 in CSIR NET Exam
कुरुक्षेत्र की चेतना ने रचा इतिहास (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : March 2, 2026 at 12:32 PM IST

3 Min Read
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कुरुक्षेत्र: कुरुक्षेत्र की डॉ. चेतना ने सी.एस.आई.आर. नेट परीक्षा में ऑल इंडिया छठा रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है. इस बड़ी सफलता के बाद परिवार में खुशी का माहौल है. तीन बच्चों की मां होने के बावजूद उन्होंने जिस समर्पण के साथ यह मुकाम हासिल किया, वह न केवल प्रेरणादायक है बल्कि यह साबित करता है कि मजबूत इरादों के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती.

परिवार की जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई: डॉ. चेतना से ईटीवी भारत ने बातचीत की. डॉ चेतना ने बातचीत को दौरान कहा कि, "शादीशुदा जीवन में जिम्मेदारियां कभी खत्म नहीं होतीं. तीन बच्चों की देखभाल, उनकी पढ़ाई, घर का काम और परिवार की जिम्मेदारी निभाते हुए पढ़ाई के लिए समय निकालना आसान नहीं था. फिर भी मैंने हार नहीं मानी. यदि व्यक्ति अपने लिए थोड़ा समय निकाल ले और निरंतर मेहनत करे तो सफलता जरूर मिलती है. मैं दिन में लगभग पांच घंटे नियमित पढ़ती थी.घर पर ही रहकर परीक्षा की तैयारी की."

Kurukshetra Dr Chetna got All India Rank 6 in CSIR NET Exam
कुरुक्षेत्र में तीन बच्चों की मां ने रचा इतिहास (ETV Bharat)

ऐसे किया टाइम मैनेज: डॉ. चेतना ने बताया कि, "मैंने ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की. पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करने पर विशेष ध्यान दिया. किसी भी बड़े एग्जाम को पास करने के लिए सही रणनीति और निरंतर अभ्यास बेहद जरूरी होता है.कई बार निराश भी हुईं, लेकिन परिवार के सहयोग ने मनोबल बनाए रखा. पति और सास-ससुर ने हर कदम पर मेरा हौसला बढ़ाया."

डॉ. चेतना ने सी.एस.आई.आर. नेट में हासिल किया ऑल इंडिया 6वां रैंक (ETV Bharat)

"एचडी के बाद भी जरूरी था नेट क्वालिफाई करना": डॉ. चेतना पहले से ही पीएचडी कर चुकी हैं, लेकिन असिस्टेंट प्रोफेसर या लेक्चरर बनने के लिए नेट परीक्षा पास करना जरूरी था. इसलिए यह परीक्षा उनके लिए महत्वपूर्ण था. अब परीक्षा में शानदार रैंक हासिल करने के बाद उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही वे किसी कॉलेज या विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर काम करेंगी.

महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी चेतना: डॉ. चेतना ने खास तौर पर उन महिलाओं और लड़कियों को संदेश दिया जो शादी के बाद पढ़ाई छोड़ने का विचार कर लेती हैं. उन्होंने कहा कि शादी जीवन का अंत नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है. यदि परिवार का सहयोग मिले और आत्मविश्वास बना रहे तो शादी के बाद भी बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है. वहीं, उनकी सास अनिता देवी ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि, "बहू की कड़ी मेहनत रंग लाई है. हमारे पूरे परिवार को उस पर गर्व है."

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