ETV Bharat / state

सहकारिता से बढ़ेगी किसानों की आय, विकसित छत्तीसगढ़ की नींव होगी मजबूत : छत्तीसगढ़ सीएम

सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने पर राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन आयोजित किया गया.

CHHATTISGARH CM VISHNUDEO SAI
विष्णुदेव साय (ETV Bharat Chhattisgarh)
author img

By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : July 4, 2026 at 11:52 AM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

रायपुर: नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय का गठन देश के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय है यह निर्णय 'सहकार से समृद्धि' के संकल्प को साकार करने वाला है.डबल इंजन की सरकार छत्तीसगढ़ में सहकारिता के माध्यम से किसानों, वनवासियों, महिला समूहों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. सीएम विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सहकारी सम्मेलन एवं सहकारी सप्ताह कार्यक्रम में ये बातें कही.

विष्णुदेव साय ने कहा " मैं किसान का बेटा हूं और बचपन से ही सहकारिता से मेरा गहरा रिश्ता रहा है. तभी से मुझे विश्वास था कि सहकारिता के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'सहकार से समृद्धि' का वही सपना धरातल पर साकार होता दिखाई दे रहा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रथम कार्यकाल में उन्हें राज्यमंत्री के रूप में साथ काम करने का अवसर मिला और उन्होंने किसानों के प्रति प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता और समर्पण को बहुत करीब से देखा है."

सीएम ने कहा किसानों के कल्याण के प्रति इसी प्रतिबद्धता के कारण प्रधानमंत्री ने कृषि मंत्रालय का दायरा बढ़ाते हुए उसका नाम 'कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय' किया, ताकि किसानों का समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता बने. सहकारिता किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भरता का सबसे प्रभावी माध्यम बन रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा मिली है और इसका लाभ सीधे किसानों एवं ग्रामीण परिवारों तक पहुंच रहा है.

CHHATTISGARH CM VISHNUDEO SAI
सहकारी संस्थाओं के स्टॉल में सीएम साय (ETV Bharat Chhattisgarh)

सीएम ने आगे कहा-केंद्र सरकार केवल कृषि ही नहीं बल्कि पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, वनोपज, मत्स्य पालन और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी सहकारिता को मजबूत कर रही है.राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में व्यापक बदलाव दिखाई देने लगे हैं. राज्य सरकार पशुपालन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है.

साय ने कहा कि पहले किसानों को खेती-किसानी के लिए 16 से 18 प्रतिशत दर पर ऋण लेना पड़ता था और भारी-भरकम ब्याज का बोझ उन्हें आर्थिक रूप से परेशान कर देता था. सहकारिता व्यवस्था और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से किसानों को बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश के 15 लाख से ज्यादा किसानों को 8 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिससे किसानों को खेती के लिए सुलभ वित्तीय सहायता मिल रही है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है.

सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूरे होना देश के लिए गौरव का विषय है. इस अवसर पर 29 जून से 06 जुलाई तक सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में सहकारिता के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सहकारिता का मूल उद्देश्य है.

CHHATTISGARH CM VISHNUDEO SAI
सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूरे होने पर कार्यक्रम (ETV Bharat Chhattisgarh)

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया. उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से किसानों का पंजीयन पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से किया जा सकेगा. सीएम ने उत्कृष्ट समितियों को सहकार प्रेरणा पुरस्कार दिया और संग्रहण वर्ष 2023 के 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए 162 करोड़ रुपये से ज्यादा की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि के वितरण का शुभारंभ भी किया.

जनमन योजना की सड़कें 3 महीने में ही उखड़ी! कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने दिया जांच का आदेश
कम मानदेय से नाराज कोटवारों का प्रदर्शन, शासकीय कर्मचारी का दर्जा और मानदेय बढ़ाने की मांग
कोलियारी में अतिक्रमण हटाने की तैयारी से हड़कंप, 50 मकानों पर नोटिस चस्पा