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बेटी से दुष्कर्म करने वाले दोषी पिता को कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा, अब जेल में गुजरेगी जिंदगी

कोर्ट ने रेप का दोषी पाए जाने पर पिता को 20 साल की सजा सुनाई है.

Minor physical abuse
कॉन्सेप्ट इमेज (Photo-ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : January 15, 2026 at 9:49 AM IST

3 Min Read
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देहरादून: एयर फोर्स यूनिट में तैनात एक पिता को अपनी बेटी से दुष्कर्म करने के आरोप में दोषी ठहराते हुए विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अर्चना सागर की अदालत ने 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही दोषी पर 25 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है.

बता दें कि 20 नवंबर 2023 को एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका पति एयर फोर्स यूनिट में तैनात है. महिला ने बताया था कि जब उसकी बेटी 5-6 साल की थी, तब से उसका पिता उसके साथ गलत काम कर रहा था. जैसे-जैसे बेटी बड़ी हुई आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म करना शुरू कर दिया. इसके बाद पुलिस ने 20 नवंबर 2023 को आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज उसे गिरफ्तार कर लिया गया था. पीड़िता ने कोर्ट में बयान दिए कि वह तीन भाई बहन हैं, जिसमें वह सबसे बड़ी है.

पीड़िता का दूसरा भाई स्पेशल चाइल्ड है और सबसे छोटा भाई गंभीर बीमारी से जूझ रहा है. आरोप लगाया कि जब वह छोटी थी तो पिता ने उसके साथ गलत व्यवहार किया. पीड़िता के पिता उसकी माता को बहुत मारते थे, जिससे वह डर गई थी. चौथी कक्षा में उसके पिता ने उसके साथ छेड़छाड़ की और चॉकलेट देकर उसे यह सीक्रेट रखना को कहा. जब उसका पिता गुजरात में ट्रांसफर हुआ तब उसने उसके साथ दुष्कर्म किया.जब वह 12वीं कक्षा में गई तब उसकी मां एक सड़क हादसे में घायल हो गई और अस्पताल में भर्ती थी. इस दौरान पीड़िता के पिता ने फिर से उसके साथ दुष्कर्म किया.उसके बाद जब उसकी मां भाई का इलाज कराने दिल्ली गई, तब भी आरोपी ने देहरादून जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया.

परेशान होकर पीड़िता ने अपनी मां को इस बारे में बताया तो उसने तत्काल पुलिस में शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने 20 नवंबर 2023 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था. अभियोजन अधिवक्ता किशोर रावत ने बताया है कि अदालत में सभी दावा पेश करने के बाद पीड़िता के पिता को दोषी करार देते हुए 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही दोषी पर 25 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है और यदि वह अर्थदंड भुगतान नहीं करता है तो उसे अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी.

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