बहराइच में चचेरे भाई के हत्यारे को फांसी, झांसी में रेप के दोषी को उम्रकैद
यूपी की कोर्ट ने दो अलग-अलग मामलों में सुनाई सजा, जुर्माना भी लगाया.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 10, 2026 at 7:48 AM IST
|Updated : January 10, 2026 at 11:51 AM IST
बहराइच/झांसी: यूपी की अलग-अलग जिला कोर्ट ने दो मामलों में दोषियों को सजा सुनाई है. बहराइच में चचेरे भाई की हत्या के दोषी भाई को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है. वहीं, झांसी की कोर्ट ने मासूम से दुष्कर्म के मामले में युवक को उम्रकैद की सजा सुनाई है. साथ ही जुर्माना भी लगाया है.
क्या था मामला: बहराइच के नानपारा थाना क्षेत्र के ग्राम परसा अगैया के रहने वाले किशुन पुत्र राममिलन ने 23 मार्च 2023 को थाने में तहरीर दी थी. तहरीर में कहा था कि वह रिश्तेदारी के निमंत्रण में गए हुए थे. जब वह घर वापस आए तो उनके 10 वर्षीय बेटे विवेक वर्मा का शव खेत में पड़ा मिला. उनके बेटे के शरीर पर गंभीर चोट के निशान थे.
जब पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल की तो तीन लोगों को आरोपी बनाया. पुलिस ने बताया कि मामले में अनूप वर्मा निवासी ग्राम परसा अगैया व चिंताराम, जंगली के नाम सामने आए थे. अनूप ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे सत्यम की तबीयत आए दिन खराब रहती थी. इस पर तांत्रिक जंगली ने कहा कि अगर वह नरबलि देता है तो उसकी बेटे की तबीयत सही हो जाएगी. इसके बाद अनूप वर्मा व चिंता राम समेत अन्य लोगों ने मिलकर चचेरे भाई विवेक वर्मा की हत्या कर शव को खेत में ही फेंक दिया था.
मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था. इस पर करीब 2 साल चल ट्रायल के बाद चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील प्रसाद ने शुक्रवार को चिंताराम व जंगली को इन आरोपों में दोष मुक्त कर दिया. वहीं, इस मामले में अनूप वर्मा को दोषी पाते हुए कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई.
एडीजीसी क्रिमिनल सुनील कुमार जायसवाल ने बताया कि कोर्ट मुहर्रिर महिला हेड कांस्टेबल निशा यादव व पैरोंकार निसार अहमद की पैरवी के चलते आरोपी को सजा मिली. आरोपी को मृत्यु दंड के साथ एक लाख रुपये का अर्थ दंड भी लगाया गया है. अर्थदंड अदा न करने पाने पर 1 वर्ष की साधारण कारावास की सजा सुनाई गई है.
झांसी की कोर्ट ने सुनाया ये फैसला: झांसी में तीन वर्ष पहले मासूम के साथ हुए दुष्कर्म मामले में जिला कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है. कोर्ट ने सुमित अहिरवार को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है. साथ ही 1 लाख 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

