नए साल के जश्न को लेकर कॉर्बेट प्रशासन का बड़ा एक्शन, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
न्यू ईयर जश्न को लेकर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : December 30, 2025 at 9:07 AM IST
रामनगर: नववर्ष और 31 दिसंबर के जश्न को लेकर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा सभी रिसॉर्ट, होटल कारोबारियों और आमजन के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की गई है. इस एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि कॉर्बेट क्षेत्र और उसके आसपास ध्वनि प्रदूषण को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पार्क वार्डन बिंदर पाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि न्यू ईयर और 31 दिसंबर के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक कॉर्बेट क्षेत्र में पहुंचते हैं, ऐसे में वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यह एडवाइजरी जारी की गई है.
बिंदर पाल सिंह ने बताया कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की सीमा से बाहर 500 मीटर तक का क्षेत्र राज्य सरकार की अधिसूचना के तहत साइलेंट ज़ोन घोषित है. पार्क वार्डन ने कहा कि कॉर्बेट सीमा से 500 मीटर के भीतर स्थित सभी रिसॉर्ट और होटल को तय समय और निर्धारित डेसिबल मानकों का सख्ती से पालन करना होगा, यदि कोई रिसॉर्ट या होटल नियमों के विपरीत तेज आवाज में डीजे, संगीत या अन्य ध्वनि उपकरणों का उपयोग करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का क्षेत्र बाघों के संरक्षण और संवर्धन के दृष्टिगत अत्यंत महत्वपूर्ण घोषित किया गया है. साथ ही, कॉर्बेट के आसपास के क्षेत्र एनिमल कॉरिडोर के रूप में भी बेहद संवेदनशील हैं. इसके अलावा, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अधिसूचित ध्वनि प्रदूषण ( नियमन एवं नियंत्रण) नियम-2000 (संशोधित वर्ष 2010) के अंतर्गत शोर-शराबे से जुड़ी कई गतिविधियों पर नियंत्रण और प्रतिबंध लगाया गया है. इन्हीं नियमों के तहत राज्य सरकार ने कॉर्बेट सीमा से बाहर 500 मीटर के क्षेत्र को शांत क्षेत्र घोषित किया है.

पार्क वार्डन बिंदर पाल सिंह ने बताया कि शांत क्षेत्र में प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक अधिकतम 50 डेसिबल तक ध्वनि की अनुमति है, जबकि रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक केवल 40 डेसिबल तक ही आवाज में संगीत या साउंड सिस्टम चलाया जा सकता है. कॉर्बेट प्रशासन ने सभी होटल, रिसॉर्ट संचालकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग करें, ताकि प्रकृति और पर्यावरण के साथ संतुलन बना रहे.
पढ़ें-नए साल पर उत्तराखंड में बर्फबारी के आसार, कोल्ड डे का भी अलर्ट, जानिए कैसे रहेगा प्रदेश का मौसम

