अलवर में पहली बार हुआ इस दुर्लभ बीमारी का सफल ऑपरेशन, अगले ही दिन मरीज चलने-फिरने लगा
ईएसआईसी हॉस्पिटल में कई घंटे चला ऑपरेशन. रोगी दो साल से था परेशान...

Published : March 3, 2026 at 3:40 PM IST
अलवर: प्रदेश के अलवर शहर में अब जटिल एवं दुर्लभ बीमारियों के ऑपरेशन व इलाज संभव होने लगे हैं. शहर के औद्योगिक क्षेत्र स्थित ईएसआईसी हॉस्पिटल में पहली बार चिकित्सकों ने दुर्लभ बीमारी सेमिनल वेसिकल सिस्ट का सफल ऑपरेशन किया. यह ऑपरेशन जटिल होने के कारण कई घंटे चला और राहत की बात यह कि मरीज ऑपरेशन के अगले ही दिन स्वस्थ होकर चलने-फिरने लगा.
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के मूत्र एवं गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. महेश सोनवाल ने बताया कि 42 वर्षीय लालचंद करीब दो साल से असहनीय दर्द से परेशान थे. उन्हें लंबे समय से पेशाब में रुकावट, बार-बार संक्रमण और मल त्याग के समय तेज दर्द होने की परेशानी थी. उन्होंने बताया कि मरीज लालचंद शुरुआत में इस समस्या को सामान्य समझकर नजरअंदाज करते रहे, लेकिन जब दर्द ज्यादा बढ़ने लगा तो उन्होंने जयपुर सहित कई बड़े अस्पतालों में जांच व इलाज कराया.
बड़े शहरों में जांच के बाद भी इस बीमारी की असली वजह सामने नहीं आ सकी. बाद में लालचंद ने अलवर के ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में परामर्श लिया. यहां मरीज की जांच और अल्ट्रासाउंड में पेशाब की थैली और मलाशय के बीच स्थित सेमिनल वेसिकल में पानी से भरी गांठ (सिस्ट) बनने का पता चला. उन्होंने बताया कि यही सिस्ट आसपास की नसों और नलिकाओं पर दबाव बनाकर मरीज की समस्या बढ़ा रही थी.
डॉ. सोनवाल ने बताया कि मरीज लालचंद को जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ईएसआईसी हॉस्पिटल में भर्ती कर ऑपरेशन किया गया, जो इस तरह का ऑपरेशन अलवर में पहली बार हुआ है. उन्होंने बताया कि यह ऑपरेशन बेहद संवेदनशील होने के कारण कई घंटों तक चला. इस बीमारी में संबंधित अंग शरीर के अत्यंत नाजुक हिस्से में स्थित होता है और जरा सी चूक होने पर मरीज को बड़ा नुकसान होने की आशंका रहती है.
उन्होंने बताया कि कई घंटों तक चले ऑपरेशन में डॉक्टरों की टीम ने मरीज के शरीर से सिस्ट को सफलतापूर्वक निकाला. डॉक्टर ने बताया कि ऑपरेशन के अगले दिन ही मरीज चलने-फिरने के साथ ही स्वस्थ होने लगा. सफल ऑपरेशन के बाद मरीज की पेशाब और मल त्याग से जुड़ी समस्याएं पूरी तरह खत्म हो गईं. उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के बाद कुछ दिनों तक मरीज को चिकित्सा के निगरानी में रखा गया.
इसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई. डॉ. सोनवाल ने बताया कि ऑपरेशन टीम में डॉ. महेश सोनवाल के साथ अमित यादव (जनरल सर्जन), एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. हेमंत यादव, डॉ.लोकेश मीणा, जूनियर रेजिडेंट, डॉ. सुरेन्द्र लाम्बा, डॉ. प्रियंका और नर्सिंग स्टाफ जितेन्द्र व बजरंग शामिल रहे.

