सीआरपीएफ जोन लेवल क्रिकेट टूर्नामेंट: बीजापुर की टीम बनी रनर अप, पड़ोसी ओडिशा से मिली हार
सीआरपीएफ डीजी बीएस नेगी ने रनर अप टीम को बधाई दी. कहा, ड्यूटी के साथ खेल के मैदान में दम दिखाने वालों को सलाम है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : March 3, 2026 at 2:20 PM IST
बीजापुर: नक्सल मोर्चे पर लगातार चुनौतीपूर्ण अभियान, दूसरी ओर सीमित संसाधनों और समय के बावजूद खेल के मैदान में बेहतरीन प्रदर्शन करना किसी आम इंसान के बस की बात नहीं है. बीजापुर में तैनात सीआरपीएफ की 168वीं बटालियन के जवानों ने अपनी हिम्मत और जज़्बे से एक बार फिर साबित कर दिया कि वे हर मोर्चे पर देश का नाम रोशन करने में सक्षम हैं.
सीआरपीएफ जोन लेवल क्रिकेट टूर्नामेंट
इन दिनों देशभर में क्रिकेट का खुमार चरम पर है. इसी बीच सीआरपीएफ जोन लेवल क्रिकेट टूर्नामेंट में बीजापुर की टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन कर सभी का दिल जीत लिया. टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में बीजापुर की टीम को ओडिशा की टीम के खिलाफ 4 रनों से हार का सामना करना पड़ा. हालांकि परिणाम भले ही पक्ष में न रहा हो, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में बीजापुर के जवानों का प्रदर्शन शानदार रहा. कठिन परिस्थितियों में खेलते हुए टीम ने अनुशासन, टीम वर्क और जुझारूपन का बेहतरीन उदाहरण पेश किया.
खिलाड़ियों को किया गया सम्मानित
बीजापुर टीम को टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया. टीम के खिलाड़ियों को बेस्ट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट, मैन ऑफ द मैच, बेस्ट फील्डर और बेस्ट टीम जैसे सम्मान हासिल हुए. यह उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि जवानों ने न केवल भाग लिया, बल्कि पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाए रखा. इस अवसर पर सीआरपीएफ डीआईजी बी.एस. नेगी ने जवानों की जमकर सराहना की. डीजी ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र में तैनात होकर दिनभर ऑपरेशनल ड्यूटी निभाने के बाद सीमित समय में अभ्यास कर इस स्तर का प्रदर्शन करना बेहद सराहनीय है. उन्होंने बताया कि जवानों ने बेहद कम समय में खुद को टूर्नामेंट के लिए तैयार किया और अनुशासन व मेहनत के दम पर फाइनल तक का सफर तय किया.

खिलाड़ियों ने बताए अपने अनुभव
टूर्नामेंट में शामिल होने वाले खिलाड़ियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, शुरुआत में उनके पास अभ्यास का समय बेहद कम था. अधिकतर अभ्यास टेनिस बॉल से हुआ, जबकि टूर्नामेंट में लेदर बॉल से खेलना था. इसके बावजूद जवानों ने तेजी से खुद को ढाला और कुछ खिलाड़ियों ने शतक और अर्धशतक लगाकर टीम को ठोस शुरूआत दी. फील्डिंग में भी बीजापुर की टीम ने चुस्ती और फुर्ती का परिचय दिया.
खेल के मैदान में भी बने हीरो
जवानों का कहना है कि खेल न केवल शारीरिक फिटनेस को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक मजबूती भी देता है, जो नक्सल मोर्चे पर ड्यूटी निभाते समय बेहद जरूरी है. क्रिकेट के माध्यम से उन्हें तनाव से राहत मिलती है और टीम भावना को और मजबूती मिलती है. बीजापुर के जवानों का यह प्रदर्शन आने वाले समय में अन्य बलों के लिए भी प्रेरणा बनेगा.
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