ओवरब्रिज में दरार, एप्रोच सड़क धंसी, आलीवारा में बह गई सड़क, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
बरगा रेलवे ओवरब्रिज का लोकार्पण 15 दिन पहले ही हुआ था. पहली ही बारिश में ब्रिज में लगभग 1 फीट चौड़ी दरार पड़ गई.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 7, 2026 at 2:01 PM IST
राजनांदगांव: करीब 22 करोड़ रुपए की लागत से बना और निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज पहली ही बारिश की परीक्षा में कमजोर साबित होती दिखाई दे रही है.
रेलवे ओवरब्रिज में दरार
सबसे गंभीर स्थिति बरगा रेलवे ओवरब्रिज की है, जिसका लोकार्पण महज 15 दिन पहले ही हुआ था. दो दिन की बारिश के बाद पुल के हिस्से में करीब आधा से एक फीट तक चौड़ी दरार पड़ गई, जबकि एप्रोच की डामरीकृत सड़क धंसकर दो हिस्सों में बंट गई. इससे पुल से आवागमन जोखिमपूर्ण हो गया है और दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है.
एप्रोच रोड का बुरा हाल
आलीवारा में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज की एप्रोच सड़क पहली ही बारिश में बह गई. सड़क क्षतिग्रस्त होने से आवागमन प्रभावित हुआ है और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
ग्रामीणों में आक्रोश
बरगा और आलीवारा, दोनों गांवों के ग्रामीणों में इस घटना को लेकर आक्रोश है. ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई, जिसका परिणाम पहली ही बारिश में सामने आ गया.
ग्रामीणों का गंभीर आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद पुल और सड़कें सुरक्षित नहीं हैं, जबकि अब लोगों को इसी खतरनाक ओवरब्रिज से होकर गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.
ये भ्रष्टाचार का साक्षात उदाहरण है. गांव वालों को आवाजाही में बहुत परेशानी हो रही है. शासन प्रशासन ध्यान नहीं देगा तो हम चक्काजाम करेंगे-रघुनाथ, ग्रामीण, बरगा
अधिकारी और नेता ने मिलकर भ्रष्टाचार किया है. सर्विस रोड खराब है. किसानों के खेत में पानी भर रहा है. धान कैसे बोएंगे. कभी भी बड़ी घटना हो सकती है-मनीष देवांगन, जिला अध्यक्ष, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी
वहीं निर्माण एजेंसी और रेलवे का कहना है कि जांच के लिए तकनीकी टीम को जिम्मेदारी दी गई है, वो जांच के बाद वजह बताएगी. फिलहाल रास्ता चालू रखना प्राथमिकता है, इसलिए दरार भरी जा रही है. बारिश के बाद पूरा काम किया जाएगा.
बारिश में डामर का काम नहीं हो सकता है. सीमेंट डाल रहे हैं. रास्ता चालू रखना है. टेक्निशियन बताएंगे कि दरार की वजह क्या है और ऐसा क्यों हुआ-राजेंद्र सिंघई, डायरेक्टर, घई कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड
दो भागों में तो नहीं बंटा है. ऊपर से क्रैक दिख रहा है, जो बारिश के दौरान हो जाता है. शिकायत आई है तो तत्काल में भरकर ठीक कर रहे हैं. बरसात के बाद पूरा काम किया जाएगा. जांच के लिए विशेष टेक्निकल टीम आ रही है, वो पूरा चेक करेगी-मिथिलेश कुमार, सहायक मंडल अभियंता
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कर निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

