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भिवानी में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ सीपीआईएम का प्रदर्शन, मूल्य बढ़ोतरी वापस लेने की मांग

पेट्रोल-डीजल के बढ़ोतरी के खिलाफ सीपीआईएम ने भिवानी में प्रदर्शन कर पीएम के नाम उपायुक्त को पत्र सौंपकर कीमतों में बढ़ोतरी वापस की मांग की.

CPIM PROTEST IN BHIWANI
पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों के खिलाफ सीपीआईएम का प्रदर्शन (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : May 30, 2026 at 3:48 PM IST

2 Min Read
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भिवानी: देश में आए दिन बढ़ रहे पेट्रोल और डीजल के दामों को वापिस लेने की मांग को लेकर सीपीआईएम ने भिवानी में प्रदर्शन किया. हाथों में झंडे-बैनर लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने शहर के विभिन्न चौराहों से होते हुए विरोध प्रदर्शन कर ईंधन के दामों को वापिस लेने की मांग की. इसके बाद सभी लोग प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा.

'बेरोजगारी और महंगाई में बढ़ोत्तरी होगी': सीपीआईएम नेता कामरेड ओमप्रकाश और मास्टर वजीर घणघस ने कहा कि "जिस प्रकार देश में पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम बढ़े हैं. उसका अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ेगा. ईंधन के दाम बढ़ने से अन्य वस्तुओं के दाम बढ़ेंगे, परिवहन महंगा होगा, इससे लोगों की क्रय क्षमता घटेगी. बेरोजगारी और महंगाई में बढ़ोत्तरी होगी. ऐसे में ईंधन के दामों को कम किया जाना चाहिए. ताकि देश की अर्थव्यवस्था बची रहे. वर्ष 2014 से अब तक केंद्र सरकार ने 75 लाख करोड़ के विभिन्न टैक्स इकट्ठे किए हैं."

पेट्रोल-डीजल की मूल्य बढ़ोतरी वापस लेने की मांग (Etv Bharat)

पेट्रोल कंपनियों को लाभ पहुंचा रही है सरकार: अब पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी. ऐसे में सरकार पेट्रोल कंपनियों को लाभ पहुंचा रही है. जिस समय क्रूड ऑयल के दाम सस्ते थे, तब भी पेट्रोल व डीजल के दामों को कम नहीं किया गया. ऐसे में उनक मांग है कि पेट्रोल-डीजल के दामों को कम किया जाए, ताकि आमजन को आसानी से ईंधन उपलब्ध हो सकें और उन पर महंगाई की मार ना पड़े.

CPIM PROTEST IN Bhiwani
सीपीआईएम ने मूल्य बढ़ोतरी वापस लेने की मांग की (ETV Bharat)

'नागरिकों को महंगाई से राहत दी जानी चाहिए': सीपीआईएम नेताओं ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि "उनकी विदेशी नीति सही नहीं है क्योंकि जब विश्व स्तर पर युद्ध शुरू हुआ. तब भारत की जिम्मेवारी बनती थी कि वह ब्रिक्स व शंघाई संगठन में युद्ध समाप्त करने को लेकर अपनी भूमिका निभाता और वैश्विक स्तर पर ईंधन की समस्या नहीं बनती." उन्होंने आरोप लगाया कि "प्रधानमंत्री खुद हैदराबाद और बड़ोदरा में पेट्रोल-डीजल कम खर्च करने, सोना न खरीदने और तेल से बनने वाले खाने वाले पदार्थो का प्रयोग कम करने की बात कहकर खुद विदेश चले जाते है. ऐसे में उनकी मांग है कि देश के नागरिकों को महंगाई से राहत दी जानी चाहिए."

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