राज्यसभा चुनाव को लेकर सीपीआई माले के राज्य सचिव की मांग, जल्द महागठबंधन की बैठक बुलाएं सीएम हेमंत सोरेन
राज्यसभा चुनाव को लेकर सीपीआई माले के राज्य सचिव मनोज भक्त से संवाददाता उपेंद्र कुमार ने खास बातचीत की.


Published : June 3, 2026 at 4:36 PM IST
रांची: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव होने वाला है. इसे लेकर महागठबंधन में शामिल सीपीआई माले की ओर से गठबंधन में शामिल सभी दलों की बैठक बुलाने की मांग की गई है. सीपीआई माले के राज्य सचिव मनोज भक्त ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तत्काल गठबंधन दलों की बैठक बुलाने की मांग की है.
कॉमरेड मनोज भक्त ने कहा कि राज्यसभा चुनाव को लेकर बहुत स्पष्ट है कि महागठबंधन के पास राज्यसभा की दोनों सीट जीतने के लिए पर्याप्त नंबर हैं. ऐसे में अगर संख्या बल नहीं होते हुए भी भारतीय जनता पार्टी अगर चुनाव मैदान में आ रही है तो उसकी मंशा ठीक नहीं लगती है. उन्होंने कहा कि ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को महागठबंधन के सभी दलों की औपचारिक बैठक जल्द बुलानी चाहिए, ताकि सभी दलों के बीच बात हो.
कॉमरेड मनोज भक्त ने कहा कि अभी तक कांग्रेस या झामुमो के नेताओं से राज्यसभा चुनाव को लेकर बैठक या बातचीत नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और झामुमो द्वारा उन्हें इग्नोर किया जा रहा है. हालांकि, आगे उन्होंने कहा कि वे यह आरोप नहीं लगा रहे हैं, बल्कि उनका कहना है कि इस जरूरत को समझा जाए कि अभी आपस में बड़ी एकता चाहिए, ये माहौल ठीक नहीं होगा. इससे भाजपा को मदद मिलेगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इसमें पहल करें.
मनोज भक्त ने कहा कि जो पार्टियां या लोग चाहते हैं कि संस्थाएं रहे, लोकतंत्र रहे और चुनाव का महत्व रहे, तो भाजपा को छोटा करके देखने की जरूरत नहीं है. क्योंकि सभी ने देखा है कि भाजपा की कोशिश खरीद-फरोख्त की राजनीति की रही है.
कॉमरेड मनोज भक्त ने कहा कि सभी दलों की आकांक्षा होती है कि उनके नेता राज्यसभा जाएं, हमारे पास भी बेहतरीन उम्मीदवार हैं. लेकिन इसके लिए सहमति बनानी होगी. पूर्व विधायक विनोद सिंह का नाम हमने उदाहरण के तौर पर लिया है. मनोज भक्त ने कहा कि हमारे पास सिर्फ दो ही विधायक हैं, ऐसे में सहमति बनानी होगी. इसलिए हम जल्द महागठबंधन दलों की बैठक बुलाने की मांग कर रहे हैं.
माले नेता ने कहा कि हमारी दिशा साफ कि हम भाजपा को झारखंड में मौका नहीं देना चाहते हैं. हम वैसा माहौल भी बनते नहीं देखना चाहते. उन्होंने आगे कहा हम गठबंधन में हैं तो भाजपा के निर्णायक लड़ाई के लिए ही हैं. मंत्री, विधायक या सरकार में शामिल होने के लिए सीपीआई माले गठबंधन में नहीं है, बल्कि भाजपा इस राज्य में ना बढ़ें. स्वभाविक है कि राज्यसभा चुनाव को लेकर हम भी चाहते हैं कि हमारा भी प्रतिनिधित्व राज्यसभा में हो.
कॉमरेड मनोज भक्त ने कहा हम सहयोगी दलों की एक्टिविटी पर नजर बनाए हुए. अभी समय है. 08 जून से पहले सीपीआई माले की प्रदेश इकाई बैठक कर हम फैसला लेंगे. माले राज्यसभा चुनाव में अपनी भागीदारी जरूर निभाएगा क्योंकि उनकी प्राथमिकता हर हाल में भाजपा की हार है.
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