परेशान विद्यार्थियों के लिए रांची विश्वविद्यालय प्रबंधन की पहल, काउंटरों की संख्या बढ़ाई गई और पेयजल की सुविधा बहाल
रांची यूनिवर्सिटी के परेशान विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने पहल की है.

Published : June 11, 2026 at 5:02 PM IST
रांचीः रांची विश्वविद्यालय में री-एडमिशन और अन्य शैक्षणिक कार्यों को लेकर छात्रों को हो रही परेशानियों को लेकर ईटीवी भारत में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी. जिसपर विश्वविद्यालय प्रबंधन हरकत में आया है. छात्रों की लंबी कतार, भीषण गर्मी में घंटों इंतजार और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर उठे सवालों के बाद अब परिसर में अतिरिक्त काउंटर की व्यवस्था की गई है. साथ ही विद्यार्थियों के लिए पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई है.
गौरतलब है कि नई शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालय लगातार नामांकन, परीक्षा, री-एडमिशन और अन्य प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करने का दावा कर रहा है. हालांकि जमीनी स्तर पर बड़ी संख्या में छात्रों को विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ रहा था. ईटीवी भारत की टीम ने मौके पर पहुंचकर छात्रों की समस्याओं को सामने लाया था. रिपोर्ट में दिखाया गया था कि कैसे छात्र-छात्राएं तेज धूप और उमस के बीच अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं. कई छात्राएं छोटे बच्चों को गोद में लेकर कतार में खड़ी नजर आई थीं.
विद्यार्थियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त काउंटर खोले गए
खबर प्रकाशित होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले पर संज्ञान लिया और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त काउंटर खोले गए. साथ ही पेयजल की व्यवस्था में भी सुधार हुआ है. इससे पहले एक ही काउंटर था. इस कारण विद्यार्थियों को परेशानी हो रही थी. वहीं अब कार्यों का विभाजन कर प्रक्रिया को तेज करने का प्रयास किया जा रहा है. इसके अलावा पेयजल की बेहतर व्यवस्था भी की गई है, जिससे गर्मी में छात्रों को राहत मिल रही है.
विद्यार्थियों ने पहल की सराहना की
विश्वविद्यालय पहुंचे कई छात्रों ने व्यवस्था में हुए सुधार पर संतोष जताया है. छात्रों का कहना है कि पहले घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद काम पूरा नहीं हो पाता था, लेकिन अतिरिक्त काउंटर खुलने से भीड़ कम हुई है और प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान हुई है. वहीं विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने भी माना कि छात्रों की संख्या अधिक होने के कारण दबाव बढ़ गया था. उनका कहना है कि समस्याओं को सामने लाने और विवि प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने में ईटीवी भारत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. कई कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने ईटीवी भारत का आभार जताते हुए कहा कि खबर प्रसारित होने के बाद ही व्यवस्था में सुधार देखने को मिला.
ऑनलाइन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत
हालांकि छात्रों का मानना है कि फिलहाल राहत जरूर मिली है, लेकिन भविष्य में विश्वविद्यालय की ऑनलाइन प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना होगा, ताकि विद्यार्थियों को बार-बार परिसर आने की जरूरत न पड़े. फिलहाल अतिरिक्त काउंटर और बेहतर सुविधाओं की व्यवस्था से छात्रों को काफी राहत मिली है और विश्वविद्यालय परिसर में पहले की तुलना में व्यवस्थाएं अधिक सुचारु नजर आ रही हैं.
ये भी पढ़ें-
रांची यूनिवर्सिटी में खुली ऑनलाइन व्यवस्था के दावों की पोल, तपती धूप और उमस में खड़े रहे छात्र

