छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस अध्यक्ष का काउंटडाउन, संगीता बनाम छन्नी में जोर आजमाइश, ढाई साल से पद है खाली
छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर तस्वीर साफ होने लगी है. पांच महिलाओं को इंटरव्यू के लिए दिल्ली बुलाया गया था.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 6, 2026 at 7:30 PM IST
रायपुर : छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस को नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने का इंतजार अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है. करीब ढाई साल से लंबित इस नियुक्ति को लेकर एक बार फिर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. आलाकमान ने पांच महिला नेताओं का इंटरव्यू लेकर संकेत दिए हैं. इस पर जल्द फैसला हो सकता है, लेकिन सवाल अब भी कायम है कि ताज किसके सिर सजेगा — संगीता सिन्हा, छन्नी साहू या फिर कोई नया चेहरा?
दिल्ली दरबार में हुआ इंटरव्यू, बढ़ी हलचल
प्रदेश महिला कांग्रेस के नए अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में मानी जा रही है. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से सोमवार को पांच प्रमुख महिला नेताओं को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था. इनमें विधायक संगीता सिन्हा, पूर्व विधायक छन्नी साहू, पूर्व विधायक लक्ष्मी ध्रुव, पूर्व विधायक ममता चंद्राकर और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तूलिका कर्मा शामिल रहीं. पार्टी सूत्रों के मुताबिक यह इंटरव्यू राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने लिया है.
दो नाम रेस से बाहर, दो में सीधी टक्कर
हाल ही में तूलिका कर्मा और ममता चंद्राकर को राष्ट्रीय संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. तूलिका कर्मा को राष्ट्रीय सचिव और ममता चंद्राकर को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है. ऐसे में इन दोनों के नाम प्रदेश अध्यक्ष की रेस से लगभग बाहर माने जा रहे हैं. अब मुकाबला मुख्य रूप से संगीता सिन्हा और छन्नी साहू के बीच ही माना जा रहा है.
गुटीय संतुलन में फंसा अध्यक्ष पद
संगीता सिन्हा को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खेमे का करीबी माना जाता है, जबकि छन्नी साहू को पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव खेमे का समर्थन मिलने की चर्चा है. ऐसे में यह नियुक्ति सिर्फ संगठनात्मक नहीं, बल्कि कांग्रेस के भीतर गुटीय संतुलन से भी जुड़ गई है. माना जा रहा है कि दोनों में से किसी एक खेमे को साधने के लिहाज से फैसला लिया जाएगा.
छन्नी साहू का नाम पहले से एआईसीसी में लंबित
दिलचस्प बात यह है कि छन्नी साहू का नाम करीब एक साल पहले ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से एआईसीसी को भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक उस प्रस्ताव पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया. अब फिर से नए सिरे से इंटरव्यू प्रक्रिया होने से इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है.
बीजेपी बोली कांग्रेस में गुटबाजी हावी
पूरे मामले को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है. प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पाण्डेय ने कहा कि महिला कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर सामने आया विवाद कांग्रेस के अंदरूनी लोकतंत्र पर सवाल खड़े करता है.
कांग्रेस महिलाओं के सम्मान की बात तो करती है, लेकिन जब नेतृत्व देने की बारी आती है तो फैसले बंद कमरों में सौदेबाजी से होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस में योग्यता और संघर्ष की बजाय गुटबाजी और चापलूसी को प्राथमिकता दी जाती है- शताब्दी पाण्डेय,प्रदेश प्रवक्ता बीजेपी
ढाई साल से खाली है अध्यक्ष की कुर्सी
गौरतलब है कि राज्यसभा सांसद फूलों देवी नेताम ने 7 जुलाई 2023 को महिला कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था.अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा था कि सात साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है और अब किसी दूसरी महिला नेता को यह जिम्मेदारी मिलनी चाहिए.हैरानी की बात ये है कि करीब ढाई साल बीत जाने के बाद भी न तो उनका इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार किया गया और न ही किसी नए अध्यक्ष की नियुक्ति की गई.तकनीकी रूप से आज भी वही प्रदेश अध्यक्ष बनी हुई हैं.
अब होगा फैसला या फिर बढ़ेगा इंतज़ार?
अब जब इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और दो नाम सबसे आगे चल रहे हैं, तो राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि पार्टी इस बार फैसला करेगी या फिर यह नियुक्ति भी पहले की तरह टल जाएगी.संगीता सिन्हा और छन्नी साहू में से किसे जिम्मेदारी मिलती है, या फिर कोई चौंकाने वाला नाम सामने आता है, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा.
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