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रामपुर में 2 पासपोर्ट मामले में अब्दुल्लाह आजम खान को कोर्ट ने किया बरी

अब्दुल्लाह आजम खान ने दो अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर 2 पासपोर्ट बनवाए और उसका यूज़ भी किया था.

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2 पासपोर्ट मामले में कोर्ट ने किया अब्दुल्लाह आजम खान को बरी. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : May 29, 2026 at 4:40 PM IST

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रामपुर: रामपुर की में चर्चित 2 पासपोर्ट मामले में समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व विधायक अब्दुल्लाह आजम खान को बड़ी राहत मिली है. MP-MLA सेशन कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को रद्द करते हुए अब्दुल्लाह आजम खान को बरी कर दिया है. आइए बताते हैं आखिर क्या है पूरा मामला और कोर्ट में क्या हुआ.

नासिर सुल्तान, अधिवक्ता, अब्दुल्ला आजम खान (Video Credit; ETV Bharat)

दरअसल शहर विधायक आकाश सक्सेना ने पूर्व में कोतवाली सिविल लाइंस में अब्दुल्लाह आजम खान के खिलाफ केस दर्ज कराया था. आरोप था कि अब्दुल्लाह आजम खान ने दो अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर 2 पासपोर्ट बनवाए और उनका इस्तेमाल किया. मामले में जांच के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था.

इस केस की सुनवाई MP-MLA मजिस्ट्रेट कोर्ट में चली थी, जहां से अब्दुल्लाह आजम खान को 7 साल की सजा सुनाई गई थी. इसके खिलाफ अब्दुल्लाह आजम खान ने सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की थी. आज उसी अपील पर सुनवाई करते हुए सेशन कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया और निचली अदालत के आदेश को निरस्त कर दिया.

कोर्ट के इस फैसले के बाद अब्दुल्लाह आजम खान और उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है. वहीं इस फैसले ने रामपुर की सियासत में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है.

अब्दुल्लाह आजम खान के अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने मीडिया से बातचीत में बताया कि ट्रायल कोर्ट की तरफ से दी गई 7 साल की सजा के खिलाफ सेशन न्यायालय में अपील दाखिल की गई थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है. उन्होंने कहा कि नीचे की अदालत का आदेश रद्द कर दिया गया है और अब्दुल्लाह आजम खान को बरी कर दिया गया है.

“यह 2 पासपोर्ट के नाम से मशहूर केस था. ट्रायल कोर्ट से 7 साल की सजा हुई थी. उसके खिलाफ हमने सेशन न्यायालय में अपील फाइल की थी. आज कोर्ट ने हमारी अपील अलाउ कर ली है और नीचे का आदेश रद्द कर दिया गया है.”

अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने बताया कि बचाव पक्ष की ओर से कोर्ट में यह तर्क रखा गया था कि पासपोर्ट में किसी प्रकार का फर्जीवाड़ा नहीं किया गया. पासपोर्ट में जन्मतिथि संशोधन के लिए बाकायदा आवेदन किया गया था और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नया पासपोर्ट जारी हुआ था. फिलहाल कोर्ट के इस फैसले के बाद अब्दुल्लाह आजम खान को बड़ी राहत मिली है. अब सबकी नजर इस मामले के विस्तृत फैसले पर टिकी हुई है.

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