रांची में कचरा प्रबंधन, मानसून तैयारी और जलजमाव समाधान पर निगम की बड़ी पहल, 20 वार्डों में चलेगा विशेष अभियान
रांची में कचरा प्रबंधन और जलजमाव समाधान पर निगम ने पहल की है.

Published : June 1, 2026 at 11:41 PM IST
रांचीः राजधानी रांची को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में रांची नगर निगम ने एक साथ कई महत्वपूर्ण पहल शुरू की है.
नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय वर्चुअल समीक्षा बैठक में गीले कचरे के पृथक्करण, बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देने, मानसून से पहले पेड़ों की छंटाई और पंचशील नगर में जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर अहम निर्णय लिए गए.
इस बैठक में नगर आयुक्त ने कहा कि शहर में उत्पन्न होने वाले गीले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से पृथक्करण और अधिकतम संग्रहण समय की आवश्यकता है. उन्होंने बताया कि गेल इंडिया लिमिटेड द्वारा स्थापित बायोगैस प्लांट के सफल संचालन और हरित ऊर्जा उत्पादन के लिए प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में पृथक जैविक कचरा उपलब्ध कराना जरूरी है.

इसी उद्देश्य से पहले चरण में शहर के करीब 20 वार्डों में शत-प्रतिशत कचरा पृथक्करण अभियान चलाया जाएगा. इन वार्डों में घर-घर जाकर गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र किया जाएगा. अभियान की सफलता के बाद इसे अन्य वार्डों में भी विस्तारित किया जाएगा.
नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के दौरान गीले और सूखे कचरे को किसी भी स्थिति में मिश्रित नहीं किया जाएगा. शहरभर में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण के लिए प्रेरित किया जाएगा. साथ ही सभी बड़े अपशिष्ट उत्पादकों (Bulk Waste Generators) और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों के साथ समन्वय स्थापित कर नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा.
मानसून को देखते हुए पेड़ों की छंटाई
इधर, मानसून को देखते हुए नगर निगम की हॉर्टिकल्चर शाखा ने पेड़ों की छंटाई और जोखिमपूर्ण पेड़ों को हटाने का अभियान तेज कर दिया है. मई माह में शहर के विभिन्न हिस्सों में 139 स्थानों पर पेड़ों की छंटाई तथा 46 सूखे या क्षतिग्रस्त पेड़ों को हटाने का कार्य किया गया. जून और जुलाई के लिए भी विशेष रोस्टर तैयार किया गया है, जिसके तहत शहर के 12 प्रमुख मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी और छंटाई का कार्य होगा. यह अभियान विद्युत विभाग के समन्वय से चलाया जा रहा है ताकि बिजली तारों के आसपास स्थित पेड़ों की सुरक्षित छंटाई सुनिश्चित की जा सके.
जलजमाव समस्या और स्थायी समाधान
वहीं, वार्ड संख्या-32 स्थित पंचशील नगर में जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी निगम ने युद्धस्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है. नगर आयुक्त के निरीक्षण के बाद 15 सफाई मित्रों की विशेष टीम को तैनात किया गया है. बड़े नालों की सफाई के लिए पोकलेन मशीन लगाई गई है और पिछले तीन दिनों में लगभग 30 ट्रैक्टर गाद निकालकर जल निकासी क्षमता बढ़ाई गयी है. क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण और नालियों पर बने अस्थायी ढांचों को हटाने की कार्रवाई भी जारी है.

नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा, स्वच्छ और हरित रांची का निर्माण केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है. इसमें नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है. यदि लोग घरों में गीले और सूखे कचरे को अलग रखें तो इससे न केवल शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि बायोगैस उत्पादन के माध्यम से हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा. साथ ही मानसून के दौरान जलजमाव और दुर्घटनाओं से बचाव के लिए निगम लगातार आवश्यक कदम उठा रहा है.
इसे भी पढ़ें- जलाशय पर बस गया पंचशील नगर, अब अतिक्रमण पर चलेगा निगम का डंडा
इसे भी पढ़ें- सफाई कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से शहर में गंदगी का अंबार, आश्वासन के बाद शुरू हो रही साफ-सफाई
इसे भी पढ़ें- शहरी स्वास्थ्य सेवा को मिल रही मजबूती, एक क्लिक पर मिल रही अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर की जानकारी

