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रेस कोर्स के पास स्थित झुग्गियों को खाली करने के मामले में BR कैंप के निवासियों को कोर्ट ने दिया 11 मार्च तक स्टे

दिल्ली हाईकोर्ट ने कुछ बिंदुओं के आधार पर नोटिस पर रोक लगाई. वहीं मस्जिद कैंप और डीआईडी कैंप के निवासियों को राहत नहीं दी गई.

दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : March 4, 2026 at 6:30 AM IST

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नई दिल्ली: दिल्ली में रेस कोर्स के पास स्थित झुग्गियों डीआईडी कैंप, मस्जिद कैंप और बीआर कैंप के निवासियों से छह मार्च तक झुग्गियां खाली कराने के लिए दिए गए नोटिस के मामले में एक नया मोड़ आ गया है. दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट ने तीन कैंप में से एक बीआर कैंप के निवासियों के झुग्गियां खाली करने पर 11 मार्च तक रोक लगा दी है. बाकी अन्य दो मस्जिद कैंप और डीआईडी कैंप के निवासियों को कोई राहत नहीं दी गई है. दिल्ली हाईकोर्ट ने जगह को खाली करने के मामले में इन लोगों को इन तीन कैंप में रहने वाले 717 लोगों को लैंड एंड डेवलपमेंट विभाग की ओर से 6 मार्च तक झुग्गियां खाली करने का नोटिस दिया गया था.

दरअसल, इन लोगों को सरकार की ओर से सावदा घेवरा स्थित डूसिब कॉलोनी में इन झुग्गियों को खाली करने के बदले फ्लैट दिए जा रहे हैं. लेकिन इन लोगों का कहना है कि वहां पर उस कॉलोनी में अभी तक बेसिक एमेनिटीज, साफ सफाई की व्यवस्था व अन्य सुविधाओं की कमी है, इसलिए इतनी जल्दी वह वहां शिफ्ट नहीं हो सकते. 6 मार्च तक झुग्गियों को खाली न करने को लेकर के बीआर कैंप के नोटिस मिलने वाले लोगों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर करके मामले में राहत की मांग की थी. मामले में याचिकाकर्ता और बीआर कैंप के प्रधान राकेश बंसल ने बताया कि हमारी याचिका पर न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की ओर से 11 मार्च तक स्टे दे दिया गया है.

बता दें कि, इन तीनों कैंप के रहने वाले लोगों का कहना है कि उनकी दो से तीन पीढ़ियां यहां पर रह चुकी हैं. वह वर्ष 1940 से यहां रह रहे हैं. अब एकदम से उनको इस तरह से हटाए जाने से और इतनी दूर भेजने से समस्या हो जाएगी. बच्चों के पेपर चल रहे हैं और होली का त्योहार भी है. इसलिए इतनी जल्दी झुग्गियों को खाली नहीं कराया जाना चाहिए. लेकिन दिए गए नोटिस में साफ कहा गया था कि अगर 6 मार्च तक यह खाली नहीं करते हैं तो इनको कार्रवाई करते हुए हटा दिया जाएगा. पहले भी इन लोगों को दो बार झुग्गियां खाली करने के लिए समय दिया गया था, लेकिन लोगों ने झुग्गियां खाली नहीं की थी. इसलिए अंतिम नोटिस देते हुए 6 मार्च का समय देकर खाली करने की चेतावनी दी गई थी.

कोर्ट ने इन बिंदुओं के आधार पर दिया स्टे

  • कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि रेस्पोंडेंट नंबर 3 डूसिब के वकील यह वेरिफाई करने के लिए कुछ समय चाहते हैं कि क्या पिटीशनर्स दूसरे अलॉटमेंट के लिए एलिजिबल हैं. वह यह पता लगाने और वेरिफाई करने के लिए इंस्ट्रक्शन्स लेने के लिए भी समय चाहते हैं कि सावदा घेवरा में पिटीशनर्स को दिए जा रहे दूसरे रहने की जगह में जरूरी सिविक एमेनिटीज, सैनिटेशन/पानी की फैसिलिटीज वगैरह हैं या नहीं.
  • रेस्पोंडेंट नंबर 3 डूसिब के वकील अनुज चतुर्वेदी ने कहा कि वह इस बारे में असल स्थिति रिकॉर्ड में रखने की कोशिश करेंगे और 09.03.2026 को या उससे पहले एक एफिडेविट फाइल करेंगे. इसे उसी हिसाब से फाइल किया जाए.
  • हालात को देखते हुए, पिटीशनर्स को उनकी मौजूदा जगह खाली करने के लिए दिया गया टाइम पीरियड 11.03.2026 तक बढ़ा दिया गया है. मामले को आगे के विचार के लिए 10.03.2026 को रोस्टर बेंच के सामने रखा जाए.
  • यह साफ किया जाता है कि ऊपर बताया गया एक्सटेंशन सिर्फ़ B.R. कैंप, रेस कोर्स, नई दिल्ली में रहने वाले पिटीशनर्स को दिया गया है.

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