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ये लीजिए.. बिहार में कोर्ट ने कलेक्ट्रेट की कुर्की जब्ती का दे दिया आदेश, कहा- 15 दिनों में स्टेटस बताएं

औरंगाबाद की अदालत का कड़ा संदेश आया है. आदेश लागू नहीं होने की स्थिति में कलेक्ट्रेट की कुर्की जब्ती होगी. पढ़ें खबर

Aurangabad court
औरंगाबाद न्यायालय (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : February 20, 2026 at 6:53 PM IST

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औरंगाबाद : बिहार में औरंगाबाद अदालत के फैसले से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है. मामला अदालत द्वारा कलेक्ट्रेट की कुर्की जब्ती के आदेश देने से सम्बंधित है. अदालत द्वारा दिए गए एक आदेश का पालन नहीं होने की स्थिति में यह आदेश जारी हुआ है. मामला भूमि अधिग्रहण के मुआवजे से जुड़ा है.

कलेक्ट्रेट की कुर्की जब्ती का आदेश : जिले में भूमि अधिग्रहण में मुआवजे के भुगतान में विलंब होने से सिविल जज खफा हैं. इसे लेकर न्यायिक आदेश की लगातार अवहेलना पर औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के सिविल जज (सीनियर डिवीजन प्रथम) डॉ दीवान फहद की अदालत ने सख्त रूख अपनाया है. अदालत ने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने पर औरंगाबाद डिस्ट्रिक्ट कलेक्ट्रेट को कुर्क करने का यह आदेश जारी किया है. अदालती आदेश के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है.

Aurangabad Collectorate
औरंगाबाद कलेक्ट्रेट (ETV Bharat)

कार्रवाई कर रिपोर्ट न्यायालय में देने का आदेश : मामले को लेकर दिए आदेश में अदालत ने साफ तौर से कहा है कि कि डिक्री यानी न्यायालय के पूर्व फैसले का अनुपालन नहीं किया गया है. जबकि संबंधित विभाग को पर्याप्त समय दिया गया था. इसके बावजूद मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया गया है. अदालत ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए कोर्ट के नाजिर को निर्देश दिया कि 15 दिनों के भीतर कुर्की की कार्रवाई कर रिपोर्ट न्यायालय में समर्पित करें.

क्या है पूरा मामला? : दरअसल, अदालत प्रशासन द्वारा मुआवजा भुगतान के लिए तारीख स्पष्ट नहीं करने पर कड़ा फैसला लिया है. भूमि अधिग्रहण के मुआवजे के भुगतान से जुड़े इस मामले में कोर्ट के आदेश के बावजूद डिक्रिधारी हरे कृष्ण प्रसाद को अब तक मुआवजा की राशि नहीं दी गई है. इसे लेकर कोर्ट द्वारा औरंगाबाद के जिला विधि शाखा को कई बार समय भी दिया जा चुका है.

''न्यायालय द्वारा शो-कॉज किए जाने के बावजूद मामले में जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया कि मुआवजा भुगतान कब किया जाएगा. यही वजह रही कि अदालत ने सख्त कदम उठाते हुए कुर्की का आदेश पारित किया है. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 09 मार्च निर्धारित की है.''- बृज प्रसाद सिंह, सरकारी अधिवक्ता

कानूनी प्रक्रिया के तहत ही आगे बढ़ा जाएगा- DM : ऐसे अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन कोर्ट के आदेश का पालन करता है या फिर मामला और गंभीर मोड़ लेता है. इस संबंध में औरंगाबाद डीएम अभिलाषा शर्मा ने बताया कि वे कोर्ट के आदेश की प्रति मंगा रही हैं. विधि शाखा से राय लेकर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. उन्होंने संकेत दिया कि प्रशासन इस मामले को कानूनी प्रक्रिया के तहत ही आगे बढ़ाएगा.

Aurangabad DM Abhilasha
औरंगाबाद डीएम अभिलाषा शर्मा (ETV Bharat)

न्यायिक सख्ती का बड़ा उदाहरण : कोर्ट का यह आदेश प्रशासनिक जवाबदेही और न्यायिक सख्ती का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है. यदि समय रहते मुआवजा भुगतान नहीं हुआ तो समाहरणालय की कुर्की की कार्रवाई जिले में एक ऐतिहासिक प्रशासनिक घटना बन सकती है.

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